
5 मई को द्रौपदी मुर्मु से प्रस्तावित मुलाकात से पहले पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान(CM Bhagwant Singh Mann) ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्य की जनता के जनादेश और लोकतांत्रिक सिद्धांतों की रक्षा करना उनकी सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति से चर्चा के बाद परिस्थितियों के अनुसार आगे की रणनीति तय की जाएगी।
हाल ही में राघव चड्ढा समेत सात राज्यसभा सांसदों के आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने पर सीएम मान ने कड़ी नाराजगी जताई थी और उन्हें पंजाब के हितों के खिलाफ कदम उठाने वाला बताया था। इसी घटनाक्रम के बाद उन्होंने दलबदल के मुद्दे पर राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा था।
5 मई को किस समय होगी मुलाकात?
दिलचस्प बात यह है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने सभी विधायकों के साथ मुलाकात की अनुमति चाही थी लेकिन उन्हें अकेले मिलने का समय दिया गया। इसके बावजूद मान ने कहा है कि वे अपने विधायकों के साथ दिल्ली जाकर राष्ट्रपति भवन तक पहुंचेंगे।
गुरुवार को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि राष्ट्रपति ने 5 मई को दोपहर 12 बजे मिलने का समय निर्धारित किया है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सामूहिक मुलाकात का अनुरोध स्वीकार नहीं हुआ और उन्हें व्यक्तिगत रूप से ही आमंत्रित किया गया है।
डिपोर्ट किए जा रहे नागरिकों पर दी जानकारी
इस बीच, विदेश से वापस भेजे जा रहे भारतीय नागरिकों के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलिया से 15 लोगों को डिपोर्ट किया जा रहा है, जिनमें 11 पंजाब के निवासी हैं और इनमें एक महिला भी शामिल है। अन्य लोगों में तेलंगाना, हरियाणा और उत्तराखंड के नागरिक भी शामिल हैं।
सीएम मान ने कहा कि पंजाब सरकार के अधिकारी इन सभी को रिसीव करेंगे और राज्य पहुंचने के बाद पूरे मामले की जांच की जाएगी। यदि यह पाया गया कि अवैध एजेंटों की भूमिका रही है, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।



