उत्तर प्रदेशलखनऊ

डिजिटल लेनदेन में यूपी देश में नंबर 1: सीएम योगी

  • मुख्यमंत्री ने गिनाई ‘अपनी सरकार’ की उपलब्धियां
  • पिछले सात-आठ वर्ष के अंदर उत्तर प्रदेश में लगातार घटी है बेरोजगारी दरः मुख्यमंत्री
  • कसा तंज- 20 करोड़ बेरोजगारी भत्ता बांटने के लिए सपा ने समारोह के आयोजन पर खर्च कर दिए थे 15 करोड़ रुपये
  • डीबीटी ने भ्रष्टाचार की कमर पर किया सबसे कठोर प्रहार, डीबीटी ट्रांजेक्शन से उत्तर प्रदेश को हुई 10 हजार करोड़ रुपये की बचतः मुख्यमंत्री
  • डीबीटी बजरंग बली की गदा है, जो बेईमानी व भ्रष्टाचार पर कठोर प्रहार कर रही हैः योगी
  • बोले- सही दिशा में आगे बढ़ रहा है प्रदेश, मजबूत हो रही यूपी की अर्थव्यवस्था

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में डिजिटल क्रांति आई है। 2017-18 में 122.84 करोड़ का डिजिटल ट्रांजेक्शन था। 2024-25 में बढ़कर (दिसंबर 2024 तक) 1024.41 करोड़ डिजिटल ट्रांजेक्शन यूपी से हुआ है। डिजिटल लेनदेन में यूपी देश में नंबर एक है। आधे से अधिक लेनदेन यूपीआई के माध्यम से हुए हैं।

गांवों तक इंटरनेट व वाईफाई की मिली है सुविधा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डिजिटल ट्रांजेक्शन यह दिखाता है कि डिजिटल बैंकिंग आसान हुई है। गांवों तक इंटरनेट, वाई-फाई की सुविधा मिली है। वित्तीय जागरूकता व उपक्रमों की पर्याप्त संख्या उपलब्ध हुई है। सीएम ने बताया कि बैंकों की संख्या 20416, बैंक मित्र व बीसी सखी चार लाख 932, 18747 एटीएम तथा चार लाख 40 हजार बैंकिंग केंद्रों के माध्यम से प्रदेशवासियों को बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

डीबीटी ने भ्रष्टाचार की कमर पर किया सबसे कठोर प्रहार

सीएम योगी ने कहा कि डीबीटी ने भ्रष्टाचार की कमर पर सबसे कठोर प्रहार किया है। डीबीटी बजरंग बली की गदा है, जो बेईमानी व भ्रष्टाचार पर कठोर प्रहार कर रही है। डीबीटी में लाभार्थी का पैसा सीधे खाते में पहुंच रहा है। 11 विभागों की 207 योजनाएं (113 केंद्रीय व 94 राज्य सेक्टर) हैं। प्रदेश में एक वर्ष में 9 करोड़ 8 लाख से अधिक लोगों तक एक लाख 11 हजार 637 करोड़ का भुगतान डीबीटी के माध्यम से किया गया है। डीबीटी ट्रांजेक्शन के कारण प्रदेश को 10 हजार करोड़ रुपये की बचत हुई है। सीएम ने बताया कि यूपी में अप्रैल 2000 से जून 2017 तक 3303 करोड़ रुपये का एफडीआई (फॉरेन डायरेक्ट इनवेस्टमेंट) आया था। 2017 से 2024 तक यूपी में 14 हजार 8 करोड़ रुपये से अधिक का एफडीआई आया है। यह बताता है कि प्रदेश सही दिशा में आगे बढ़ा है।

अर्थव्यवस्था की रीढ़ होती है बैंकिंग तंत्र

सीएम योगी ने कहा कि बैंकिंग तंत्र अर्थव्यवस्था की रीढ़ होती है। 2016-17 में यूपी में बैंकों में 12 लाख 75 हजार करोड़ रुपये जमा होते थे, जबकि 2024-25 में यह राशि 29 लाख 66 हजार करोड़ रुपये हो गई यानी सवा दो गुने से अधिक जमा हुए हैं। 2016-17 में प्रदेश का सीडी रेसियो मात्र 44-45 फीसदी था, जो बढ़कर आज 61 फीसदी पहुंचा है।

मजबूत हो रही यूपी की अर्थव्यवस्था

सीएम ने बताया कि आरबीआई बुलेटिन में उन्होंने कहा कि बैंक व वित्तीय संस्थाओं से प्रोजेक्ट फाइनेंसिंग के लिए फंड आकर्षित करने में 16.2 प्रतिशत की रेट से यूपी देश में शीर्ष पर है। प्रधानमंत्री जनधन योजना के अंतर्गत संपूर्ण वित्तीय समावेशन की योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना व अटल पेंशन स्कीम में यूपी नंबर एक पर है। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना में यूपी नंबर दो और पीएम स्वनिधि योजना में स्ट्रीट वेंडर्स को सर्वाधिक ऋण देने में यूपी देश में प्रथम है। सर्वाधिक आयकर रिटर्न भरने वालों में यूपी देश में नंबर दो पर आ चुका है। हमारे यहां इनकम टैक्स रिटर्न भरे जा रहे हैं। इसका प्रमाण है कि यूपी की अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है।

पिछले सात-आठ वर्ष के अंदर लगातार घटी है बेरोजगारी दर

सीएम योगी ने प्रदेश के अंदर बेरोजगारी दर पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में बेरोजगारी दर 17 से 19 फीसदी थी, लेकिन पिछले सात-आठ वर्ष के अंदर यह लगातार घटी है। 2023-24 में बेरोजगारी दर 3.4 फीसदी है। देश के अंदर अन्य राज्यों की बेरोजगारी दर अलग-अलग है। जम्मू-कश्मीर में 6.7 फीसदी, केरल में 7 फीसदी, पंजाब में 6.1 फीसदी व हिमाचल प्रदेश में 4.3 फीसदी है। सीएम ने तंज कसते हुए बताया कि 20 करोड़ बेरोजगारी भत्ता बांटने के लिए समाजवादी पार्टी ने समारोह के आयोजन में ही 15 करोड़ रुपये खर्च कर दिए थे।

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