बच्चों की शिक्षा से समझौता नहीं करेगी सपा: गजाला लारी

- परिषदीय स्कूलों के विलय पर शिक्षकों में उबाल
गौरव कुशवाहा
देवरिया। प्रदेश सरकार द्वारा परिषदीय स्कूलों के विलय को लेकर उठाए गए कदम के खिलाफ शिक्षकों में आक्रोश गहराता जा रहा है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, लार इकाई के बैनर तले शुक्रवार को शिक्षकों ने खंड शिक्षा कार्यालय पर विरोध दर्ज कराते हुए सांसद रमाशंकर विद्यार्थी और समाजवादी पार्टी की वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक गजाला लारी को ज्ञापन सौंपा।
संघ के ब्लॉक अध्यक्ष डॉ. गोविंद मिश्रा और महामंत्री राजकपूर के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि परिषदीय विद्यालयों का एकतरफा विलय गरीब और वंचित तबके के बच्चों के भविष्य के साथ अन्याय है। इससे न केवल बच्चों की शिक्षा बाधित होगी, बल्कि हजारों रसोइयों और कर्मचारियों की आजीविका पर भी संकट मंडरा जाएगा।
इस मुद्दे पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पूर्व विधायक गजाला लारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, शिक्षा हर बच्चे का संवैधानिक अधिकार है। समाजवादी पार्टी किसी कीमत पर गरीबों के बच्चों की पढ़ाई नहीं छिनने देगी। अगर सरकार ने यह आदेश वापस नहीं लिया, तो समाजवादी पार्टी शिक्षा के अधिकार के लिए सड़कों पर उतरकर बड़ा जनांदोलन छेड़ेगी।
सांसद रमाशंकर विद्यार्थी ने भी शिक्षकों की भावनाओं का समर्थन करते हुए इस मुद्दे को संसद में उठाने का आश्वासन दिया। विरोध प्रदर्शन में धर्मेंद्र सिंह, संजय राव, अभिषेक सिंह, अविनाश गुप्ता समेत बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।
सरकार के इस कदम ने जहां शिक्षा व्यवस्था की नीतियों पर सवाल खड़े किए हैं, वहीं विपक्ष ने इसे गरीब और ग्रामीण भारत के खिलाफ एक “शोषणकारी फैसला” बताया है। शिक्षकों का कहना है कि यदि यह आदेश निरस्त नहीं किया गया तो प्रदेशव्यापी विरोध की लहर तेज की जाएगी।



