सीजफायर नहीं बढ़ाना चहते ट्रंप, बोले- ‘बातचीत ठीक से नहीं हुई तो ईरान पर करेंगे भीषण बमबारी’

Israel US Iran War: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी सीजफायर के बीच बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने अमेरिकी न्यूज चैनल CNBC से ईरान के साथ मौजूदा हालात पर बात करते हुए दावा किया कि ईरानी अधिकारियों के पास बातचीत करने के अलावा कोई और चारा नहीं है। इस दौरान उन्होंने उम्मीद जताई कि ईरानी एक बेहतरीन समझौता कर लेंगे। राष्ट्रपति ने ट्रंप ने यह भी कहा कि वो उस सीजफायर को आगे नहीं बढ़ाना चाहते, जिसकी समय सीमा बुधवार को खत्म हो रही है। उन्होंने कहा, “हमारे पास इतना ज़्यादा समय नहीं है। अगर ईरान कोई समझौता कर लेता है, तो वह खुद को बहुत अच्छी स्थिति में ला सकता है।”
सेना कर रही है आदेश का इंतजार
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने CNBC से कहा, “हम पूरी तरह से तैयार हैं। हमारे पास बहुत सारा गोला-बारूद है, हर चीज बहुत ज्यादा मात्रा में है। हमने इस समय का इस्तेमाल अपने साजो-सामान को फिर से भरने के लिए किया है और शायद उन्होंने भी थोड़ा-बहुत साजो-सामान फिर से भरा होगा। हम आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं। सेना पूरी तरह से तैयार है और बस आदेश का इंतजार कर रही है।”
‘हमने युद्ध जीत लिया है’
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस दौरान यह भी कहा कि उनके पास एक बेहतरीन डील करने के लिए खूब सारा समय है। उन्होंने कहा कि मैंने 45 मिनट में वेनेज़ुएला पर कब्जा कर लिया। मैं वियतनाम बहुत जल्दी जीत लेता। हमने युद्ध पूरी तरह से जीत लिया है। काश आप वो बातचीत सुन पाते जो हमारी ईरानियों के साथ होती हैं। मैं एक अच्छी डील करना चाहता हूं। मैं ऐसे लोगों की जल्दबाजी में नहीं आना चाहता जो असल में देशद्रोही हैं।
ईरान के परमाणु ठिकानों को किया तबाह: ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में कहा कि उनकी सेना ने तेहरान के अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम के भंडार को पूरी तरह तबाह कर दिया है। इस हद तक कि खून का प्यासा ईरान अब ना तो उन तक पहुंच पा रहा है और ना ही उन्हें खोदकर निकाल पा रहा है। उन्होंने जून 2025 में ईरान की परमाणु सुविधाओं पर हुए हमले जिसे ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ के नाम से जाना जाता है की आलोचना करने के लिए फर्जी खबरें फैलाने वाले मीडिया पर भी जमकर निशाना साधा।
UN के जलवायु प्रमुख ने क्या कहा?
इस बीच संयुक्त राष्ट्र के जलवायु प्रमुख साइमन स्टीलने कहा है कि ईरान युद्ध ने दुनिया को महीनों और शायद आने वाले सालों तक ईंधन की बहुत ज्यादा कीमतों में फंसा दिया है। उन्होंने बर्लिन में कहा कि जेग की वजह से कीमतें बढ़ रही हैं, विकास दर घटा रही है, बजट को कर्ज के दलदल में और गहरा धकेल रही है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन और ईंधन की कीमतों में मची उथल-पुथल को दोहरी आफत बताया और कहा कि इस चुनौती से निपटने के लिए जलवायु सहयोग और स्वच्छ ऊर्जा में तेजी से निवेश की जरूरत है।



