बिजली संकट पर बरहज में उबाल, सुधार न होने पर आंदोलन की चेतावनी

- भीषण कटौती से नाराज नगरवासियों और व्यापारियों की बैठक में बनी रणनीति
- सात दिनों में आपूर्ति दुरुस्त न होने पर तालाबंदी और आमरण अनशन का अल्टीमेटम
बरहज (देवरिया)। क्षेत्र में लंबे समय से जारी अघोषित बिजली कटौती और चरमराई आपूर्ति व्यवस्था के खिलाफ नगरवासियों और व्यापारियों का धैर्य अब जवाब दे गया है। भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट से बेहाल नागरिकों, व्यापारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एक आवश्यक बैठक कर विभागीय उदासीनता के विरुद्ध मुखर आंदोलन का शंखनाद कर दिया है।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सोमवार को तहसील दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को एक मांग पत्र सौंपकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया जाएगा। इसके साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि सात दिनों के भीतर विद्युत आपूर्ति में गुणात्मक सुधार नहीं हुआ, तो नागरिक सड़कों पर उतरने को बाध्य होंगे।
आंदोलन की रूपरेखा तय करते हुए वक्ताओं ने कहा कि विभागीय स्तर पर लगातार की जा रही उपेक्षा के कारण स्थानीय व्यवसाय और जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया है। तय रणनीति के अनुसार, निर्धारित समय सीमा में समाधान न होने पर चरणबद्ध तरीके से क्रमिक अनशन, आमरण अनशन और विद्युत उपकेंद्र पर तालाबंदी की जाएगी। इसके अलावा नागरिकों ने बिजली संकट को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के कार्यक्रमों और आगामी चुनावों के बहिष्कार का भी संकल्प लिया है।
बैठक को पूर्व चेयरमैन एवं संयोजक अजीत जायसवाल, पूर्व प्राचार्य प्रो. अजय कुमार मिश्र, सचिन सिंह और प्रदीप जायसवाल सहित कई लोगों ने संबोधित किया। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि अब कोरे आश्वासनों से बात नहीं बनेगी, प्रशासन को धरातल पर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करनी होगी। कार्यक्रम का संचालन विद्यानंद पांडेय ने किया। इस दौरान भारी संख्या में व्यापार मंडल के पदाधिकारी और नगरवासी एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए उपस्थित रहे।



