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पहले संन्यास से इनकार, महंत से मुख्यमंत्री बने योगी आदित्यनाथ, जन्मदिन पर जानिए जीवन के कुछ रोचक किस्से और कहानी

यूपी के मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ आज अपना 54वां जन्मदिन मना रहे है, इस अवसर पर पीएम मोदी समेत तमाम नेताओं के बधाई संदेश सुबह से ही आ रहे है। इतना ही नहीं यूपी के अलग अलग जिलों में सीएम योगी के जन्मदिन पर लोग बधाईया पूजा अर्चना कर रहे है।

अजय सिंह बिस्ट से योगी की राह

साल 1972 में उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में जन्मे अजय सिंह ने सांसारिक जीवन को त्याग कर महज 22 साल की उम्र में नाथ साम्प्रद्दाय के प्रासिद्ध गोरखनाथ मठ चले गए। जहा उनकी मुलाकात गुरु ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ से हुई।

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अजय सिंह बिष्ट के पिता उत्तरकाशी जिले के मशालगांव में एक फारेस्ट रेंजर के रूप में तैनात थे और माता सावित्री देवी एक गृहणी हैं,

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इस दंपती के परिवार में तीन बेटियां (पुष्पा बिष्ट, कौशल्या बिष्ट और शशि बिष्ट) और चार बेटे (मनेंद्र सिंह बिष्ट, अजय सिंह बिष्ट, शैलेंद्र सिंह बिष्ट और महेंद्र सिंह बिष्ट) हैं।

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गायों से गहरा लगाव रखने के कारण अजय स्कूल के बाद उन्हें चराने जाया करते थे।

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अजय सिंह बिष्ट ने शुरुआती शिक्षा थांगड़ के सरकारी प्राथमिक स्कूल से हासिल की, जो केवल 8वीं कक्षा तक था. इसके बाद 9वीं की पढ़ाई के लिए वह चमकोट और 10वीं के लिए टिहरी के गाजा स्थित सरकारी स्कूल में गए।

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इसके बाद अजय सिंह बिष्ट ने अपनी 11वीं और 12वीं की पढ़ाई के लिए ऋषिकेश के श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज गए। जहां उन्होंने पीसीएम (फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स) के साथ अंग्रेजी और हिंदी के सब्जेक्ट की पढाई की। अजय सिंह ग्रेजुएशन की शिक्षा के लिए कोटद्वार के पीजी गवर्नमेंट कॉलेज चले गए।

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स्नातक के दौरान ही उनका झुकाव अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और राम मंदिर आंदोलन की तरफ हुआ। बहुत कम लोग ये बात जानते है कि सीएम योगी अपने सन्यासी जीवन से पहले साइंस के एक कुशल छात्र भी थे उनकी रूचि विज्ञान में थी। लेकिन उनकी किस्मत को मंजूर था।

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योगी आदित्यनाथ को साल 1996 को पहली बार महंत अवैद्यनाथ के चुनाव प्रचार प्रबंधन का प्रभारी सौपा गया जब 1998 महंत अवैद्यनाथ ने सक्रिय राजनीति से संन्यास लिया तो योगी ने उनकी सीट गोरखपुर से अपना पहला लोकसभा चुनाव लड़ा और जीता।

अजय सिंह बिष्ट से योगी का सफर

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उच्च शिक्षा के लिए साल 1992 में ऋषिकेश के पंडित ललित मोहन शर्मा गवर्नमेंट पीजी कॉलेज चले गए लेकिन अपनी शिक्षा और परिवार को बीच में छोड़ कर अचानक अजय गोरखपुर चले जाते है और गोरखपुर के महंत अवैद्यनाथ को अपना गुरु मान लेते है।

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बताते है कि अपने पढ़ाई के दौरान अजय सिंह बिष्ट छात्र संघ से जुड़े जहा उनकी मुलाकात गोरखपुर के महंत अवैद्यनाथ से हुई थी तब से वह प्रभावित होकर सन्यासी जीवन अपनाने का फैसला किया। जहा से उन्हें योगी आदित्यनाथ का नाम मिला और अपनी इस यात्रा में वह असहधारण जीवन के नए सफर पर निकल पड़ें।

महंत से मुख्यमंत्री बने सीएम योगी आदित्यनाथ

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पहाड़ी गांव के साधारण छात्र अजय बिष्ट से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और देश के प्रमुख राजनेता बनने की यह यात्रा भारतीय राजनीती के दिलचस्प अध्याय में से एक है।

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उन्होंने दीक्षा के बाद राजनीती में कदम रखा और मात्र 26 साल की उम्र में 1998 में देश के सबसे युवा सांसद बन गए। लगातार रिकॉर्ड 5 बार (1998, 1999, 2004, 2009 और 2014) गोरखपुर का प्रतिनिधित्व भी किया है।

19 मार्च 2017 को ली पहली बार मुख्यमंत्री पद की शपथ

इसके बाद फिर उन्हें उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधत्व करने का मौका मिला। बता दें की सीएम योगी यूपी के 21 वे मुख्यमंत्री के रूप में साल 2017 में शपथ ली इतना ही नहीं वे यूपी के सबसे ज्यादा चर्चित नेताओं में से एक है वे दोबारा यूपी के मुख्यमंत्री के रूप में जनता के बहुमत के साथ साल 2022 में वापसी की।

यूपी का ब्रांड बने मुख्यमंत्री योगी

सीएम बनने के बाद यूपी में अपने सख्त प्रशासन और काम को लेकर योगी काफी चर्चा में बने रहते है इसके अलावा सीएम योगी बुलडोजर बाबा के नाम से भी फेमस है उनकी बुलडोजर वाली राजनीती को यूपी की जनता ने खूब सराहा और पसंद करती है। यूपी के मुखिया योगी हर जाति-धर्म और मजहब हर वर्ग के लोगों को साथ लेकर चलने वाले व्यक्तित्व के नेता और सेवक है सीएम योगी की बदौलत ही सीएम ने यूपी में अपने सफल चार साल सरकार के पूरे कर लिए है और अगले चुनाव के लिए तैयारी में जुट गए है इतना ही नहीं हाल ही में पश्चिम बंगाल के विधानसभा के चुनावों का स्टार प्रचारक बने थे योगी। उनके धुआधार प्रचार के चलते बीजेपी ने बहुमत से पश्चिम बंगाल में अपना परचम लहराया शानदार भाषण और विपक्ष पर कटाक्ष वाली निति के बदौलत ही उनके प्रति लोगों का सम्मान और प्यार बढ़ा है उनके प्रचार प्रसार मात्र से सत्ता का परिवर्तन हो जाता है और वे कुशल मुखिया के रूप में यूपी की सत्ता में बने हुए है।

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