Ram Mandir : रामलला के प्रसाद की शुद्धता पर लगी मुहर, राम मंदिर को मिला ‘ईट राइट प्लेस ऑफ वर्शिप’ का दर्जा

अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि मंदिर को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की ओर से ‘ईट राइट प्लेस ऑफ वर्शिप’ का प्रमाणपत्र दिया गया है। यह प्रमाणपत्र मंदिर में प्रसाद और खाद्य पदार्थों की सुरक्षा व साफ-सफाई के निर्धारित मानकों के अनुपालन के लिए प्रदान किया गया है। एफएसएसएआई के सीईओ रजित पुन्हानी ने अयोध्या में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान यह प्रमाणपत्र सौंपा। इसकी वैधता दो वर्ष है।
खाद्य सुरक्षा और साफ-सफाई के मानकों पर खरा उतरा मंदिर
श्री राम जन्मभूमि मंदिर ने ‘ईट राइट प्लेस ऑफ वर्शिप’ का दर्जा हासिल करने के लिए एफएसएसएआई की ओर से निर्धारित खाद्य सुरक्षा और साफ-सफाई से जुड़े मानकों को पूरा किया है। इस पहल का उद्देश्य देशभर के धार्मिक स्थलों पर स्वच्छ और सुरक्षित भोजन की व्यवस्था को बढ़ावा देना है। धार्मिक स्थलों पर बड़ी मात्रा में प्रसाद भगवान को अर्पित किया जाता है और बाद में इसे श्रद्धालुओं में वितरित किया जाता है। ऐसे में प्रसाद की तैयारी, रखरखाव और वितरण के दौरान स्वच्छता तथा खाद्य सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी होता है।
धार्मिक स्थलों पर सुरक्षित भोजन को बढ़ावा देने की पहल
एफएसएसएआई की ‘ईट राइट प्लेस ऑफ वर्शिप’ पहल धार्मिक स्थलों पर भोजन की स्वच्छता और सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। राम मंदिर को यह प्रमाणपत्र मिलना निर्धारित मानकों के अनुपालन को दर्शाता है। एफएसएसएआई ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी।
प्राधिकरण ने बताया कि अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र को आधिकारिक तौर पर ‘ईट राइट प्लेस ऑफ वर्शिप’ के रूप में प्रमाणित किया गया है। पोस्ट के मुताबिक, एफएसएसएआई के सीईओ रजित पुन्हानी ने एक विशेष समारोह में मंदिर को प्रमाणपत्र सौंपा।



