खेल-खिलाड़ी

भाई से प्रेरणा लेकर चुनी शूटिंग, अब शिव नरवाल लगाना चाहते हैं स्वर्ण की हैट्रिक

भोपाल। भारत के शीर्ष शूटर मनीष नरवाल ने टोक्यो पैरालंपिक 2020 में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया था। खेलो रत्न पुरस्कार से सम्मानित मनीष ने न सिर्फ नया विश्व रिकॉर्ड बनाया था, बल्कि सौकड़ों युवाओं को निशानेबाजी चुनने के लिये प्रेरित भी किया। लेकिन 2021 के अपने कारनामों से बहुत पहले, मनीष ने अपने घर के किसी करीबी को न केवल शूटिंग के लिए बल्कि उनके नक्शेकदम पर चलने और खुद की एक पहचान बनाने के लिये प्रेरित किया था। वह उनके छोटे भाई शिव नरवाल थे।

शिव नरवाल ने खेलो इंडिया यूथ गेम्स के 2020 और 2021 संस्करण में निशानेबाजी में स्वर्ण जीता। हरियाणा से आने वाले 17 वर्षीय शिव ने पिछले साल मिस्र विश्व चैंपियनशिप में पदार्पण किया, यहां तक ​​कि वह 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा के फाइनल में पहुंचकर पेरिस ओलंपिक कोटा जीतने के करीब पहुंच गये थे। यहां हालांकि उन्हें आठवें स्थान पर रहकर संतोष करना पड़ा। विश्व चैंपियनशिप में पदक न मिलने की निराशा को पीछे छोड़ते हुए शिव ने एशियाई एयरगन चैंपियनशिप में हिस्सा लिया और पुरुषों के एयर पिस्टल आयोजन में सोना हासिल किया।

अब शिव का लक्ष्य आगामी खेलो इंडिया यूथ गेम्स में सिर्फ पदक जीतना नहीं है, बल्कि वह स्वर्ण की हैट्रिक पूरी करना चाहते हैं। ‘मैं वास्तव में खुश हूं कि मुझे फिर से खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2022 के लिए चुना गया है। अतीत में यहां मेरा प्रदर्शन अच्छा रहा है और मुझे उम्मीद है कि मध्य प्रदेश में भी मेरा प्रदर्शन अच्छा रहेगा और मैं एक बार फिर हरियाणा के लिये स्वर्ण जीतूंगा।’ यह पूछे जाने पर कि क्या मनीष का भाई होने के नाते उन पर कोई अतिरिक्त दबाव है, शिव ने कहा कि मनीष हमेशा उनकी मदद के लिए मौजूद रहे हैं।

शिव ने कहा, “मेरी बड़ी बहन और भाई दोनों निशानेबाजी करते हैं और मनीष को एयर पिस्टल स्पर्धाओं में अच्छा प्रदर्शन करते देख मैंने निशानेबाजी शुरू की। अगर मुझे शूटिंग में कोई समस्या आती है तो मनीष हमेशा मेरा समर्थन करते हैं और हमेशा मेरी मदद के लिये मौजूद रहते हैं।” खेलो इंडिया यूथ गेम्स का आयोजन मध्यप्रदेश के भोपाल, ग्वालियर और इंदौर के अलावा नयी दिल्ली में किया जायेगा। सोमवार से शुरू हो रही इस प्रतियोगिता में अंडर-18 आयु वर्ग के एथलीट भाग लेंगे।

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