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केरल का नाम केरलम करने को लेकर सामने आया CM ममता बनर्जी का बयान, कहा- “हमें बांग्ला नाम नहीं दे रहा केंद्र”

कोलकाता: केरल का नाम केरलम करने को लेकर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा, “केरल का नाम केरलम हुआ है, इससे हम खुश हैं। केरल के भाई-बहनों को शुभकामनाएं लेकिन बांग्ला नाम को लेकर जो विषय है, केंद्र ने जो कहा है, वह हमने किया है, लेकिन पिछले 5 सालों से केंद्र हमें बांग्ला नाम नहीं दे रहा है।”

सीएम ममता ने और क्या कहा?

सीएम ममता बनर्जी ने कहा, “हमने ये मांग इसलिए की थी क्योंकि ये बंगाल की संस्कृति, बंगाल की शिक्षा, बंगाल के नाम से जुड़ी हुई है। नई जेनरेशन में स्टूडेंट जो पढ़ाई लिखाई करते हैं, जो इंटरव्यू देने के लिए जाते हैं, उन्हें सबसे लास्ट बेंच में जाकर बैठना पड़ता है। अगर बांग्ला नाम हमें मिलता तो A के बाद B आता है तो स्टूडेंट को पहले जाने का मौका मिलता। लेकिन जब केरल का नया चैप्टर आपने ओपन किया, वहां आपके साथ सीपीएम के अच्छे संबंध बने इसलिए आपने यह किया। आपने यह किया, बहुत अच्छा किया। मैं आप लोगों को धन्यवाद कहती हूं लेकिन आपने बंगाल को क्यों अलग रखा? आप लोगों ने यह किया क्योंकि आप बांग्ला विरोधी हो। एक दिन आप लोग चले जाएंगे, तब हम यह करके रहेंगे। बंगाल का अधिकार बंगाल की जनता को जरूर मिलेगा।”

केरल का नाम केरलम करने के प्रस्ताव को केंद्र से मंजूरी

गौरतलब है कि आज केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के राज्य सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। बता दें कि मलयालम में “केरा” का अर्थ “नारियल का पेड़” होता है और “अलम” का अर्थ भूमि होता है। इस तरह से “केरलम” का अर्थ “नारियल के पेड़ों” की भूमि हुआ। इस नाम से राज्य की पहचान बिल्कुल ठीक तरह से पता लगती है।

हैरानी की बात ये भी है कि मलयालम भाषा बोलने वाले लोग पहले से ही केरलम बोलते थे लेकिन आधिकारिक तौर पर ये केरल था। केंद्र की हरी झंडी मिलने के बाद अब ये माना जा रहा है कि आधिकारिक रूप से भी केरलम नाम होने में ज्यादा समय नहीं लगेगा।  बता दें कि केरल के लोग लंबे समय से उनके राज्य का नाम केरलम करने की मांग कर रहे थे।

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