सर्वोच्च न्यायालय के मुकदमों का होगा ऑन-स्पॉट निपटारा, देवरिया मे समाधान समारोह को लेकर महा-अभियान, घर बैठे मोबाइल से भरें फॉर्म
विधिक सेवा प्राधिकरण ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर, 31 मई आखिरी मौका

गौरव कुशवाहा /देवरिया – कानूनी दांव-पेंच और तारीखों के अंतहीन सिलसिले से परेशान वादकारियों के लिए देश की सबसे बड़ी अदालत से राहत की एक बेहद सुलभ और व्यावहारिक खिड़की खुली है। भारत के सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार तथा उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सहयोग से जनपद में समाधान समारोह 2026 को लेकर एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। जनपद न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष धनेन्द्र प्रताप सिंह के कुशल मार्गदर्शन में इस विशेष मुहिम को धरातल पर उतारा जा रहा है, ताकि नई दिल्ली स्थित सुप्रीम कोर्ट में लंबित देवरिया जनपद के मुकदमों का स्थानीय स्तर पर ही आपसी सुलह-समझौते के जरिए स्थाई निस्तारण कराया जा सके। इस पूरी विधिक कसरत का उद्देश्य न्याय की प्रक्रिया को मुकदमों के बोझ से मुक्त कर आम आदमी के दरवाजे तक पहुंचाना है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव (सिविल जज-सीनियर डिवीजन) अर्चना-द्वितीय ने इस डिजिटल और प्रशासनिक अभियान की विस्तृत रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि संपूर्ण भारतवर्ष में शीर्ष अदालत के लंबित वादों को सौहार्दपूर्ण माहौल में समाप्त करने के लिए बीते 21 अप्रैल 2026 को इस ऐतिहासिक ‘समाधान समारोह’ का आगाज किया गया था। इस त्रिस्तरीय विधिक अभियान की अंतिम परिणति आगामी 21, 22 और 23 अगस्त 2026 को सर्वोच्च न्यायालय परिसर में आयोजित होने वाली विशेष लोक अदालत के साथ होगी। इस मुख्य आयोजन से पूर्व, वादकारियों की सहूलियत के लिए कलेक्ट्रेट स्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मध्यस्थता केंद्र (मीडिएशन सेंटर) और संबंधित पीठों के समक्ष प्री-सिटिंग (सुलह बैठकों) का दौर चलेगा, जहां प्रशिक्षित मध्यस्थ और विधिक विशेषज्ञ दोनों पक्षों को बिठाकर सहमति का रोडमैप तैयार करेंगे।
खोजी और प्रशासनिक नजरिए से इस अभियान का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा इसकी बेहद सरल और पारदर्शी डिजिटल आवेदन प्रक्रिया है। सचिव अर्चना-द्वितीय ने बताया कि जो वादकारी अपने सुप्रीम कोर्ट में लंबित मुकदमों को इस समाधान समारोह में शामिल कराना चाहते हैं, उनके लिए एक बेहद सुलभ गूगल फॉर्म तैयार किया गया है। यह डिजिटल फॉर्म सर्वोच्च न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट (https://www.sci.gov.in) पर सीधे उपलब्ध है।
इसके अलावा, आम लोग सीधे गूगल फॉर्म लिंक (https://forms.gle/pRWbif6wAPrcgMsZ8) के जरिए भी अपनी केस डिटेल दर्ज कर सकते हैं। इस विशेष लोक अदालत का लाभ उठाने के लिए डिजिटल फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 31 मई 2026 निर्धारित की गई है। समय-सीमा नजदीक होने के कारण विधिक सेवा प्राधिकरण की टीमें ग्रामीण अंचलों में भी इसका प्रचार-प्रसार कर रही हैं ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति इस अवसर से वंचित न रहे।
वादकारियों और विद्वान अधिवक्ताओं की सहायता के लिए देश की शीर्ष अदालत के स्तर पर एक वन स्टॉप सेंटर वॉर रूम भी स्थापित किया गया है। किसी भी प्रकार की तकनीकी अड़चन या जानकारी के लिए लैंडलाइन नंबर 011-23116464 और वॉर रूम इंचार्ज के नंबर 011-23115652, 011-23116464 पर सीधे संपर्क किया जा सकता है। इसके साथ ही सीआरपी निदेशक के हेल्पलाइन नंबर 011-23115652 व 011-23116465 भी जारी किए गए हैं। भौतिक रूप से संपर्क करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय के अतिरिक्त भवन परिसर के बी-ब्लॉक स्थित कक्ष संख्या 806 एवं 808 में सहायता काउंटर बनाया गया है। डिजिटल पत्राचार के लिए आधिकारिक ईमेल (speciallokadalat2026@sci.nic.in) पर भी संवाद किया जा सकता है। न्यायिक अधिकारियों ने जिले के सभी अधिवक्ताओं और वादकारियों से इस विधिक महा-कुंभ में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है, जिससे वर्षों पुराने मानसिक और आर्थिक तनाव का हमेशा के लिए खात्मा हो सके।



