उत्तर प्रदेशलखनऊ

शीर्षस्थ अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों का प्रशिक्षण करा तकनीक से लैस करेगी योगी सरकार

  • प्रशिक्षण के लिए आईडीटीआर रायबरेली को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में किया जा रहा विकसित
  • नवागंतुक से लेकर शीर्षस्थ अफसरों को दिया जाएगा प्रशिक्षण, रिफ्रेशर कोर्स, नई योजनाओं व सुधारों पर होंगी कार्यशालाएं
  • प्रशिक्षण में तकनीकी उन्नयन, डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आदि पर विशेष जोर, तकनीक से लैस होंगे परिवहन विभाग के कर्मचारी
  • बस्ती के संभागीय परिवहन अधिकारी को बनाया गया नोडल अफसर
  • अपर परिवहन आयुक्त (प्रशासन) की अध्यक्षता में ट्रेनिंग सेल गठित, सात अधिकारियों का बना प्रशिक्षण प्रकोष्ठ

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने पर विशेष जोर है। इस संदर्भ में समय-समय पर बैठक कर वे परिवहन विभाग के अधिकारियों को दिशा-निर्देश भी देते हैं। विभागीय अधिकारी व कर्मचारी नवीनतम तकनीक से लैंस हों, इस पर भी उनका विशेष फोकस है। इसी क्रम में अब परिवहन विभाग के शीर्षस्थ अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों का प्रशिक्षण कराकर उन्हें तकनीक से लैस भी किया जाएगा। इसके लिए इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च (आईडीटीआर), रायबरेली को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है। परिवहन आयुक्त ने प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए अपर परिवहन आयुक्त (प्रशासन) की अध्यक्षता में ट्रेनिंग सेल का गठन भी किया है। वहीं बस्ती के संभागीय परिवहन अधिकारी फरीउद्दीन को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का नोडल अधिकारी बनाया गया है।

आरआई, पीटीओ, एआरटीओ, आरटीओ, डीटीसी, एटीसी समेत उच्च अधिकारियों का भी होगा प्रशिक्षण

परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह ने बताया कि इंस्टीट्यूट आफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एण्ड रिसर्च (आईडीटीआर) रायबरेली को “सेंटर आफ एक्सीलेंस” के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रयास है कि प्रदेश के परिवहन अधिकारियों के लिये स्थायी एवं आधुनिक प्रशिक्षण प्रणाली स्थापित की जा सके। यहां विभागीय अधिकारियों को नवीनतम् प्रौद्यौगिकी, डेटा आधारित नीति निर्माण, प्रवर्तन रणनीतियों और ई-गवर्नेंस आदि का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यहां सभी स्तर के अधिकारियों (आरआई, पीटीओ, एआरटीओ, आरटीओ, डीटीसी, एटीसी) आदि के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित होंगे। इसके साथ ही नवागंतुक अधिकारियों व कर्मचारियों के लिये प्रशिक्षण तथा विभाग में कार्यरत अधिकारियों/कर्मचारियों के लिये रिफ्रेशर कोर्स के साथ ही समय-समय पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित होंगे।

मोर्थ के निर्देशों के अनुरूप होगा पाठ्यक्रम

श्री सिंह ने बताया कि परिवहन अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए पाठ्यक्रम का विकास उत्तर प्रदेश की आवश्यकताओं, देश में परिवहन क्षेत्र में हो रहे बदलावों तथा सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MORTH) के निर्देशों के अनुरूप किया जायेगा। इसके अतिरिक्त वैश्विक स्तर पर परिवहन क्षेत्र में हो रहे नवीनतम विकास को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया जायेगा, जिससे अधिकारीगण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही नवीनतम जानकारियों से भी अवगत हो सकें।

एआई के बारे में भी दक्ष होंगे परिवहन विभाग के कर्मचारी

आईडीटीआर को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां परिवहन अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण, रिफ्रेशर, नई योजनाओं व सुधारों को लेकर कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी। प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में तकनीकी उन्नयन, डेटा एनाालिटिक्स, ऑर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) पर विशेष फोकस रहेगा। जिससे परिवहन प्रबंधन अधिक डिजिटल, कुशल व डेटा संचालित हो सके। स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट, स्वचालित ड्राइविंग परीक्षण प्रणाली, सड़क सुरक्षा विश्लेषण और ई-गवर्नेंस को प्रशिक्षण का अभिन्न अंग बनाया जाएगा। पाठ्यक्रम को व्यावहारिक अनुभव और केस स्टडी आधारित प्रशिक्षण मॉडल के अनुसार विकसित किया जायेगा, जिससे अधिकारी नीति निर्माण व प्रवर्तन प्रक्रियाओं को समझ सकें और उन्हें आधुनिक परिवहन चुनौतियों का प्रभावी समाधान भी मिल सकें। प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से परिवहन अधिकारियों को सड़क कर संग्रह, परमिट प्रणाली, प्रवर्तन तकनीकों और आधुनिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम पर नियमित प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे उनकी प्रशासनिक दक्षता में भी वृद्धि होगी।

प्रशिक्षण प्रकोष्ठ का किया गया गठन

प्रशिक्षण कार्यक्रमों को तैयार करने के लिए प्रशिक्षण प्रकोष्ठ (ट्रेनिंग सेल) का गठन किया गया है। सेल की अध्यक्ष अपर परिवहन आयुक्त (प्रशासन) होंगी। अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन), अपर परिवहन आयुक्त ( राजस्व), अपर परिवहन आयुक्त (सड़क सुरक्षा), अपर परिवहन आयुक्त (आईटी), परिवहन आयुक्त कार्यालय के वित्त नियंत्रक और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस आईडीटीआर रायबरेली के नोडल अधिकारी इसके सदस्य होंगे।

मुख्यमंत्री जी की मंशा के अनुरूप सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के साथ ही अधिकारियों व कर्मचारियों को नवीनतम तकनीक से लैस करने पर भी हमारा जोर है। इसके लिए विभाग के शीर्षस्थ अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों का प्रशिक्षण कराया जाएगा। इसी क्रम में लिए इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च (आईडीटीआर), रायबरेली को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है। अपर परिवहन आयुक्त (प्रशासन) की अध्यक्षता में ट्रेनिंग सेल का भी गठन किया है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का नोडल अधिकारी भी नामित कर दिया गया है।
– ब्रजेश नारायण सिंह, परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश

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