चेतना विकास शिविर कार्यशाला

रायपुर। डाइट रायपुर में चेतना विकास मूल्य शिक्षा का पाँच दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ दिनांक 16/2/26 को सरस्वती माता के पूजन अर्चन से प्रारंभ हुआ कार्यक्रम की मुख्य प्रबोधक अनीता शाह दीदी रहीं जिन्होंने हमें इन पाँच दिनों में मूल्यों, जीवन, संबंध, विश्वास आदि के बारे हमें बहुत ही सरल व संतुलित ढंग से बताया।
उद्घाटन अवसर अपने उद्बोधन उन्होंने कहा कि हमें सुविधा अर्थात भौतिकवादी लक्ष्य को प्राथमिकता देने के स्थान पर समझ को प्राथमिकता देनी है जिससे हमारा जीवन सफल होगा।
प्राचार्य जुगल किशोर अग्रवाल ने स्वागत भाषण में कहा कि बदलते विश्व के साथ चलना जहाँ अनिवार्यता है वहीं हमें जीवन की समझ को बनाए रखने लिये उन मूल्यों को भी आत्मसात करना होगा।
पाँच दिवसीय कार्यक्रम में अलग अलग चरणों में विविध आयोजन हुए जिन सभी का उद्देश्य यह बताना था कि शिक्षा जगत में भले ही अनेक सकारात्मक बदलाव आएँ हैं, परंतु आज भी संवेदना की कमी नजर आती है। यदि हम केवल अपने भौतिकवादी लक्ष्यों को प्राथमिकता देते रहेंगे तो जीवन के महत्वपूर्ण लक्ष्य से पीछे रह जाएँगे जिसमें अपने आप को जानना, अपने हुनर को पहचानना, अपना स्वास्थ, आदि आवश्यक है जिसे लोग किनारे कर भूल जाते हैं।
इस कार्यशाला के द्वारा यह संदेश बच्चों तक पहुँचा कि हमारे अंदर आत्म -जागरूकता, समझ, और संवेदनशीलता के द्वारा विकास हो सकेगा यह मूल्य हमें अपने विचारों, भावनाओं, और कार्यों को समझने और उन्हें सकारात्मक दिशा में विकसित करने के लिए प्रेरित करते हैं।
इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक ने सभी के प्रति आभार करते हुए डॉ.अर्चना पाठक ने पाँच दिवस तक चलने वाले कार्यशाला को अपनी रचना के माध्यम से प्रस्तुत किया –
दुखियों का दुख दूर करे आदमी है वह।
इंसानियत से प्यार करे आदमी है वह।
उत्थान अरु पतन के चक्र घूम रहे हैं।
दोनों में सम का भाव रखे आदमी है वह।।
औरों का चूस- चूस कर वे ग्रहण कर रहे।
जो दूसरों को दान देता आदमी है वह।।
चेतना विकास शिक्षा हमको भा रहा।
दिल से जो स्वीकार करे आदमी है वह।।
मैं और शरीर जो हैं दोनों हैं अलग।
अलग-अलग समझ रखे आदमी है वह।।
पद वैभव पैसा में सुख खोज रहे हैं।
अंतस संतोष रखे आदमी है वह।।
शांति और सम्मान है मानव का स्वभाव।
ज्ञान के जो पथ पे चले आदमी है वह।।
लौ अनंत चेतना के प्रकाश में।
सह अस्तित्व संग रहे आदमी है वह।।
संबंध समाधान विश्वास आधार।
मूल्य जागे अंतर्मन आदमी है वह।।
छोटा न बड़ा है कोई सब में एक जीव।
सह अस्तित्व पथ पे चले आदमी है वह।।
हृदय का विज्ञान जगे मूल्य शिक्षा से।
जीवन विद्या को जाने आदमी है वह।।
चेतना विकास से ही सुख का मार्ग है।
फूल जो समझ का खिले आदमी है वह।।
सह-अस्तित्व में वजूद ढूँढ रहा है।
गलती पर अंकुश लगाए आदमी है वह।।
कहने में क्या रखा है यहाँ कहना सत्य है।
अर्चना दिल से प्यार करे आदमी है वह।।
इस कार्यशाला में उप प्राचार्य संगीता यादव, एस सीईआरटी से जीवन विद्या से जुड़े सहायक प्राध्यापक के. के. साहू , श्रीमती उमा साहू ,एस. के.जैन वरिष्ठ सहायक प्राध्यापक, ज्योति वैद क्रीड़ा अधिकारी, एम.आर. साहू सहायक प्राध्यापक, देवचरण देवांगन व्याख्याता ,कविता तनवानी, रिद्धिमा तनवानी, गौरी कांता साहू ,मीना अग्रवाल, डॉक्टर संकेत ठाकुर,आदि। बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।



