उत्तर प्रदेशलखनऊ

NHM:मिशन निदेशक को कर्मचारी संघ ने लिखा पत्र, संविदा कर्मचारियों को यह सुविधा देने की उठाई मांग

लखनऊ। नेशनल हेल्थ मिशन में कार्यरत संविदा कर्मचारियों के पारस्परिक (म्यूचुअल) स्थानांतरण का रास्ता बीते दिनों साफ हो गया था। संविदा कर्मचारियों का स्थानान्तरण न हो पाना एक बड़ी समस्या थी, लेकिन एनएचएम की मिशन निदेशक डॉ. पिंकी जोवल के आदेश जारी करते ही इस समस्या का समाधान हो गया था, लेकिन अभी भी कई ऐसे कर्मचारी हैं जो स्थानान्तरण के लिए बनाये गये नियमों के चलते इस आदेश का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।

जिससे उनकी समस्या जस की तस बनी हुई है। उत्तर प्रदेश संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के महामंत्री योगेश उपाध्याय ने मिशन निदेशक को पत्र लिखकर अपील की है कि नियमों में कुछ बदलाव करने भर से बहुत से कर्मचारियों को इसका सीधा फायदा मिलेगा और वह पूरे मनोयोग से सरकार की मंशा के अनुरूप काम कर सकेंगे।

दरअसल, बीते दिनों पारस्परिक स्थानांतरण के संबंध में मिशन निदेशक ने आदेश जारी किया था। इस आदेश में पारस्परिक पुनर्नियुक्ति की बात की गई थी। मिशन निदेशक की तरफ से जारी आदेश में कहा गया था कि पारस्परिक  पुनर्नियुक्ति साल 2024-25 के लिए ही मान्य है। साथ ही संविदाकर्मी का अन्तिम मानदेय के साथ पारस्परिक  पुनर्नियुक्ति किया जायेगा। पारस्परिक पुनर्नियुक्ति के लिए आवेदन ऑनलाइन ही मान्य होंगे।

ऑनलाइन आवेदन 5 नवंबर से लेकर 30 नवंबर तक किया जा सकता है। जानकारों की माने तो संविदा में सीधे तौर पर स्थानान्तरण नही होता है, ब्लकि कार्य कर रहे कर्मचारी की पारस्परिक पुनर्नियुक्ति की जाती है। इस व्यवस्था के तहत दो ऐसे लोग आपसी सहमति पर एक दूसरे की जगह पर जा सकते हैं। यानी की अपनी तैनाती की जगह बदल सकते हैं।

इसी आदेश पर उत्तर प्रदेश संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ की तरफ से सुझाव भेजा गया है। जिसमें कहा गया है कि संघ द्वारा संविदा कर्मियों के लिए प्रतिवर्ष स्थानांतरण की मांग की जाती रही है। इसके तहत अनुरोध है कि भारत सरकार द्वारा दिए गए सुझावों पर विचार करते हुए संविदा कर्मियों के लिए स्थानांतरण नीति बनाई जाए, जिसमें रिक्त पदों पर भी स्थानांतरण का प्रावधान हो, ताकि इच्छुक कर्मियों को नियमित रूप से इसका लाभ मिल सके।

वर्तमान पारस्परिक पुनर्नियुक्ति नीति पर सुझाव

पत्र में कहा गया है कि जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि “ऐसे संविदाकर्मी, जिनका पूर्व में स्थानांतरण अथवा पारस्परिक पुनर्नियुक्ति हो चुका है, वे पुनः पारस्परिक पुनर्नियुक्ति के पात्र नहीं होंगे।” ऐसे कई कर्मी हैं, जो पहले से स्थानांतरण का लाभ लेकर अपने गृह जनपद के निकट किसी स्थान पर नियुक्त हैं। यदि इन्हें एक और अवसर प्रदान किया जाए, तो यह और बेहतर कार्य कर सकते हैं।

दो से अधिक कर्मियों के बीच स्थानांतरण 

पत्र मे यह सुझाव भी दिया गया है कि 15 अक्टूबर 2024 को जारी निर्देश में केवल दो कर्मियों के बीच पारस्परिक स्थानांतरण का प्रावधान है। इसमें संशोधन करते हुए इसे दो से अधिक कर्मियों के बीच भी लागू किया जाए, ताकि तीन या उससे अधिक कर्मी आपसी सहमति से स्थानांतरण कर सकें। इससे अधिक कर्मियों को स्थानांतरण का लाभ मिलेगा।

मानव संपदा पोर्टल पर जनपद चयन में सुधार की आवश्यकता

संघ की तरफ से जारी पत्र में कहा गया है कि मानव संपदा पोर्टल पर म्यूचुअल ट्रांसफर के दौरान जनपद चयन के बाद परिवर्तन की सुविधा उपलब्ध नहीं है। कई कर्मियों ने जानकारी के अभाव या त्रुटिवश गलत जनपद का चयन कर लिया है, जिसमें संशोधन की आवश्यकता है। इसके अलावा जनपद चयन के बाद पोर्टल पर साझा किए गए विवरण में कार्यक्रम का विवरण नहीं उपलब्ध है, जिससे म्यूचुअल ढूंढ़ने में अत्यधिक कठिनाई हो रही है। इसे साझा किया जाना चाहिए।

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