
आगामी सोमवार से संसद का मानसून सत्र शुरू होने वाला है। संसद सत्र में इस बार एक नहीं बल्कि 3-3 संविधान संशोधन बिल पेश हो सकते हैं। सरकार, इस बार पूरी तैयारी के साथ संविधान संशोधन बिल को पेश कर सकती है। ऐसे में कांग्रेस पार्टी भी अपनी रणनीति बनाने में जुटी है। दिल्ली में आज (गुरुवार को) कांग्रेस संसदीय दल की बड़ी बैठक हुई, जिसके बाद ऐलान किया गया कि कांग्रेस पार्टी, परिसीमन बिल का विरोध करेगी। ये बैठक सोनिया गांधी के नेतृत्व में 10 जनपथ पर हुई, जिसमें पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई दिग्गज मौजूद रहे।
सदन में परिसीमन बिल का विरोध करेगी कांग्रेस
कांग्रेस की संसदीय दल की बैठक के बाद जयराम नरेश ने कहा, ‘हमें पता चला है कि परिसीमन बिल लाया जाएगा, ऐसी खबर है। कांग्रेस पार्टी इसका विरोध करेगी। हम समान विचारधारा वाली दूसरी पार्टियों के साथ एकजुट होकर खड़े रहेंगे। सोनिया गांधी ने आज हमारी संसदीय रणनीति के लिए बैठक की अध्यक्षता की। इस बार कौन-कौन से बिल लाए जाएंगे, इस बारे में हमारे पास कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है। उम्मीद है कि रविवार को सर्वदलीय बैठक में हमें इसके बारे में पता चल जाएगा, लेकिन सरकार की तरफ से यह सिर्फ एक औपचारिकता होगी।’
सर्वदलीय बैठक को बताया महज औपचारिकता
जयराम रमेश ने आगे कहा,’सर्वदलीय बैठक सिर्फ एक औपचारिकता होती है। इसमें 35 नेता बोलते हैं, 4 लोग सुनते हैं और सिर्फ 2 लोग फैसला करते हैं और उसे जबरदस्ती लागू करवा देते हैं। हम उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार परिसीमन बिल लाने की कोशिश करेगी, क्योंकि 17 अप्रैल को 131वें संविधान संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान सरकार हार गई थी। हम इसका विरोध करेंगे और सभी विपक्षी दलों की एकता बनाए रखने की कोशिश करेंगे।’
सरकार के लगभग हर बिल का विरोध करेगी कांग्रेस
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ये कहा कि JPC में विपक्ष ने जिस बिल का बहिष्कार किया था- जिसमें सांसदों, विधायकों, मुख्यमंत्रियों और प्रधानमंत्री का कार्यकाल खत्म करने का प्रावधान था- हम उसका भी विरोध करेंगे। ‘एक देश, एक चुनाव’ पर भी चर्चा हुई। FCRA बिल का भी विरोध किया जाएगा। एक अहम बिल जिस पर चर्चा हुई, वह 2013 का खाद्य सुरक्षा कानून था, जिसके आधार पर PM अन्न योजना बनाई गई थी। चूंकि इसमें कुछ संशोधन प्रस्तावित हैं, इसलिए हम इसका पुरजोर विरोध करेंगे। ऐसा नहीं लगता कि हम इनमें से किसी भी बिल का समर्थन करेंगे।
कांग्रेस की बैठक में दिग्गज नेता रहे मौजूद
बता दें कि कांग्रेस संसदीय दल की इस बैठक में सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के अलावा राहुल गांधी, प्रियंका वाड्रा, केसी वेणुगोपाल, शशि थरूर, पी. चिदंबरम, कुमारी शैलजा और मनीष तिवारी समेत सभी सांसद मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में मानसून सत्र को लेकर रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।
परिसीमन बिल को लेकर रणनीति पर कांग्रेस ने की चर्चा
इस मीटिंग में खासकर परिसीमन बिल को लेकर चर्चा हुई क्योंकि पिछली बार तो कांग्रेस पार्टी परिसीमन बिल को संसद में रोकने पर सफल हो गई थी लेकिन इस बार लोकसभा का सिनेरियो काफी बदल चुका है। इसको लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मैराथन मीटिंग कर चुके हैं। पीएम आवास पर बीती रात करीब ढाई घंटे तक मीटिंग चली थी, जिसमें अमित शाह और नितिन नवीन भी मौजूद थे और अब कांग्रेस की बैठक हुई है।
क्या सरकार के पास हैं बिल पास कराने के लिए जरूरी नंबर?
गौरतलब है कि सरकार को बिल पास कराने के लिए 360 सांसदों की जरूरत होगी। सरकार अबतक 324 सांसद का इंतजाम कर चुकी है। वहीं, 8 सांसदों वाली शरद पवार की NCP भी हिंट दे चुकी है कि अगर 50 प्रतिशत वाले फॉर्मूले पर परिसीमन बिल आता है तो उसका NCP शरद गुट उसका समर्थन कर सकती है। DMK भी बिल को लेकर सरकार का समर्थन कर सकती है। ऐसे में ये आंकड़ा बढ़कर 354 तक पहुंच जाएगा। YSR और उद्धव के 3 सांसदों ने साथ दिया तो आसानी से सरकार परिसीमन बिल को पास करा लेगी।



