
एसएएस नगर (मोहाली), 25 अक्टूबर:
दक्षिण कोरियाई पुरुष हॉकी टीम का साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) स्थित शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने पर शानदार पंजाबी अंदाज में स्वागत किया गया। इसके साथ ही एशियन चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी टूर्नामेंट-2026 में भाग लेने वाली सभी छह टीमें पंजाब पहुंच गई हैं। इस अवसर पर खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ का स्वागत ढोल की थाप, स्थानीय कलाकारों द्वारा भांगड़े की मनमोहक प्रस्तुतियों और रंग-बिरंगी फुलकारियों के साथ किया गया। इससे उन्हें पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और खुले दिल से मेहमानों का स्वागत करने की परंपरा की झलक देखने को मिली।
उल्लेखनीय है कि 27 अक्टूबर से 5 नवंबर, 2026 तक जालंधर के ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम और मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में आयोजित होने वाला यह टूर्नामेंट एशिया की शीर्ष हॉकी टीमों के बीच रोमांचक मुकाबलों का गवाह बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने टूर्नामेंट में भाग लेने वाले सभी देशों की टीमों के लिए विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे, सुचारु लॉजिस्टिक्स और गर्मजोशी भरे आतिथ्य को सुनिश्चित करने के लिए पुख्ता प्रबंध किए हैं।
दक्षिण कोरियाई दल 20 सदस्यीय टीम के साथ पहुंचा है। टीम में किम जैह्योंग और सोन तायमिन गोलकीपर के रूप में खेलेंगे, जबकि अन्य खिलाड़ियों में पार्क गियोनवू, जियोंग जंसीयोंग, गो सोंग हून, किम जैहो, सोन डेन, किम योंग बोक, चुन सेमिन, सोंग जियोंगसियोब, यू ह्योगुक, कोंग यूनहो, ओम जूनयोंग, क्वोन येचन, सोंग हायसोंग, बे सोंग मिन, हान सांगजुन, किम डेह्यून, चोई गाजिन और किम डोंगगियॉन शामिल हैं।
राज्य सरकार ने टीमों के आवास, परिवहन, सुरक्षा और अभ्यास संबंधी सुविधाओं के लिए पुख्ता प्रबंध किए हैं, ताकि पूरे टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों को सुचारु और यादगार अनुभव मिल सके। ये तैयारियां अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को प्रोत्साहित करने और खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रति पंजाब की प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं।
टूर्नामेंट में भाग लेने वाली सभी छह टीमें अब पंजाब पहुंच चुकी हैं, जिससे खेल प्रेमियों में प्रतियोगिता को लेकर उत्साह और उम्मीदें बढ़ गई हैं। आने वाले दिनों में दर्शकों को रोमांचक और कड़े हॉकी मुकाबले देखने को मिलेंगे। जालंधर और मोहाली में इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप की मेजबानी न केवल भारतीय हॉकी में पंजाब के स्थायी योगदान को और उजागर करेगी, बल्कि खेलों के प्रमुख केंद्रों के रूप में राज्य की प्रतिष्ठा और पहचान को भी मजबूत करेगी।




