पंजाबराज्य

डॉ. रवजोत सिंह ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. आर. नायडू से की मुलाकात; फंसे हुए पंजाबियों के लिए बचाव उड़ानें शुरू करने की मांग

चंडीगढ़ / नई दिल्ली। मध्य पूर्व में बढ़ते टकराव के कारण बड़ी संख्या में पंजाबियों के फंसे होने के मद्देनजर एनआरआई मामलों के मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने आज केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. आर. नायडू से मुलाकात की। उन्होंने फंसे हुए लोगों की सुरक्षित और शीघ्र वापसी सुनिश्चित करने के लिए बचाव उड़ानें शुरू करने, विशेष विमान संचालित करने तथा हवाई किरायों में की गई वृद्धि पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा, “उड़ानों को पुनः शुरू करने और विशेष निकासी सेवाएं चलाने की तत्काल आवश्यकता है। हमारे लोगों को इस संकट की घड़ी में असहाय नहीं छोड़ा जा सकता।”

मध्य पूर्व में जारी चल रहे टकराव और क्षेत्रीय अस्थिरता के कारण प्रवासी पंजाबी समुदाय को हो रही कठिनाइयों पर प्रकाश डालते हुए डॉ. रवजोत सिंह ने कहा, “पंजाब की आबादी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा विभिन्न मध्य पूर्वी देशों में रहकर काम करता है। निर्धारित उड़ानों के रद्द होने से हमारे अनेक एनआरआई भाई-बहन वहां फंस गए हैं और उनके परिवार यहां गहरी चिंता में हैं।”

उन्होंने केंद्रीय मंत्री से सुरक्षित हवाई मार्गों पर संचालन बहाल करने हेतु एयरलाइनों के साथ समन्वय स्थापित करने और फंसे यात्रियों को वापस लाने के लिए विशेष उड़ानों की व्यवस्था करने की अपील की। उन्होंने कहा, “बहुत से महत्वपूर्ण रूट बंद कर दिए गए हैं, जिससे बड़ी संख्या में यात्री फंस गए हैं। उच्च तनाव वाले क्षेत्रों में फंसे लोगों या आपात स्थिति में घर लौटने के इच्छुक यात्रियों के लिए विशेष राहत एवं निकासी उड़ानों की तत्काल आवश्यकता है।”

हवाई टिकटों की बढ़ती कीमतों का मुद्दा उठाते हुए डॉ. रवजोत सिंह ने कहा, “उड़ानों की संख्या घटने के कारण कई एयरलाइंस किराए में भारी वृद्धि कर यात्रियों का शोषण कर रही हैं। मैं अनुरोध करता हूं कि इस संकट के दौरान नागरिकों के वित्तीय शोषण को रोकने के लिए इन रूटों पर किराया नियंत्रण लागू किया जाए।”

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भी बैठक के दौरान के. आर. नायडू से टेलीफोन पर बातचीत की और राज्य सरकार को बिना देरी के विशेष उड़ानों की व्यवस्था करने की अनुमति देने की अपील की, ताकि पंजाबियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री ने स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की और आवश्यकता पड़ने पर पंजाब को विशेष उड़ानें संचालित करने की अनुमति देने का अनुरोध किया।”

डॉ. रवजोत सिंह ने आगे बताया कि केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने आश्वासन दिया है कि पंजाब सरकार द्वारा उठाई गई चिंताओं पर प्राथमिकता के आधार पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पहले से ही इस मुद्दे पर कार्य कर रही है, क्योंकि कई राज्यों के नागरिक खाड़ी देशों में फंसे हुए हैं।

एनआरआई मामलों के मंत्री ने खाड़ी देशों से लौटने वाले पंजाबियों की सहायता के लिए आईजीआई हवाई अड्डे पर पंजाब सरकार द्वारा स्थापित सुविधा केंद्र का भी दौरा किया।

मंत्री ने बताया, “पंजाब सरकार ने फंसे हुए पंजाबियों की सहायता के लिए 24×7 हेल्पलाइन पहले ही शुरू कर दी है। प्रभावित परिवार 0172-2260042, 0172-2260043 पर संपर्क कर सकते हैं या व्हाट्सऐप नंबर +91 94787 79112 पर संदेश भेज सकते हैं। स्थिति की निगरानी के लिए एडीजीपी आर. के. जायसवाल की अगुवाई में एक उच्च स्तरीय टीम भी गठित की गई है।”

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पंजाबियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने जोड़ा, “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में हम इस संकट की घड़ी में अपने लोगों को हर संभव सहायता देने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं।”

इससे पहले डॉ. रवजोत सिंह ने राज्यभर के सभी जिलों के उपायुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की और विदेशों में फंसे पंजाबियों की सहायता के लिए जिला स्तरीय हेल्पलाइन नंबरों को प्रमुखता से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि “फंसे हुए पंजाबियों से संबंधित प्रत्येक पूछताछ का जिम्मेदारी और ईमानदारी से निपटारा किया जाए, ताकि समयबद्ध और प्रभावी सहायता सुनिश्चित की जा सके।” बैठक के दौरान पंजाब भवन, नई दिल्ली के प्रधान रेजिडेंट कमिश्नर डॉ. एस. करुणा राजू भी उपस्थित थे।

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