68,500 शिक्षक भर्ती आरक्षण मामला: शिक्षा मंत्री के आवास पर गरजा अभ्यर्थियों का गुस्सा, सुंदरकांड पाठ के बीच पुलिस ने खदेड़ा, अब होगी भूखहड़ताल

68,500 सहायक अध्यापक भर्ती-2018 में आरक्षण विसंगति को लेकर न्याय की आस लगाए बैठे अभ्यर्थियों का सब्र अब पूरी तरह जवाब दे गया है। सोमवार को सुबह ठीक 11 बजे बड़ी संख्या में अभ्यर्थी बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास पर पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया।
वाल्मीकि जयंती पर सुंदरकांड का अनूठा प्रदर्शन
प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय पूरी तरह भक्तिमय और आंदोलित हो उठा जब अभ्यर्थियों ने वाल्मीकि जयंती के पावन अवसर पर मंत्री आवास के बाहर ही राम दरबार स्थापित कर सुंदरकांड का पाठ प्रारंभ कर दिया। हाथों में तख्तियां और न्याय की मांग की पट्टियां लिए अभ्यर्थी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज बुलंद कर रहे थे।
लेकिन कुछ ही देर में पुलिस प्रशासन हरकत में आया और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों को जबरन खींचकर बसों में बैठाया और लखनऊ के ईको गार्डन भेज दिया।
क्या है पूरा विवाद और अभ्यर्थियों की मुख्य मांगें?
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे तूफान सिंह और आशुतोष वर्मा ने कड़े शब्दों में कहा कि अभ्यर्थी पिछले 55 दिनों से लगातार राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग से जारी आदेशों के अनुपालन की मांग कर रहे हैं, लेकिन शासन स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
अभ्यर्थियों की मुख्य मांगें हैं:
कटऑफ में संशोधन: ओबीसी (OBC) वर्ग को आरक्षित श्रेणी का पूरा लाभ देते हुए 150 में से 60 अंक (40 प्रतिशत) के आधार पर परिणाम संशोधित किया जाए।
योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति: संशोधित मेरिट लिस्ट जारी कर सभी पात्र अभ्यर्थियों को तत्काल सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति दी जाए।
दोषियों पर कानूनी कार्रवाई: भर्ती में आरक्षण विसंगति और गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं।
कई बार लगाई गुहार, पर नहीं निकला नतीजा
तूफान सिंह ने बताया कि वे और उनके साथी कई बार बेसिक शिक्षा मंत्री, प्रदेश सरकार के अन्य कैबिनेट मंत्रियों और विभिन्न जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर अपना पक्ष रख चुके हैं। हर बार आश्वासन तो मिला, लेकिन अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया। इसी प्रशासनिक बेरुखी के चलते उन्हें एक बार फिर शिक्षा मंत्री के आवास का रुख करने पर मजबूर होना पड़ा।
अब शुरू होगी क्रमिक भूख हड़ताल और ‘दस्तक दो अभियान’
पुलिस की धक्का-मुक्की और कार्रवाई से हताश होने के बजाय अभ्यर्थियों ने अपने आंदोलन को और उग्र करने का ऐलान कर दिया है। धरना प्रभारी नवीन चौधरी ने घोषणा की कि सोमवार से अभ्यर्थी अपनी मांगों के समर्थन में क्रमिक भूख हड़ताल शुरू कर रहे हैं। जब तक सरकार ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक यह अनवरत धरना और भूख हड़ताल जारी रहेगी।
इसके साथ ही, अभ्यर्थियों ने ‘दस्तक दो अभियान’ की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत रोजाना किसी न किसी जनप्रतिनिधि या मंत्री के आवास पर पहुंचकर न्याय की मांग उठाई जाएगी।
महिलाओं की हुंकार: अब नहीं सहेंगे अन्याय
आंदोलन में शामिल महिला मोर्चा की प्रतिनिधि रंजना जायसवाल ने दो टूक शब्दों में कहा कि महिला अभ्यर्थी भी लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए सड़क पर संघर्ष कर रही हैं। जब भर्ती में आरक्षण विसंगति की बात खुद आयोग स्वीकार कर चुका है, तो सरकार को तत्काल हस्तक्षेप कर विसंगति दूर करनी चाहिए और पात्रों को उनका हक देना चाहिए।
अभ्यर्थियों ने साफ किया कि उनका यह संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में हुई गड़बड़ी को सुधारने और संवैधानिक न्याय पाने के लिए है।
प्रदर्शन में ये लोग रहे शामिल
आज के इस उग्र प्रदर्शन और सुंदरकांड पाठ में तूफान सिंह, आशुतोष वर्मा, नवीन चौधरी, रंजना जायसवाल, आर.पी. सिंह, आरती पटेल, विनोद प्रजापति, नसीम फरीदी, सुमन, घनश्याम, उमाशंकर गुप्ता, संजीव गुप्ता और सुभाषिनी वर्मा सहित सैकड़ों की संख्या में अभ्यर्थी मौजूद रहे।



