तहसील सदर में संपूर्ण समाधान दिवस : डीएम ने दिए जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश

गौरव कुशवाहा
देवरिया। जिला प्रशासन द्वारा आमजन की समस्याओं के त्वरित और पारदर्शी समाधान के उद्देश्य से शनिवार को तहसील सदर सभागार में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस जन सुनवाई कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने की। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से सुना और निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि शिकायतकर्ता निराश होकर न लौटें, बल्कि उन्हें उनकी समस्याओं का समाधान समयबद्ध रूप से और गुणवत्तापूर्ण मिलना चाहिए।
कार्यक्रम में कुल 61 शिकायती प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए गए, जिनमें भूमि विवाद से संबंधित मामले सबसे अधिक संख्या में रहे। इनमें से 5 मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि शेष 56 प्रकरणों को संबंधित विभागों को त्वरित कार्यवाही के निर्देश के साथ सुपुर्द किया गया।
डीएम दिव्या मित्तल ने राजस्व विभाग से जुड़े अधिकारियों को निर्देशित किया कि भूमि विवाद, अवैध अतिक्रमण और खतौनी विवाद जैसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए। उन्होंने कहा कि लेखपाल नियमित रूप से क्षेत्र में भ्रमण करें और मौके पर जाकर विवादों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि निष्पक्ष समाधान हो सके।
कार्यक्रम के दौरान सदर तहसील क्षेत्र के 3 पात्र लाभार्थियों को तत्काल राशन कार्ड प्रदान कर त्वरित राहत दी गई।
पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर ने कानून-व्यवस्था और पुलिस से जुड़ी शिकायतों पर सुनवाई करते हुए थानाध्यक्षों को निर्देशित किया कि हर मामले की निष्पक्ष जांच कर निर्धारित समयसीमा के भीतर निस्तारण सुनिश्चित करें।
प्राप्त 61 मामलों में से 43 प्रकरण राजस्व विभाग, 9 पुलिस विभाग, 4 विकास विभाग और 5 अन्य विभागों से संबंधित रहे। इस अवसर पर एसडीएम सदर श्रुति शर्मा, संबंधित विभागों के अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, राजस्व निरीक्षक, लेखपाल और पुलिस विभाग के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
जिलाधिकारी ने कहा कि संपूर्ण समाधान दिवस जनसुनवाई की पारदर्शी प्रक्रिया और प्रशासनिक जवाबदेही का आधार है। इसे औपचारिकता न मानते हुए हर अधिकारी इसे गंभीरता से लें और यह सुनिश्चित करें कि जनता की बात को पूरी संवेदनशीलता और संवेदनशीलता के साथ सुना और हल किया जाए।



