विदेश

ट्रंप और बाइडेन को मारने की साजिश में फंसा पाकिस्तानी, रोते हुए कहा- ‘ईरानी जासूसों ने धमकाया था’

ब्रुकलिन: अमेरिका की एक अदालत में एक पाकिस्तानी नागरिक ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। आसिफ मर्चेंट नाम के 47 साल के इस शख्स पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन को मारने की साजिश रचने का आरोप है। कोर्ट में अपने बयान में आसिफ ने कहा है कि ईरान के जासूसों ने उसे ऐसा करने के लिए मजबूर किया था। उसने रोते हुए बताया, ‘मेरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई थी। मैंने मजबूरी में यह काम किया।’ मर्चेंट ने बुधवार को ब्रुकलिन की फेडरल कोर्ट में जूरी के सामने अपनी कहानी सुनाई। वह आतंकवाद और हत्या के लिए पैसे लेकर साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार है।

‘ट्रंप, बाइडेन और हेली पर था निशाना’

आसिफ ने कहा, ‘मेरे पास कोई और विकल्प नहीं था। मेरे परिवार को खतरा था।’ आसिफ मर्चेंट पहले बैंक में काम करता था। उसने कोर्ट को बताया कि अप्रैल 2024 में ईरान के एक हैंडलर ने उसे अमेरिका आने को कहा। हैंडलर ने कहा, ‘शायद किसी को मारना पड़ेगा। शुरू में नाम नहीं बताया, लेकिन बाद में तीन नाम बताए, डोनाल्ड ट्रंप, जो बाइडेन और निक्की हेली। उस समय ट्रंप और बाइडेन 2024 के चुनाव के सबसे बड़े उम्मीदवार थे।’ आसिफ ने बताया कि वह पहले से ही ईरान की मदद कर रहा था और उस पर लगे प्रतिबंधों की काट के तौर पर पैसे की लॉन्ड्रिंग का काम करता था।

‘मेरी पत्नी और बेटी ईरान में रहती हैं’

आसिफ मर्चेंट का हैंडलर ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स का सदस्य मेहरदाद यूसुफ था। उसने कहा, ‘यूसुफ ने मेरे परिवार पर दबाव डाला। मेरी पत्नी और बेटी ईरान में रहती हैं। एक दिन वह मेरे घर आया और हथियार दिखाकर धमकाया। मेरा परिवार खतरे में था, इसलिए मुझे यह करना पड़ा।’ जून 2024 में क्वींस के एक मोटल में हुई मुलाकात की वीडियो कोर्ट में दिखाई गई। उसमें आसिफ ने अंडरकवर FBI एजेंट्स से पूछा, ‘यह टारगेट है। यह कैसे मरेगा?’ लेकिन आसिफ ने कोर्ट में दावा किया कि वह जानता था कि यह साजिश कभी सफल नहीं होगी।

‘मुझे पता था कि मैं पकड़ा जाऊंगा’

आसिफ ने कहा, ‘मुझे पता था कि मैं पकड़ा जाऊंगा। मैं सफल नहीं होना चाहता था। मैंने यह काम मन से नहीं किया।’ उसने एजेंट्स को 5000 डॉलर दिए थे। मर्चेंट ने कहा, ‘किसी की हत्या इतने कम पैसे में कोई नहीं करता। इससे साबित होता है कि यह प्लान असली नहीं था। मैं पहले से ही पकड़े जाने के लिए तैयार था। मैं अमेरिकी सरकार को सब कुछ बताने वाला था। मैं ग्रीन कार्ड के लिए अप्लाई करना चाहता था। मैं सरकार को बताने वाला था।’ बता दें कि आसिफ को अगस्त 2024 में गिरफ्तार किया गया था, और तब से वह खुद को निर्दोष बताता आ रहा है। अगर वह केस में दोषी पाया गया तो उसे उम्रकैद हो सकती है।

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