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UP में अपराधियों के लिए कहर बनी पुलिस : 2 दिनों में 35 पुलिस मुठभेड़, तीन अपराधी ढेर, 36 घायल, कई गिरफ्तार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस ने अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पिछले दो दिनों में मुठभेड़ की 35 कार्रवाइयां कीं तथा इस दौरान तीन कथित अपराधी मारे गए, 36 से अधिक घायल हुए और 60 से ज्यादा संदिग्ध गिरफ्तार किए गए। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने कहा कि यह कार्रवाई राज्य सरकार की ”अपराध को कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति” और संगठित आपराधिक गिरोहों के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा है।

उन्होंने बताया कि यह अभियान ऐसे समय में चलाया गया जब एनसीआरबी की ‘क्राइम इन इंडिया 2024’ रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश में अपराध दर प्रति एक लाख आबादी पर 180.2 है, जबकि राष्ट्रीय औसत 252.3 से कम है। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार छह और सात मई को मुजफ्फरनगर, हरदोई, मथुरा, बरेली, गोंडा, इटावा, श्रावस्ती, लखीमपुर खीरी, शामली, वाराणसी, फतेहपुर, कौशांबी, अमरोहा, रायबरेली, जौनपुर और मऊ समेत कई जिलों में मुठभेड़ हुईं।

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, ज्यादातर मामलों में आरोपियों ने भागने की कोशिश में पुलिस टीम पर गोली चलाई, जिसके जवाब में पुलिस ने कार्रवाई की। जवाबी फायरिंग में अधिकतर संदिग्धों के पैरों में गोली लगी। इन मुठभेड़ों में 36 आरोपी घायल हुए, जबकि 20 अन्य को तलाशी अभियानों में बिना चोट के गिरफ्तार किया गया। दो अलग-अलग घटनाओं में चार पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं, जिनकी हालत स्थिर है।

पुलिस के अनुसार सबसे ज्यादा सात मुठभेड़ मुजफ्फरनगर में हुईं, जहां 10 आरोपियों को गोली लगी और 11 अन्य गिरफ्तार किए गए। ये मुठभेड़ लूट, डकैती, मोबाइल छीनने और चोरी के मामलों से जुड़ी थीं। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों में कुछ की तलाश पंजाब पुलिस को भी थी और कई पर नकद इनाम घोषित था। पुलिस के मुताबिक मथुरा में बावरिया गिरोह के दो कथित सदस्य पप्पू उर्फ राजेंद्र और धर्मवीर उर्फ लंबू पुलिस मुठभेड़ में मारे गए। दोनों राजस्थान के रहने वाले थे।

वरिष्‍ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्लोक कुमार ने बताया कि ये आरोपी पिछले महीने एक परिवार को बंधक बनाकर लूट की वारदात में शामिल थे तथा उनपर 50,000 रुपये का इनाम था। कुमार ने कहा कि राजेंद्र 11 और धर्मवीर 16 आपराधिक मामलों में वांछित थे। उन्होंने कहा कि इस मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए। पुलिस ने बताया कि हरदोई में मुठभेड़ में कथित हिस्ट्रीशीटर मेनूर उर्फ मेहनुद्दीन को मारा गया।

पुलिस अधीक्षक (एसपी) अशोक कुमार मीणा ने बताया कि उस पर सात साल के बच्चे के अपहरण, यौन उत्पीड़न और हत्या का आरोप था। मीणा के अनुसार कन्नौज निवासी मेनूर पर एक दर्जन मामले दर्ज थे और 50,000 का इनाम था। एसपी के अनुसार वाहन चेकिंग के दौरान घेरने पर उसने गोली चलाई थी तब, जवाबी कार्रवाई की गयी। उनके मुताबिक इस मुठभेड़ में एक उपनिरीक्षक के हाथ में गोली लगी।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2017 से अब तक राज्य में पुलिस मुठभेड़ों में 272 अपराधी मारे गए और 11,000 से अधिक घायल हुए हैं। गैंगस्टर एक्ट के तहत 85,000 से ज्यादा आरोपियों पर कार्रवाई हुई, जबकि 977 पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाया गया। डीजीपी ने बृहस्पतिवार को जारी एक बयान में कहा कि एनसीआरबी के आंकड़े पुलिस के “लगातार प्रयासों” को दिखाते हैं, जिनमें आधुनिक थाने, ‘एंटी-रोमियो स्क्वॉड’, महिला हेल्प डेस्क और संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई शामिल है।

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