स्वजातीय लोगों को बढ़ावा देने के लिए पीडीए समाज पर हो रहा अत्याचार : अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रायबरेली में छात्रसभा के कार्यक्रम को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक (पीडीए) समाज के लोगों के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जा रहा है। उन्होंने रायबरेली में छात्रसभा कार्यक्रम के दौरान प्रशासन के रवैये को इसका उदाहरण बताया।
अखिलेश यादव शनिवार को राजधानी स्थित सपा मुख्यालय में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि रायबरेली में छात्रसभा का कार्यक्रम चल रहा था, लेकिन उनके अनुसार भाजपा से जुड़े लोगों ने कार्यक्रम नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि सपा सांसद पप्पू निषाद को कथित तौर पर अपमान का सामना करना पड़ा और उनकी जान पर भी बन आई थी। अखिलेश ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति स्वजातीय नहीं है और पीडीए समाज से आता है तो उसे अपमानित किया जा रहा है।
सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार के इशारे पर प्रशासन पीडीए समाज के लोगों के साथ भेदभाव कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा अपने स्वजातीय लोगों को बढ़ावा दे रही है। हालांकि, इन आरोपों के संबंध में भाजपा या प्रशासन की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
अखिलेश ने प्रदेश में विकास और रोजगार के मुद्दे पर भी भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सपा सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर विकास कार्य हुए थे, लेकिन मौजूदा सरकार में विकास की गति दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने रोजगार और निवेश को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि निवेश, कारोबार तथा उद्योग से जुड़े दावे जमीन पर अपेक्षित रूप में दिखाई नहीं देते।
महंगाई का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि डीजल, पेट्रोल और खाद समेत कई जरूरी चीजों की कीमतें बढ़ी हैं। किसानों के लिए सपा सरकार बनने पर मंडियों को बेहतर करने और चिकोरी के लिए विशेष योजना तैयार करने की बात कही। उनका कहना था कि इससे किसानों को अधिक लाभ पहुंचाने की दिशा में काम किया जाएगा।
अखिलेश ने प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था और भ्रष्टाचार को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के भविष्य और आने वाली पीढ़ी की खुशहाली के लिए भाजपा सरकार को सत्ता से हटाना लोकतंत्र के हित में है। उन्होंने कहा कि सपा पीडीए को एकजुट कर उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार के खिलाफ राजनीतिक संघर्ष के लिए संकल्पित है। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल, मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी समेत पार्टी के नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।



