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8 करोड़ के मामले को दबाने को आधी रात ट्रांसफर करने का आरोप !

आईपीएस के पति ने खुद मार-पीट कर फंसाया

  • इनकम टैक्स कार्यालय में मारपीट का मामला  
  • आईआरएस अधिकारी ने किये चौकाने वाले खुलासे

लखनऊ। आयकर विभाग में दो आईआरएस अधिकारी आपस में भिड़ गए। दोनों अधिकारियों के बीच लम्बे समय से तनाव चल रहा था। सूत्रों के मुताबिक़ इस मामले में लखनऊ के विभूतिखंड में आठ करोड़ की लागत से बनाये गए इनकम टैक्स के नए ट्रेनिंग सेंटर के हॉस्टल में हुआ भ्र्ष्टाचार भी शामिल है। आरोप है कि इसे ही लेकर अधिकारी का तबादला किया गया। इस मामले में उन्होंने आरटीआई डालकर जवाब भी मांगा है। तबादला किये गए अधिकारी के आरोप यह भी हैं कि उन्हें परेशान करने के लिए उनसे जुड़ा एक वीडियो जानबूझकर दूसरे अधिकारी ने आईपीएस अफसर पत्नी के जरिये वायरल करा दिया।

जानकारी के मुताबिक़ चीफ इनकम टैक्स कमिश्नर शुक्रवार को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। छुट्टी लेकर उनसे मुलाक़ात करने उत्तराखंड से आये अधिकारी का दूसरे अधिकारी से एक कमिश्नर के कमरे में आमना-सामना हो गया। अधिकारियों की गप शप में ट्रांसफर हुए अधिकारी ने वीडियो वायरल करने का मामला उठा दिया। जिसके बाद दोनों अधिकारी में हाथापाई हो गई। यह पूरी घटना कमिश्नर के दफ्तर में लगे कैमरे में कैद हो गई।

इस मामले में एक अधिकारी ने उत्तराखंड में तैनात अधिकारी के खिलाफ जानलेवा हमला करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। जबकि उत्तराखंड में तैनात अधिकारी का कहना है कि पहले मारपीट लखनऊ में तैनात अधिकारी द्वारा शुरू की गई थी। बहरहाल घायल अधिकारी की तहरीर पर हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है। जबकि दूसरे अधिकारी ने पुलिस कमिश्नर को शिकायती पत्र भेज कर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले के जांच कर रही है।

जानकारी के मुताबिक, काशीपुर में तैनात ज्वाइंट इनकम टैक्स कमिश्नर योगेंद्र मिश्रा की डिप्टी इनकम टैक्स कमिश्नर एवं इनकम टैक्स लखनऊ में तैनात डीसी गौरव गर्ग से झड़प हुई। दरअसल, शुक्रवार को चीफ इनकम टैक्स अधिकारी विवेक मिश्रा सेवानिवृत्त हो रहे हैं। चीफ इनकम टैक्स कमिश्नर विवेक मिश्रा पर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड दोनों की जिम्मेदारी है। इस बीच काशीपुर उत्तराखंड में तैनात ज्वाइंट इनकम टैक्स कमिश्नर, चीफ इनकम टैक्स कमिश्नर विवेक मिश्रा से मिलने के लिए हजरतगंज स्थित लखनऊ मुख्यालय पहुंचे थे। जानकारी के मुताबिक़ यह पूरी घटना इनकम टैक्स कमिश्नर प्रशासन ऋचा रस्तोगी के चैंबर में हुई। इस दौरान उनके चैंबर में इनकम टैक्स कमिश्नर अपील शौर्य शाश्वत शुक्ल और डिप्टी कमिश्नर गौरव गर्ग मौजूद थे। इस दौरान काशीपुर से आये ज्वाइंट कमिश्नर योगेंद्र कुमार मिश्रा भी मौके पर पहुंच गए। जानकारी के मुताबिक़ सभी बैठकर बातचीत कर रहे थे,इसी दौरान यह विवाद हुआ। दोनों में हाथपाई हुई और डिप्टी कमिश्नर गौरव गर्ग को चोट आ गई।

जानिये दोनों अधिकारियो में क्यों है तनाव…!

इनकम टैक्स मुख्यालय पर हुई घटना दोनों अधिकारियों के बीच लम्बे समय से चले आ रहे तनाव के कारण हुई। आरोपी बनाये गए ज्वाइंट कमिश्नर योगेंद्र कुमार मिश्रा का कहना है कि दोनों कानपुर में साथ में तैनात थे। आरोप है कि गौरव गर्ग ने कानपुर में तैनाती के दौरान जमकर भ्र्ष्टाचार किया। इस मामले की शिकायत उन्होंने उस समय डीआई को लिखित रूप में भी दी थी। किसी तरह यह मामला गौरव गर्ग ने दबा दिया और मामला ठंडा हो गया। योगेंद्र कुमार मिश्रा का कहना है कि प्रोमशन के बाद उनका तबादला लखनऊ हो गया। उन्हें ट्रेनिंग विभाग में तैनाती दी गई। इस दौरान लखनऊ के विभूतिखंड में बनाई गई इनकम टैक्स की नवनिर्मित बिल्डिंग की जांच करवाकर सीपीडब्ल्यूडी से विभाग के कब्जे में लेने की जिम्मेदारी मिली।

योगेंद्र कुमार मिश्रा का कहना है कि जांच के लिए उन्होंने कमेटी गठित कर दी। योगेंद्र का कहना है कि बीते चार-पांच वर्षो में बिल्डिंग निर्माण के लिए लगभग आठ करोड़ रूपये आया था। जिसमें उच्च गुणवत्ता के सामान लगाने थे,किन्तु उनकी जांच कमेटी को बिल्डिंग निर्माण के दौरान हुए भ्र्ष्टाचार की जानकारी मिली। बिल्डिंग निर्माण सहित इंटीरियर,वायरिंग,जिम आदि में उच्च गुणवत्ता का सामान लागए जाने की बात कही गई थी,किन्तु मौके पर घटिया गुणवत्ता का सामान लगाया गया था। योगेंद्र कुमार मिश्रा का आरोप है कि यह सब भ्र्ष्टाचार जयनाथ वर्मा के समय में हुआ था। वर्तमान समय में वह डिप्टी कमिश्नर मुख्यालय के पद पर लखनऊ में तैनात हैं।

बिल्डिंग को बिना जांच कब्जे में लेने का बनाया दबाव!

योगेंद्र कुमार मिश्रा का आरोप है कि उन पर बिना जांच ही बिल्डिंग कब्जे में लेने का दबाव बना गया। योगेंद्र का आरोप है कि इसी बीच विभागीय मैच का आयोजन हुआ,नवनिर्मित बिल्डिंग में हुए भ्र्ष्टाचार से जुडी फाइलों को लेकर दबाव बनाने के लिए क्रिकेट ग्राउंड पर उनके साथ बुरा बर्ताव किया गया। इसे लेकर वह पिच पर धरने पर बैठ गए। इस घटना का विभागीय अधिकारियों ने वीडियो बना लिया। योगेंद्र का कहना है कि अधिकारियों के बीच आपसी बातचीत कर इस मामले को समाप्त कर दिया गया। मिश्रा का कहना है कि इस दौरान फरवरी 2025  में ट्रेनिंग सेंटर में परफॉर्मेंस ऑडिट आया। ट्रेनिंग सेंटर से जुडी फाइलें मांगी गई।

योगेंद्र का आरोप है कि अधिकारियों को यह डर था कि यह भ्र्ष्टाचार कहीं खुल न जाए,इसे लेकर डीसी गौरव गर्ग ने क्रिकेट मैच ग्राउंड पर हुई घटना का वीडियो अपनी आईपीएस पत्नी के जरिये कानपुर के एक स्टिंगर शिवा चावला से सोशल मीडिया पर वायरल करा दिया। आरोप है कि इस वीडियो को आधार बनाकर उनका तबादला आधी रात में उत्तराखंड के काशीपुर में कर दिया गया। कहना है कि मैंने किसी तरह स्टिंगर शिवा चावला का नंबर हासिल किया। अधिकारी का कहना है कि इस दौरान उन्होंने स्टिंगर से पूरी बात उगलवा ली। आरोप है कि स्टिंगर शिवा चावला ने इस दौरान उनसे पचास हजार रूपये चैरिटी कराने की बात कही। योगेंद्र मिश्रा का कहना है इस पूरे मामले की शिकायत उन्होंने प्रेस काउंसिल में सेक्शन 13 के तहत की है।

आधी रात किया ट्रांसफर,आरटीआई से मांगी जानकारी

योगेंद्र कुमार मिश्रा का दावा है कि उनका तबादला आधी रात को कर दिया गया। इस मामले में उन्हें अभी तक आधिकारिक तौर पर कोई पत्र नहीं मिला है। इस मामले की जानकारी उन्हें स्टिंगर के ट्विटर (एक्स) हैंडल से हुई। जिसमें स्टिंगर ने शिकायत पर तबादला करने की बात लिखी थी। योगेंद्र कुमार मिश्रा का कहना है कि उन्होंने इस मामले में आरटीआई डाली और आधी रात को तबादला किये जाने का कारण पूछा है।

विभागीय सूत्रों के मुताबिक़ इनकम टैक्स विभाग में सेकेयोरिटी और टैन्योर होता है,जिसके तहत बिना कमेटी बैठाये समय से पहले आईआरएस का तबादला नहीं किया जा सकता। इसमें अधिकारी के तबादला किये जाने के कारणों पर चर्चा होती है,दोष सिद्ध होने पर कार्रवाई होती है। उच्चाधिकारियों की इस कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाती है।

कमिश्नर-प्रशासन के कमरे में हुई घटना!

योगेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि यह घटना कमिश्नर प्रशासन ऋचा रस्तोगी के कमरे में हुई। योगेंद्र ने बताया कि वह चीफ इनकम टैक्स अफसर विवेक मिश्रा से मिलने के बाद कमिश्नर प्रशासन के कमरे में गए थे। कमिश्नर प्रशासन ऋचा रस्तोगी के साथ ही उनके चैंबर में इनकम टैक्स कमिश्नर अपील शौर्य शाश्वत शुक्ल और डिप्टी कमिश्नर गौरव गर्ग मौजूद थे। इस दौरान काशीपुर से आये ज्वाइंट कमिश्नर ज्वाइंट कमिश्नर योगेंद्र कुमार मिश्रा भी मौके पर पहुंच गए। योगेंद्र का कहना है उन्होंने उनके वायरल वीडियो को लेकर स्पष्ट रूप से गौरव गर्ग और उनकी आईपीएस पत्नी पर आरोप लगाते हुए सभी के सामने यह बात कही। योगेंद्र का आरोप है कि इस पर गौरव गर्ग उन पर भड़क उठे और पंजाबी में भद्दी गालियां देना शुरू कर दी।

योगेंद्र का कहना है कि उन्हें यह बुरा लगा तो उन्होंने गिलास उठाकर उसका पानी उनके मुंह पर फेंका,जिसके बाद वह आग बबूला हो गए और उठकर उन्हें थप्पड़ मार दिया। योगेंद्र का कहना है हम दोनों के बीच हाथापाई हुई,इसी बीच उनकी अंगूठी गौरव गर्ग के मुंह पर लग गई जिससे उन्हें चोट आई। योगेंद्र का कहना है कि उन्होंने किसी भी प्रकार से कोई जानलेवा हमला नहीं किया। यह दोनों के बीच हुई हाथापाई के दौरान हुआ। योगेंद्र का दावा है कि पूरी घटना कमिश्नर प्रशासन ऋचा गर्ग के चैंबर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।

इस पूरे मामले में डिप्टी कमिश्नर गौरव गर्ग का पक्ष जानने के लिए उनके मोबाईल पर फोन किया गया,किन्तु उनका नंबर बंद आया। वहीं व्हाट्सएप कॉल के जरिये सम्पर्क करने पर भी उनकी कोई प्रतिक्रया नहीं मिली। बहरहाल,पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक़ डिप्टी कमिश्नर गौरव गर्ग ने ज्वाइंट कमिश्नर योगेंद्र कुमार मिश्रा पर जानलेवा हमला करने का मुकदमा हजरतगंज कोतवाली में दर्ज कराया है । वहीं ज्वाइंट कमिश्नर ने पुलिस कमिश्नर को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

  • इस पूरे मामले में मैं मौके पर मौजूद था। लेकिन किसी भी प्रकार की जानकारी देने के लिए मैं अधिकृत नहीं हूँ।
    -शौर्य शाश्वत शुक्ला, इनकम टैक्स कमिश्नर अपील  
  • इनकम टैक्स अधिकारी योगेंद्र मिश्रा द्वारा अभी तक व्यक्तिगत रूप से कोई भी प्रार्थना पात्र प्राप्त नहीं हुआ है। घटना जिस स्थान पर हुई है उसका सीसीटीवी फुटेज एकत्र करने के लिए इनकम टैक्स कार्यालय से पत्राचार कर फुटेज मांगी गई है।
    आशीष श्रीवास्तव, डीसीपी मध्य,लखनऊ कमिश्नरेट

-इस मामले को लेकर हड़कंप मचा हुआ है। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने पूरे मामले को एक्स पर पसत करते हुए लिखा है कि ‘‘भाजपा सरकार में अब तक पुलिस बनाम पुलिस हो रहा था’, अब अधिकारी बनाम अधिकारी हो रहा है,लखनऊ में आईआरएस अधिकारी को बंधक बनाकर पीटा गया, इस पूरे मामले की जांच की जानी चाहिए, ऐसी घटना क्यों घटी,इसके सूत्र किससे जुड़े’

रिटायर्ड आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने की निष्पक्ष जांच की मांग!

रिटायर्ड आईपीएस और आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने दो बड़े इनकम टैक्स अफसर, योगेंद्र मिश्रा और गौरव गर्ग, की लड़ाई के मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनके पास योगेंद्र मिश्रा द्वारा गौरव गर्ग के कथित भ्रष्टाचार के संबंध में पूर्व में प्रेषित तमाम शिकायतीपत्र प्राप्त हुई हैं, जिनमें योगेंद्र मिश्रा ने गौरव गर्ग पर पद के दुरुपयोग और विभूति खंड, गोमती नगर स्थित इनकम टैक्स कार्यालय के निर्माण के मामले में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।

अमिताभ ठाकुर ने कहा कि उन्होंने इन समस्त संदर्भों को केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के अध्यक्ष को प्रेषित करते हुए अविलंब उनकी जांच कराते हुए समुचित कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार जिस महिला अफसर के कमरे में यह घटना घटी, उस कमरे और उसके आसपास तमाम सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। अतः उन्होंने यूपी के डीजीपी और पुलिस कमिश्नर लखनऊ को इस हाई प्रोफाइल मामले में सभी सीसीटीवी कैमरों को दिखाते हुए पूर्ण वैज्ञानिक ढंग से निष्पक्ष विवेचना कराए जाने की मांग की है, ताकि विवेचना में किसी भी प्रकार के पक्षपात का आरोप न लगे।

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