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बेंगलुरु की इंदिरा कैंटीन पर सिलेंडर की ‘कमी’ का असर, लंच-डिनर कट; ब्रेकफास्ट भी हुआ सीमित

Indira Canteen Gas Crisis: कर्नाटक के बेंगलुरु में कुल 180 इंदिरा कैंटीन हैं, जिसे राज्य सरकार चला रही है। इन कैंटीन के जरिए 5 रुपये में नाश्ता और 10 रुपये में दोपहर का खाना और शाम का डिनर मिलता है। इन 180 कैंटीन को सप्लाई करने के लिए 12 सेंट्रल किचन बनाए गए हैं। मलेश्वरम में स्थित इंदिरा किचन से 20 इंदिरा कैंटीन को सप्लाई की जाती है। दो से तीन दिन पहले तक यहां से ब्रेकफास्ट लंच और डिनर सप्लाई होता था लेकिन अब सिर्फ ब्रेकफास्ट सप्लाई हो रहा है।

सिलेंडर की कमी की वजह से लंच-डिनर हुआ कट

बता दें कि मलेश्वरम के इंदिरा किचन से 4 हजार प्लेट ब्रेकफास्ट, 4 हजार प्लेट लंच और 1 हजार प्लेट डिनर के लिए भोजन सप्लाई होता है। लेकिन अब सिलेंडर की कमी की वजह से लंच और डिनर पूरी तरह कट कर दिया गया है। साथ ही, ब्रेकफास्ट के मेन्यू में भी जबरदस्त कटौती हुई है।

ब्रेकफास्ट के ऑप्शन भी हुए सीमित

जान लें कि पहले ब्रेकफास्ट में इडली-सांबर, पुलाव-चटनी और राइस आइटम मिलते थे लेकिन अब गैस सिलेंडर की कमी की वजह से सिर्फ एक राइस आइटम ही बनाया जा रहा है। जिसकी वजह से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

सरकार ने कही ईंधन की कमी नहीं होने की बात

गौरतलब है कि ईंधन की कथित कमी की खबरों के बीच गुरुवार को देशभर में लोग पेट्रोल पंपों और एलपीजी डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर्स के बाहर लंबी लाइनों में खड़े नजर आए, जिससे आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ स्कूलों, खाने-पीने की सेवाओं और रेस्तरां का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। हालांकि, केंद्र सरकार ने संसद में कहा कि मिडिल-ईस्ट एशिया में संकट के बावजूद पेट्रोल, डीजल और केरोसिन की कोई कमी नहीं है। यह अफवाहों को फैलाने का समय नहीं है।

कालाबाजारी पर है कड़ी नजर

इस दौरान, गैस सिलेंडर की कालाबाजारी करने वालों पर भी पुलिस की कड़ी नजर है। लगातार छापेमारी चल रही है और ऐसा करने वालों पर एक्शन लिया जा रहा है। जो लोग गैस सिलेंडर स्टॉक करके पैनिक फैलाने की कोशिश कर रहे हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो रही है।

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