पंजाबराज्य

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का बड़ी राहत का ऐलान: पंजाब में बनाए जाएंगे 10 लाख नए राशन कार्ड

चंडीगढ़, 21 जुलाई:

खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने तथा बिना किसी भ्रष्टाचार या पक्षपात के प्रत्येक जरूरतमंद परिवार तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज घोषणा की कि राज्य सरकार ‘न कैश, न सिफारिश’ के सिद्धांत पर आधारित पारदर्शी एवं तकनीक-संचालित प्रणाली के तहत 10 लाख नए राशन कार्ड जारी करेगी।

नए राशन कार्ड बनवाने तथा परिवार के नए सदस्यों के नाम जोड़ने के लिए आवेदन 22 जुलाई से शुरू होंगे। इस प्रक्रिया में समाज के कमजोर वर्गों को प्राथमिकता दी जाएगी। कुल  लाभार्थियों में से 7 लाख राशन कार्ड नए पात्र परिवारों को जारी किए जाएंगे, जबकि 3 लाख ई-श्रम पंजीकृत एवं प्रवासी मजदूरों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के दायरे में लाया जाएगा। राज्य में खाद्य एवं पोषण सुरक्षा को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से प्रत्येक नए लाभार्थी को 5 किलोग्राम गेहूं के साथ ‘मेरी रसोई पौष्टिक किट’ भी प्रदान की जाएगी।

प्रेस सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राशन कार्ड वितरण का यह अभियान ‘न कैश, न सिफारिश’ के दोहरे सिद्धांत पर आधारित होगा। उन्होंने कहा, “पंजाब राशन कार्ड प्रणाली में 10 लाख नए पात्र लाभार्थियों को शामिल कर रहा है, जो हाल के वर्षों में खाद्य सुरक्षा से जुड़ा सबसे बड़ा अभियान है। इनमें लगभग 3 लाख ई-श्रम एवं प्रवासी मजदूरों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत शामिल किया जाएगा, जबकि शेष 7 लाख पात्र परिवारों को नए आवेदन तथा मौजूदा राशन कार्डों में नए सदस्यों के नाम जोड़कर लाभ दिया जाएगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सुनिश्चित किया है कि यह पूरी प्रक्रिया भ्रष्टाचार और राजनीतिक प्रभाव से पूरी तरह मुक्त रहे। उन्होंने कहा, “आज पंजाब में सरकारी नौकरियां न पैसे से मिलती हैं और न ही सिफारिश से। इसी प्रकार अब राशन कार्ड भी न सिफारिश, न बिचौलियों और न ही रिश्वत के आधार पर जारी होंगे। प्रत्येक आवेदक का मूल्यांकन एक समान पारदर्शी एवं डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा, ताकि प्रत्येक पात्र परिवार को समान अवसर मिल सके।”

मुख्यमंत्री ने बताया कि आवेदन प्रक्रिया को सरल एवं सुविधाजनक बनाया गया है। उन्होंने कहा, “लोग ऑनलाइन, सेवा केंद्रों, कॉमन सर्विस सेंटरों अथवा जिला खाद्य कार्यालयों में आवेदन कर सकते हैं। प्रत्येक आवेदक को एसएमएस के माध्यम से रसीद प्राप्त होगी और वह अपने आवेदन की स्थिति भी ऑनलाइन देख सकेगा। आवेदन का लिंक खाद्य विभाग की वेबसाइट के होम पेज पर भी उपलब्ध रहेगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि राशन कार्ड जारी करने की पूरी व्यवस्था में व्यापक सुधार किया गया है ताकि पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा, “पहले मैनुअल सत्यापन और मनमाने निर्णयों के कारण भ्रष्टाचार की शिकायतें आती थीं और वास्तविक जरूरतमंद लोग वंचित रह जाते थे। अब डिजिटल सत्यापन, ऑनलाइन ट्रैकिंग, अंक-आधारित मूल्यांकन प्रणाली तथा पूर्ण पारदर्शिता के माध्यम से केवल पात्र परिवारों को ही लाभ मिलेगा।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जवाबदेही सुनिश्चित करने में तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा, “प्रत्येक आवेदन का घर-घर जाकर सत्यापन किया जाएगा, जिसमें जियो-टैग और टाइम-स्टैम्प आधारित निरीक्षण के साथ सरकारी डाटाबेस के माध्यम से एपीआई आधारित सत्यापन भी होगा। प्रत्येक स्वीकृति अथवा अस्वीकृति का पूरा डिजिटल ऑडिट किया जाएगा, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने समाज के सबसे कमजोर वर्गों को प्राथमिकता देने के लिए निष्पक्ष व्यवस्था अपनाई है। उन्होंने कहा, “पात्र आवेदकों को अंक-आधारित पारदर्शी प्रणाली के माध्यम से प्राथमिकता दी जाएगी। विधवाओं, दिव्यांग व्यक्तियों, वरिष्ठ नागरिकों, गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों, गंभीर बीमारियों से प्रभावित परिवारों, कच्चे मकानों में रहने वाले तथा कम आय वाले परिवारों को अधिक प्राथमिकता दी जाएगी।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से लाभार्थियों की खाद्य एवं पोषण सुरक्षा दोनों मजबूत होंगी। उन्होंने कहा, “प्रत्येक नए पात्र लाभार्थी को 5 किलोग्राम गेहूं के साथ ‘मेरी रसोई पौष्टिक किट’ भी मिलेगी। ‘मेरी रसोई’ योजना के तहत पहले से ही 32 लाख से अधिक परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। हमारी सरकार की प्रतिबद्धता है कि प्रत्येक पात्र परिवार को बिना रिश्वत और बिना सिफारिश उसका वैध अधिकार मिले।”

पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पहले कल्याणकारी योजनाओं का लाभ राजनीतिक संरक्षण के आधार पर दिया जाता था। उन्होंने कहा, “पिछली सरकारों ने केवल अपने चहेतों के ही राशन कार्ड बनाए। हमारी सरकार ने पक्षपात की जगह पारदर्शिता को अपनाया है। तकनीक यह सुनिश्चित करेगी कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक निष्पक्षता, ईमानदारी और बिना किसी भेदभाव के पहुंचे।”

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