‘ऑपरेशन Cy-Vajra’ में यूपी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 773 साइबर अपराधी गिरफ्तार, 1,158 करोड़ की साइबर ठगी के लिंक मिले

उत्तर प्रदेश में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान ‘ऑपरेशन Cy-Vajra’ में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सात दिनों तक चले इस प्रदेशव्यापी अभियान के दौरान 773 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 673 आरोपियों को नोटिस देकर पाबंद किया गया। जांच के दौरान इन आरोपियों से जुड़े मामलों में करीब 1,158.70 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का खुलासा हुआ है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर साइबर अपराध मुख्यालय ने साइबर अपराध से जुड़ी इंटेलिजेंस रिपोर्ट तैयार की थी। इसके बाद पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने सभी पुलिस कमिश्नरेट और जिलों के अधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक कर कार्रवाई के निर्देश दिए। इसी क्रम में 7 जुलाई से 13 जुलाई 2026 तक पूरे प्रदेश में ‘ऑपरेशन Cy-Vajra-1’ चलाया गया।
865 नई FIR, 196 पुराने मामलों से जुड़े आरोपी
अभियान के दौरान गिरफ्तार और नोटिस देकर पाबंद किए गए आरोपियों के खिलाफ देशभर में 196 पुराने मुकदमों का लिंक मिला। वहीं, इनके विरुद्ध 865 नई एफआईआर दर्ज की गईं। महिलाओं और बच्चों के खिलाफ साइबर अपराध से जुड़े 23 नए मुकदमे भी दर्ज किए गए।
7,989 शिकायतों से जुड़े आरोपी, 3,866 म्यूल खातों पर कार्रवाई
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से संबंधित 7,989 शिकायतें नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज मिलीं। अभियान के दौरान 3,866 म्यूल बैंक खातों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जिनका उपयोग साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में किया जा रहा था।
17 अवैध कॉल सेंटर और 5 SIM Box पकड़े गए
ऑपरेशन के दौरान साइबर अपराध में इस्तेमाल हो रहे 17 अवैध कॉल सेंटर, 5 SIM Box और 11 अवैध सिम विक्रेताओं (PoS) के खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि इन माध्यमों का उपयोग बड़े स्तर पर ऑनलाइन ठगी और फर्जी कॉलिंग के लिए किया जा रहा था।
53 लाख रुपये नकद समेत बड़ी बरामदगी
अभियान के दौरान पुलिस ने साइबर अपराधियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में उपकरण और नकदी बरामद की। इनमें शामिल हैं…
उत्तर प्रदेश पुलिस के अनुसार ‘ऑपरेशन Cy-Vajra’ का उद्देश्य साइबर अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे बैंक खातों, मोबाइल कनेक्शन, SIM Box, अवैध कॉल सेंटर और अन्य डिजिटल नेटवर्क की पहचान कर उनके खिलाफ समन्वित कार्रवाई करना था। पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी इसी तरह इंटेलिजेंस आधारित अभियान चलाकर साइबर अपराध के संगठित नेटवर्क पर लगातार प्रहार किया जाएगा।



