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जीएसआरटीसी की पहल ‘पैसेंजर फीडबैक परफॉर्मेंस रेटिंग सिस्टम’ को मिला जोरदार समर्थन

गांधीनगर। गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम (जीएसआरटीसी) ने परिवहन सेवा को यात्रियों के लिए सुविधाजनक बनाने को टेक्नोलॉजी के उपयोग से एक नई पहल शुरू की है। निगम ने यात्रियों की सुविधा बढ़ाने और सेवा कार्यक्षमता में सुधार लाने के लिए ‘पैसेंजर फीडबैक रेटिंग परफॉर्मेंस सिस्टम’ लॉन्च किया है।

इसके अंतर्गत, जीएसआरटीसी की बसों में यात्रा के दौरान सेवा से जुड़ी किसी भी समस्या को बस में लगे क्यूआर कोड को स्कैन करके तुरंत ही निगम के अधिकारियों तक पहुंचाया जा सकता है। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया गया है कि इस सिस्टम के जरिए मिली शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जाए।

जीएसआरटीसी की बसें, चाहे आम हों या खास, सभी लोगों के लिए भरोसेमंद, सुरक्षित और किफायती सवारी होती हैं। कई बार यात्रियों को निगम द्वारा संचालित बसों में यात्रा के दौरान सेवा से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, लेकिन समय की कमी एवं अन्य वजहों के कारण यात्री इन समस्याओं को उठाने से परहेज करते हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम ने यात्रियों की सुविधा के लिए पैसेंजर फीडबैक सिस्टम लॉन्च किया है। इसके जरिए अब बस यात्रियों की समस्याओं का समाधान एक ‘क्लिक’ में हो जाता है।

यात्री बस में अपनी सीट के आगे लगे क्यूआर कोड को स्कैन करके फीडबैक दे सकते हैं या सेवाओं का मूल्यांकन कर सकते हैं, जिसके आधार पर परिवहन तंत्र तत्काल कार्रवाई करेगा।

हाल ही में, एसटी (राज्य परिवहन) की एसी और वोल्वो बसों में यात्रा कर रहे कई यात्रियों ने इस सिस्टम के मार्फत बस में बदबू आने की शिकायतें दर्ज कराई थीं। जीएसआरटीसी के अधिकारियों ने तत्काल कदम उठाते हुए राज्य की सभी एसी और वोल्वो बसों में एयर फ्रेशनर लगा दिए और समस्या का तत्काल समाधान कर दिया।

निगम के अधिकारियों के अनुसार, मार्च 2026 के दौरान कुल 1702 यात्रियों ने इस सिस्टम के जरिए अपने फीडबैक दिए, और इन फीडबैक के माध्यम से जीएसआरटीसी को 5 में से 4.5 की मजबूत सेटिस्फेक्शन रेटिंग मिली है, जो यात्रियों के बहुत हद तक सकारात्मक अनुभव को दर्शाती है।

मार्च 2026 के ‘पैसेंजर फीडबैक रेटिंग परफॉर्मेंस सिस्टम’ की विश्लेषण रिपोर्ट के अनुसार बसों में सुरक्षा को सर्वाधिक 4.7 रेटिंग मिली है। इसके बाद स्टाफ के व्यवहार को 4.6 और स्वच्छता को 4.5 रेटिंग मिली है।

यात्रियों के फीडबैक का विश्लेषण करने पर पता चला कि ज्यादातर यात्रियों ने जीएसआरटीसी सेवाओं को 5-स्टार रेटिंग दी है, जिसमें विशेष रूप से स्टाफ के व्यवहार की सबसे ज्यादा प्रशंसा की गई है।

एसटी की इस नई पहल को यात्रियों का जोरदार समर्थन मिला है। मार्च महीने के अंतिम सप्ताह में 372 यात्रियों ने अपने फीडबैक दिए। ये आंकड़े यात्रियों की बढ़ती भागीदारी और उनकी जागरूकता का परिचय देते हैं। मार्च में कुल 1702 यात्रियों ने इस नए सिस्टम के माध्यम से अपने फीडबैक दिए। यात्रियों ने एसटी बसों की सुरक्षा और सेवा गुणवत्ता की मजबूत प्रतिष्ठा को बरकरार रखा है।

गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम के अधिकारियों ने कहा कि ‘पैसेंजर फीडबैक रेटिंग परफॉर्मेंस सिस्टम’ मार्च 2026 में शुरू किया गया था, जिसे विभिन्न सेवा मापदंडों पर यात्रियों की ओर से जोरदार समर्थन मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में राज्य के सार्वजनिक परिवहन तंत्र में उल्लेखनीय परिवर्तन आ रहा है।

उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा, “हमने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में सार्वजनिक परिवहन तंत्र में सुधार के लिए विभिन्न पहलें शुरू की हैं। ‘पैसेंजर फीडबैक रेटिंग परफॉर्मेंस सिस्टम’ को शानदार समर्थन मिला है। इस फीडबैक के आधार पर त्वरित कार्रवाई की जाती है। नतीजतन, जीएसआरटीसी की परफॉर्मेंस रेटिंग बहुत ही सकारात्मक है।”

उन्होंने कहा, “गत एक वर्ष में जीएसआरटीसी की बसों में दैनिक यात्रियों की संख्या 25 लाख से बढ़कर 27 लाख हो गई है। हमारा लक्ष्य आगामी महीनों में 30 लाख यात्रियों तक पहुंचना है। सार्वजनिक परिवहन हमारी पहली प्राथमिकता है।”

संघवी ने आगे कहा, “हम ‘पैसेंजर फीडबैक रेटिंग परफॉर्मेंस सिस्टम’ के जरिए मिलने वाले यात्रियों के फीडबैक को ध्यान में रखकर उसमें फौरी तौर पर सुधार कर रहे हैं। इन प्रतिक्रियाओं के कारण हमें पता चल रहा है कि किन सेवाओं में सुधार की जरूरत है। इन प्रतिक्रियाओं ने साबित किया है कि एसटी बसों में लोगों का भरोसा बरकरार है, और यात्रियों की 4.5 की औसत रेटिंग में यह भरोसा स्पष्ट रूप से दिखाई भी देता है।”

जीएसआरटीसी ने एसी और वोल्वो जैसी प्रीमियम बसों में हर सीट के पीछे तथा दूसरी बसों में कम से कम एक क्यूआर कोड लगाया है। यात्री इस कोड को स्कैन करके अपना नाम, ई-मेल, मोबाइल नंबर और पीएनआर या टिकट नंबर जैसी जानकारी दर्ज कर अपना फीडबैक दे सकते हैं।

यात्री बस की स्वच्छता, बैठने की सुविधा, समयपालन, स्टाफ का व्यवहार, सुरक्षा और अपने औसत अनुभव जैसे विषयों पर रेटिंग दे सकते हैं। यात्री शिकायत से संबंधित फोटो भी अपलोड कर सकते हैं। फीडबैक के सबमिट होते ही वह संबंधित अधिकारी तक पहुंच जाता है, जिस पर संबंधित अधिकारी तत्काल कार्रवाई करते हैं।

‘पैसेंजर फीडबैक रेटिंग परफॉर्मेंस सिस्टम’ की शानदार सफलता के बाद अब निगम राज्य के सभी बस डिपो पर विशेष ‘स्वच्छता’ के लिए क्यूआर कोड लगाएगा। यात्री इस क्यूआर कोड को स्कैन करके संबंधित बस डिपो की स्वच्छता के बारे में अपनी राय दे सकेंगे। इस नए सिस्टम में हर बस डिपो के लिए अलग से क्यूआर कोड बनाया जाएगा। निगम द्वारा ऐसे 400 से अधिक विशेष क्यूआर कोड बनाए जा रहे हैं। बता दें कि गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम रोजाना 8000 से अधिक बसों के संचालन के माध्यम से औसतन 27 लाख लोगों को उनके गंतव्यों तक पहुंचाता है।

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