प्रतापगढ़ में फर्जीवाड़ा : फर्जी रिलीज ऑर्डर से छुड़ा लिया सीज ओवरलोड ट्रक, केस दर्ज

प्रतापगढ़: जिले में परिवहन विभाग द्वारा सीज किए गए ओवरलोड ट्रकों को अवैध रूप से रिलीज कराने के लिए एक शातिर फ्रॉड गैंग सक्रिय हो गया है। यह गैंग वाहन स्वामियों को अपने जाल में फंसाकर मोटी रकम वसूल रहा है और फर्जी रिलीज ऑर्डर तैयार कर थानों से सीज वाहन छुड़ा रहा है। संग्रामगढ़ थाने में इसी तरह का एक मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
लगभग पखवाड़े भर पहले एआरटीओ आशुतोष शुक्ल ने संग्रामगढ़ क्षेत्र में चेकिंग के दौरान ओवरलोड बालू लदे एक ट्रक ( यूपी 72 टी-0603) को सीज कर पुलिस के सुपुर्द किया था, जिस पर खनन विभाग की ओर से जुर्माना भी लगाया गया था। ट्रक स्वामी जब वाहन छुड़ाने के लिए चक्कर काट रहा था, तब उसकी मुलाकात फ्रॉड गैंग के एक सदस्य से हुई। गैंग ने भारी रकम वसूलकर उसे कोर्ट का एक फर्जी रिलीज ऑर्डर थमा दिया। हैरानी की बात यह है कि इसी फर्जी ऑर्डर के जरिए वाहन स्वामी ने थाने से अपना ट्रक आसानी से रिलीज भी करा लिया और किसी को भनक तक नहीं लगी। कुछ दिन बाद जब इसी तरह का एक अन्य फर्जी रिलीज ऑर्डर लेकर दूसरा वाहन स्वामी रानीगंज थाने पहुंचा, तो थानेदार को संदेह हुआ। उन्होंने तुरंत एआरटीओ को फोन कर मामले की सत्यता की पुष्टि की, जिससे इस बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हो गया। मामले के संज्ञान में आने के बाद कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई की गई। सोमवार को कोर्ट के अहलमद विनोद सरोज की तहरीर पर नगर कोतवाली में संबंधित ट्रक स्वामी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
सीज वाहन छुड़ाने की यह है आधिकारिक प्रक्रिया
परिवहन विभाग के नियमों के अनुसार, सीज किए गए ओवरलोड ट्रकों को छुड़ाने के लिए दो वैध विकल्प उपलब्ध हैं। पहला यह कि वाहन स्वामी सीधे एआरटीओ कार्यालय और खनन विभाग में निर्धारित जुर्माने का भुगतान कर अपने वाहन को रिलीज करा सकता है। दूसरी न्यायिक प्रक्रिया है। वाहन स्वामी कोर्ट में अपील कर सकता है। इसके बाद कोर्ट परिवहन विभाग से अभिलेख मंगाती है और सत्यापन तथा जुर्माना जमा कराने के बाद ही वैध रिलीज ऑर्डर जारी करती है।



