उत्तर प्रदेशराज्यलखनऊ

रामनवमी पर अयोध्या में उत्सव, सभी मंदिरों में होंगे ध्वजारोहण, मंदिर आंदोलन से जुड़े कई बड़े चेहरों को निमंत्रण

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने अन्य मंदिरों पर भी ध्वजारोहण की तिथियां तय कर दी हैं। श्रीरामनवमी के पूर्व से पश्चात तक शेष मंदिरों में ध्वजारोहण कर लिया जाएगा। यह निर्णय श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक दिवसीय बैठक में लिए गए हैं। यह भी तय किया गया है कि उपमंदिरों के ध्वजारोहण कार्यक्रम में मंदिर आंदोलन के बड़े चेहरे शामिल किए जाएंगे, जिसमें भाजपा के फायरब्रांड नेता व बजरंग दल के संस्थापक विनय कटियार व अन्य प्रमुख रूप से शामिल किए गए हैं।

महासचिव चंपतराय ने बताया कि श्रीराम मंदिर के मुख्य शिखर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और माता अन्नपूर्णा मंदिर पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के द्वारा ध्वजारोहण संपन्न किया जा चुका है। इसके बाद अब शेष छह उपमंदिरों पर भी ध्वजारोहण की तैयारियां हैं। जिन उपमंदिरों पर ध्वजारोहण होना है, उनमें भगवान सूर्य, माता भगवती, शिवलिंग, गणपति, शेषावतार और हनुमान जी के मंदिर शामिल हैं।

इनमें मुख्य रूप से हनुमान जी के मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण का विशेष आयोजन 2 अप्रैल हनुमान जयंती को किया जाएगा। वहीं अन्य पांच उपमंदिरों पर 23 से 31 मार्च के बीच आयोजन संपन्न होंगे। इसके लिए ट्रस्ट सामान्य रूप से समिति लोगों की उपस्थिति में कार्यक्रम संपन्न करेगा। प्रत्येक आयोजन में लगभग 50 संत, 50 गृहस्थ श्रद्धालु और इंजीनियर व श्रमिकों सहित करीब 200 लोग शामिल रहेंगे।

वहीं 2 अप्रैल को हनुमान जयंती पर हनुमान जी के मन्दिर पर ध्वज आरोहित करने के लिए कुछ विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया जाएगा, जिसमें विनय कटियार, साध्वी ऋतम्भरा, उमाभारती, जयभान पवैया, सुरेन्द्र जैन, कानपुर से प्रकाश शर्मा, प्रयागराज से केशव मौर्य है। ये ऐसे लोग हैं जो मन्दिर आंदोलन को घर घर पहुंचाने में अपनी भूमिका निभाई है। इसलिए इन्हें बुलाने पर विचार हुआ है।

निर्माण संस्था व श्रमिकों मिलेगा प्रशस्ति पत्र

श्रीराम जन्मभूमि परिसर में भव्य मंदिर निर्माण कार्य संपन्न करने वाले 6000 श्रमिकों को सम्मान से विदाई दी जाएगी। इसके लिए संस्थाओं के इंजीनियर, अधिकारी व श्रमिकों को सम्मानित करने की योजना बनाई है। ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय ने बताया कि बीते कार्यक्रम में श्रमिकों का सम्मान करने की योजना थी, लेकिन यह कार्यक्रम नहीं किया जा सका। अब पुनः सभी को सम्मानित करने के विचार को ट्रस्टियों ने सहमति दी है।

इसके लिए ट्रस्ट कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी, ट्रस्ट के सहयोगी अयोध्या राजा यतींद्र मोहन मिश्र और निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र के द्वारा प्रशस्ति पत्र का प्रारूप तैयार करेंगे, जिसे निर्माण संस्था और अधिकारी इंजीनियर व निर्माण करने वाले श्रमिकों को प्रदान करने के लिए दो तरह से तैयार किया जाएगा। इसे किसी धातु या कागज पर आकर दिया जाएगा। यह चर्चा की जा रही है।

चारों द्वार का होगा वर्चुअल लोकार्पण

राम मंदिर परिसर में प्रवेश के लिए चार प्रमुख द्वार का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें जगद्गुरु रामानंदाचार्य, आद्य शंकराचार्य व रामानुजाचार्य द्वार का निर्माण किया जा चुका है। अभी जगद्गुरु मध्वाचार्य द्वार निर्माणाधीन है। ट्रस्टी चंपतराय ने बताया कि सभी द्वारों का सामूहिक ऑनलाइन लोकार्पण सामान्य कार्यक्रम में होगा।

अब तक के कार्यक्रम पर बनेगी संयुक्त पुस्तिका

राम मंदिर निर्माण में 5 अगस्त 2020 में भूमि पूजन, 22 जनवरी 2024 रामलला के प्राण प्रतिष्ठा, 3,4 और 5 जून 2025 को प्रथम तल पर राम दरबार और अन्य मंदिरों में देवी देवताओं व ऋषि मुनियों के प्रतिमाओं की प्रतिष्ठा, 25 नवंबर 2025 ध्वजारोहण का आयोजन और 19 मार्च 2026 को श्री राम यंत्र की स्थापना तक के सभी कार्यक्रम हुए हैं। इन पर ट्रस्ट एक संयुक्त पुस्तिका सचित्र प्रकाशित करेगा।

मेले में सिर ढक कर आएं, पानी साथ लाएं

रामनगरी में बढ़ते गर्मी को देखते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय ने राम नवमी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि अपना सिर सफेद रंग के कपड़े से ढक कर ही आएं, इससे गर्मी कम लगेगी। स्वयं पानी की पर्याप्त व्यवस्था रखें। अपने साथ सत्तू साथ रखें। तली-भुनी चीजों, विशेषकर आलू से बने खाद्य पदार्थ जैसे समोसे से परहेज करें।

दो वर्ष में सात करोड़ श्रद्धालुओं ने किए रामलला के दर्शन

राम मंदिर परिसर के संपूर्ण भ्रमण के लिए अभी आम श्रद्धालुओं को और इंतजार करना पड़ सकता है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि राम मंदिर परिसर में पैदल ही चलना है। मंदिर में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 80 हजार तक चलती है। 365 दिनों में अन्य किसी मंदिर में कभी नहीं हुई। दो साल में अनुमानित सात करोड़ लोगों ने दर्शन किया है। परिसर में कहीं पर भी बैरिकेडिंग नहीं है। वर्तमान में देश दुनिया में वातावरण किस तरह है यह समझा जा सकता है। इसलिए सर्वाधिक सुरक्षा में सतर्क रहना पड़ता है।

इन सभी बातों का विचार करके ही निर्णय लिया जाएगा। इसके लिए सिर्फ ट्रस्ट ही नहीं बल्कि सीआरपीएफ की भी सहमति चाहिए, इस व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र बैठक में अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास, कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी, सदस्य महंत दिनेंद्र दास, कृष्ण मोहन, डॉ अनिल मिश्रा, निर्माण समिति के अध्यक्ष व सदस्य नृपेंद्र मिश्र, पदेन सदस्य जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे रहे। बाकी अन्य जगद्गुरु वासुदेवाचार्य, स्वामी तीर्थ प्रसन्नाचार्य, युगपुरुष परमानंद, मुख्य ट्रस्टी के.परासरण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।

Khwaza Express

Khwaza Express Media Group has been known for its unbiased, fearless and responsible Hindi journalism since 2008. The proud journey since 16 years has been full of challenges, success, milestones, and love of readers. Above all, we are honored to be the voice of society from several years. Because of our firm belief in integrity and honesty, along with people oriented journalism, it has been possible to serve news & views almost every day since 2008.

संबंधित समाचार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button