पंजाबराज्य

भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू का पंजाब पुलिस अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार सत्ता के घमंड दिखाता है: बलतेज पन्नू

चंडीगढ़ 28 मई

आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के स्टेट मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने धुरी में पंजाब पुलिस अधिकारियों के साथ भाजपा के केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के व्यवहार की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि बिट्टू के व्यवहार ने शराफ़त की सारी हदें पार कर दी हैं और इससे भाजपा नेता का सिक्योरिटी फोर्स के प्रति घमंड और बेइज्ज़ती पूरी तरह से सबके सामने आ गई है।

गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पन्नू ने कहा कि रवनीत सिंह बिट्टू ने कैमरों के सामने पंजाब पुलिस अधिकारियों के साथ खुलेआम बदतमीज़ी की और अधिकारियों के लिए ‘दलाल’ जैसे अपमानजनक शब्दों का भी इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि एक केंद्रीय मंत्री का ऐसा व्यवहार पूरी तरह से बर्दाश्त के बाहर और गैर-ज़िम्मेदाराना है।

बलतेज पन्नू ने कहा कि चाहे पंजाब पुलिस हो, सेंट्रल आर्म्ड फोर्स हो या इंडियन आर्मी, हर सिक्योरिटी फोर्स इज्ज़त की हकदार है क्योंकि वे नागरिकों की सुरक्षा के लिए दिन-रात काम करते हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक ड्रामा के लिए पूरी फोर्स को टारगेट करना और उनका हौसला तोड़ने की कोशिश करना बहुत खतरनाक है। सिक्योरिटी वाले लोगों की सुरक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं और उनका इस तरह अपमान कभी नहीं होना चाहिए।

रवनीत सिंह बिट्टू के उस बयान पर कड़ा एतराज़ जताते हुए जिसमें उन्होंने कहा था कि जब भी चेकपॉइंट लगाए जाते हैं, पंजाबी पुलिस वालों के साथ गाली-गलौज की जाती है, पन्नू ने कहा कि यह बयान न सिर्फ़ पंजाब पुलिस का बल्कि पंजाब के लोगों का भी बहुत बड़ा अपमान है। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब पुलिस के जवानों, खासकर युवा अधिकारियों ने जनता के साथ व्यवहार करने का तरीका बदल दिया है और लोगों की सुरक्षा के लिए प्रोफेशनल तरीके से अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं।

रोड सेफ्टी फोर्स (एसएसएफ) के काम का ज़िक्र करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि पंजाब पुलिस के जवानों की लगातार कोशिशों की वजह से आज एक्सीडेंट के शिकार लोगों को मिनटों में तुरंत मदद मिल जाती है। उन्होंने कहा कि जब भी लोगों को चोरी, हमला, एक्सीडेंट या कोई इमरजेंसी होती है, तो वे सबसे पहले पुलिस को फ़ोन करते हैं, गाली-गलौज करने के लिए नहीं। जब पुलिस चेकिंग होती है तो ईमानदार नागरिक ज़्यादा सुरक्षित महसूस करते हैं। पुलिस चेकिंग से सिर्फ़ क्रिमिनल और एंटी-सोशल एलिमेंट ही परेशान होते हैं।

बलतेज पन्नू ने विवाद शुरू होने के बाद रवनीत सिंह बिट्टू की चुप्पी पर भी सवाल उठाया और कहा कि केंद्रीय मंत्री आप नेताओं द्वारा पिछली प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठाए गए सवालों का जवाब देने में नाकाम रहे हैं। उन्होंने कहा कि गंभीर चिंताओं का जवाब देने के बजाय, उन्होंने पर्सनल अटैक का सहारा लिया।

रवनीत सिंह बिट्टू पर और निशाना साधते हुए, बलतेज पन्नू ने 2017 में कांग्रेस सरकार के दौरान पंजाब पुलिस में डीएसपी के तौर पर बिट्टू के भाई की भर्ती का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि इस नियुक्ति को मुमकिन बनाने के लिए उम्र के क्राइटेरिया, एजुकेशनल क्वालिफिकेशन और भर्ती प्रक्रिया समेत कई नियम बदले गए थे। बलतेज पन्नू ने सवाल किया कि अगर रवनीत सिंह बिट्टू मानते हैं कि पंजाब पुलिस इतनी खराब है और उनका दावा है कि पंजाबी इस फोर्स से नफरत करते हैं, तो उन्होंने अपने परिवार के सदस्य को उसी डिपार्टमेंट में भर्ती कराने के लिए इतनी बड़ी हद तक क्यों गए?

पिछली सरकारों की तुलना मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की पंजाब सरकार से करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि 65,000 से ज़्यादा सरकारी नौकरियां बिना किसी रिश्वत, भ्रष्टाचार या सिफारिश के पूरी तरह से मेरिट के आधार पर दी गई हैं। उन्होंने विपक्ष के नेताओं को चुनौती दी कि वे मौजूदा पंजाब सरकार के समय में भ्रष्टाचार के ज़रिए भर्ती का एक भी उदाहरण पेश करें।

बिना शर्त माफ़ी की मांग करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि रवनीत सिंह बिट्टू को पूरी पंजाब पुलिस फोर्स, खासकर सब-इंस्पेक्टर और एसएसपी नवजोत कौर से माफ़ी मांगनी चाहिए, जिनके खिलाफ उन्होंने टकराव के दौरान गलत भाषा का इस्तेमाल किया था। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि पंजाब पुलिस के अधिकारी कड़ी मेहनत, पढ़ाई, कॉम्पिटिटिव परीक्षाओं और अपने परिवारों के त्याग की वजह से यह मुकाम हासिल करते हैं, न कि खास नियमों में बदलाव और राजनीतिक असर से।

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