प्रधानमंत्री की माताजी के अपमान पर समाजसेवी हरिराम जायसवाल ने जताई नाराजगी, बच्चों से राष्ट्रहित में सोचने की अपील

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परिवार के करीबी समाजसेवी हरिराम जायसवाल ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री की दिवंगत माताजी के प्रति कथित अपमानजनक टिप्पणियों पर गहरा दुख और नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति की दिवंगत माता के प्रति अपमानजनक भाषा का प्रयोग भारतीय संस्कृति और संस्कारों के विरुद्ध है।
हरिराम जायसवाल ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माताजी से कई बार मिलने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। उन्होंने कहा कि माताजी के 100वें जन्मदिवस पर उनसे अंतिम बार मुलाकात हुई थी और उसके कुछ समय बाद उनका निधन हो गया। उनके निधन के बाद लखनऊ में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई, जिसमें गरीबों को कंबल, कपड़े और अन्य आवश्यक सामग्री वितरित की गई तथा भोजन भी कराया गया।

उन्होंने कहा कि लखनऊ स्थित योग कायाकल्प ट्रस्ट के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। इस ट्रस्ट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परिवार का भी जुड़ाव रहा है और उनके भाई तथा भतीजी सोनलबेन मोदी ट्रस्ट से संबद्ध ट्रस्टी हैं।
हरिराम जायसवाल ने कहा कि आज के समय में कुछ युवा और बच्चे भटक रहे हैं। उनका मानना है कि विदेशी ताकतें और कथित विदेशी फंडिंग के माध्यम से युवाओं को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि समाज में विभाजन और देश में अस्थिरता पैदा की जा सके। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाओं का देश और विदेश दोनों जगह गलत संदेश जाता है तथा भारत की छवि प्रभावित होती है।

उन्होंने कहा कि भारत “वसुधैव कुटुम्बकम” और “सबका साथ, सबका विकास” की भावना पर चलने वाला देश है, जहां सभी धर्मों और समुदायों के लोग मिल-जुलकर रहते हैं। ऐसे में समाज को बांटने वाले किसी भी प्रयास से सतर्क रहने की आवश्यकता है।
समाजसेवी हरिराम जायसवाल ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने बच्चों को अच्छे संस्कार दें और उन्हें राष्ट्रहित, सामाजिक मर्यादा तथा भारतीय संस्कृति का महत्व समझाएं। उन्होंने कहा कि अच्छे संस्कार ही बच्चों को जिम्मेदार नागरिक बनाते हैं और परिवार का सम्मान बढ़ाते हैं।
उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे किसी भी प्रकार के प्रदर्शन या गतिविधि में शामिल होने से पहले उसके उद्देश्य और प्रभाव को समझें तथा देशहित को सर्वोपरि रखें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले वर्षों में देश ने अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है और युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए।



