रमजान का चांद दिखा, दी मुबारकबाद, इबादतें शुरू
रमज़ान का चांद दिखा पहला रोजा बृहस्पतिवार को

लखनऊ। माह ए रमजान के चांद का दीदार बुधवार को हो गया है। जैसे ही लोगों को पता चला कि रमजान का चांद हो गया है तो एक दूसरे को मुबारकबाद देकर सहरी की तैयारियां शुरू कर दीं। इसी के साथ ही इबादतों के दौर का आगाज हो गया है। इसके साथ ही मस्जिदों में नमाज-ए-तरावीह का दौर भी शुरू हो गया जो ईद का चांद दिखने तक जारी रहेगा। बुधवार को सहरी खाकर लोग पहला रोजा रखेंगे। माहे रमजान शुरू होते ही मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में रौनक बढ़ जाती थी, पुराने शहर के इलाकों के बाजार भी जगमगा उठे। रोजा रखने के लिए लोग सहरी और इफ्तारी के सामान की खरीदारी देर रात तक करते रहे । आज मुख्य रूप से बाजारों में विभिन्न प्रकार की खजूर, लच्छे, फल, चिप्स, आदि की खरीदारी के साथ नमाज के लिए टोपियां भी खरीदीं गईं। पुराने शहर के अकबरी गेट, नजीराबाद, मौलवीगंज, अमीनाबाद,खदरा, नक्खास आदि क्षेत्रों में लोग अपनी जरूरत के मुताबिक खरीदारी कर रहे थे। इन क्षेत्रों में सिंवई, लच्छे व खजूर के अलावा विभिन्न प्रकार की आकर्षक टोपियों की दुकाने सजी थीं।

मरकजी शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैय्यद सैफ अब्बास नकवी ने बुधवार को रमजान का चांद दिखने का एलान कर दिया है। उन्होंने बताया कि 19 फरवरी यानि बृहस्पतिवार को रमजान का पहला रोजा होगा। मौलाना बताया कि हजरत इमाम हसन (अ.स.) की यौम ए पैदाइश 15 रमजान यानी 5 मार्च को उन्नीसवीं रमजान का जुलूस 9 मार्च को और इक्कीसवीं रमजान का जुलूस व हजरत अली (अ.स.) शहादत की 11 मार्च को है। दोनों जुलूस शासन प्रशासन की अनुमति के बाद ही निकल सकेंगे। इसी तरह मरकज़ी चांद कमेटी फरंगी महल के सदर एवं इमाम ईदगाह मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने भी रमजान के चांद होने कि घोषणा कर दी है।



