पहली बारिश में बह गया करोड़ों का कटान रोधी बोल्डर
विधायक विनय वर्मा ने खोली सिंचाई विभाग और ठेकेदारों की मिलीभगत की पोल। डीएम से की कार्रवाई की मांग

राकेश राज
शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र में बाढ़ और कटान से बचाव के नाम पर सरकारी धन की खुली लूट का मामला सामने आया है। शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा ने सिंचाई विभाग के ड्रेनेज खंड, सरयू नहर खंड के अधिकारियों और ठेकेदारों पर मिलीभगत कर घटिया और मानकविहीन कटान रोधी कार्य कराने का गंभीर आरोप लगाया है। शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा ने जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर को कड़े शब्दों में पत्र लिखते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, स्थलीय निरीक्षण और भुगतान रोकने की मांग की है।
विधायक विनय वर्मा ने कहा कि करोड़ों रुपये से कराए जा रहे कटान रोधी कार्य पहली बारिश तक नहीं झेल पाए। खैरी शीतल प्रसाद ग्राम पंचायत के टीकर-करौता के बीच घोरही नाले पर पुल बचाने के लिए कराया गया बोल्डर पिचिंग कार्य पहली ही बारिश में ध्वस्त होने लगा। बोल्डर खिसक गए और मिट्टी बहने लगी। विधायक ने कहा कि यदि बारिश तेज होती तो पूरा कार्य नदी में समा जाता।

विधायक विनय वर्मा ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी सोशल मीडिया पर “बेहतरीन कार्य” का प्रचार कर रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत भ्रष्टाचार और लापरवाही की कहानी बयां कर रही है। उन्होंने कहा कि “गलत कार्यों को प्रमाणपत्र देकर भ्रष्टाचार को संरक्षण दिया जा रहा है और सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।” विधायक विनय वर्मा ने बूढ़ी राप्ती नदी के किनारे भूतहिया, बैजनथा और महारथा गांवों के पास चल रहे कटाव निरोधक कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए।

उनका आरोप है कि अधिकारी और ठेकेदार मिलकर सरकारी धन का बंदरबांट कर रहे हैं, जबकि शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र की जनता हर साल बाढ़ और कटान का दंश झेलने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि खैरी, इटहिया और बालानगर जैसे कई गांव आज भी नदी के कटान से अस्तित्व संकट में हैं। वर्षों से शिकायत और बैठकों में मुद्दा उठाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। कई स्थानों पर सड़कें और घर कटान की जद में हैं लेकिन विभाग केवल कागजी खानापूर्ति में लगा हुआ है।

विधायक विनय वर्मा ने जिलाधिकारी से मांग की है कि जनप्रतिनिधियों, मीडिया और ग्रामीणों की मौजूदगी में सभी कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कराया जाए और बिना जांच किसी भी ठेकेदार का भुगतान न किया जाए। साथ ही निर्माण में प्रयोग होने वाली सामग्री और उसकी मात्रा सार्वजनिक की जाए तथा सभी कार्य 15 जून तक पूरा कराने के निर्देश दिए जाएं। विधायक विनय वर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा कि जनता के पैसे से हो रहे भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि “जनता जनार्दन की आवाज उठाना और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ना मेरी जिम्मेदारी है, इसलिए मैं प्रशासन को बार-बार सचेत कर रहा हूं।”ैअब सबकी निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस गंभीर आरोप पर क्या कार्रवाई करता है और क्या बाढ़ से पहले भ्रष्टाचार की इस ‘कटान लीला’ पर लगाम लग पाती है या नहीं। इस संबंध में विधायक विनय वर्मा ने बताया कि वे मुख्यमंत्री से आग्रह कर बाढ़ बचाव के लिए लाखों रुपए जारी करवाए। मेरे विधानसभा क्षेत्र का बड़ा हिस्सा बाढ़ ग्रस्त है।
बरसात में बाढ़ प्रभावित लोगों की जिंदगी बांधों पर बीतती है। इससे निजात के लिए मैंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया। हमार अनुरोध का संज्ञान लिया गया और लाखों रुपए धन आवंटित हुए। लेकिन सिंचाई विभाग के जिम्मेदार और ठेकेदार ने मिलकर गुणवत्ता पूर्ण कार्य करने के बजाय सरकारी धन का बंदर बांट किया गया। उन्होंने कहा जिलाधिकारी से जांच कर कार्रवाई की मांग की है, यदि संतोष जनक कार्रवाई नहीं हुई तो मामला मुख्यमंत्री तक ले जाउंगा।



