पंजाबराज्य

एशियन चैंपियंस ट्रॉफी : लीग चरण अंतिम दौर में दाखिल

चंडीगढ़/जालंधर, 31 अक्टूबर

पंजाब की धरती पर पहली बार आयोजित हो रहे अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का जालंधर में होने वाला लीग चरण आधा पड़ाव पार करने के बाद अंतिम दौर में पहुंच गया है। प्रत्येक टीम अब तक तीन-तीन लीग मुकाबले खेल चुकी है, जबकि दो-दो मुकाबले शेष हैं। 1 और 2 नवंबर को बाकी लीग मुकाबले खेले जाएंगे। भारत और मलेशिया ने तीन-तीन जीत के साथ सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। गोल स्कोररों की सूची में भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह पांच गोल के साथ शीर्ष स्थान पर बने हुए हैं।

मुख्यमंत्री स.भगवंत सिंह मान के प्रयासों से पंजाब के इतिहास में पहली बार इस स्तर के अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट का आयोजन संभव हो पाया है। इस प्रतियोगिता के आयोजन से भारतीय हॉकी खिलाड़ियों की लंबे समय से चली आ रही इच्छा पूरी होयी है।

एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में आज सभी टीमों के लिए विश्राम का दिन था और कोई भी मुकाबला नहीं खेला गया। हालांकि, दक्षिण कोरिया और बांग्लादेश की टीमों ने अभ्यास किया। लीग चरण के अंतिम दिनों में 1 नवंबर को दक्षिण कोरिया और बांग्लादेश, चीन और जापान तथा भारत और मलेशिया के बीच मुकाबले होंगे। इसी तरह 2 नवंबर को चीन और बांग्लादेश, मलेशिया और जापान तथा भारत और दक्षिण कोरिया के बीच मुकाबले क्रमशः दोपहर ढाई बजे, पौने पांच बजे और शाम सात बजे खेले जाएंगे।

ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम, जालंधर में चल रहे लीग मुकाबलों में मेजबान भारत और मलेशिया ने अब तक अपने तीनों मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली है। अंक तालिका में भारत बेहतर गोल औसत के आधार पर पहले स्थान पर है, जबकि मलेशिया दूसरे स्थान पर है। जापान दो जीत के साथ तीसरे और दक्षिण कोरिया एक जीत के साथ चौथे स्थान पर है। चीन और बांग्लादेश को अभी अपनी पहली जीत का इंतजार है। छह टीमों में से पहली चार टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी, जबकि लीग चरण में पांचवें और छठे स्थान पर रहने वाली टीमें पांचवें स्थान के लिए मुकाबला करेंगी। नॉकआउट चरण के सभी मुकाबले 4 और 5 नवंबर को मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर स्टेडियम में खेले जाएंगे।

टूर्नामेंट में अब तक कुल नौ मुकाबले खेले जा चुके हैं और इनमें से कोई भी मुकाबला ड्रॉ नहीं रहा है। प्रत्येक मैच का परिणाम निकला है। टूर्नामेंट में अब तक कुल 54 गोल हुए हैं, यानी प्रति मैच औसतन छह गोल हुए हैं। इन 54 गोलों में से 28 मैदानी गोल और 23 पेनल्टी कॉर्नर के जरिए किए गए हैं, जबकि तीन गोल पेनल्टी स्ट्रोक से हुए हैं।

तीन-तीन मुकाबले खेलने के बाद सभी टीमों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो भारत ने सर्वाधिक 22 गोल किए हैं, जबकि उसके विरुद्ध केवल तीन गोल हुए हैं। मलेशिया ने अब तक 14 गोल किए हैं और उसके विरुद्ध छह गोल हुए हैं। जापान ने पांच गोल किए हैं और उसके विरुद्ध छह गोल हुए हैं। दक्षिण कोरिया ने पांच गोल किए हैं, जबकि उसके विरुद्ध सात गोल हुए हैं। चीन ने अब तक सात गोल किए हैं और उसके विरुद्ध 12 गोल हुए हैं। वहीं, बांग्लादेश ने अब तक केवल एक गोल किया है, जबकि उसके विरुद्ध 20 गोल हुए हैं। अब तक केवल भारत और जापान की टीमों ने एक-एक मुकाबले में क्लीन शीट रखी है। दोनों टीमों ने बांग्लादेश के खिलाफ खेलते हुए अपने विरुद्ध एक भी गोल नहीं होने दिया।

गोल करने वाले खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन पर नजर डालें तो तीन मुकाबलों के बाद भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह पांच गोल के साथ शीर्ष स्कोरर बने हुए हैं। उनके सभी पांच गोल पेनल्टी कॉर्नर के जरिए हुए हैं। उनके बाद मलेशिया के अबू कमाल अजराई ने चार गोल किए हैं, जबकि भारत के मनदीप सिंह और अभिषेक तथा मलेशिया के अखीमउल्लाह और अजीमुद्दीन ने तीन-तीन गोल किए हैं।

टूर्नामेंट की अब तक की एकमात्र हैट्रिक भारत के मनदीप सिंह ने लगाई है। उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ पहले ही मुकाबले में तीन गोल करके यह उपलब्धि हासिल की थी। भारत के हार्दिक सिंह, सुखजीत सिंह, जुगराज सिंह और दिलप्रीत सिंह, चीन के चोंगकोंग चेन और बेनहाई चेन तथा मलेशिया के फैजल सारी ने दो-दो गोल किए हैं। इसके अलावा 19 खिलाड़ियों ने एक-एक गोल किया है। इस प्रकार अब तक कुल 32 खिलाड़ी गोल स्कोररों की सूची में अपना नाम दर्ज करा चुके हैं।

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