अयोध्या में राम मंदिर के चंदे की चोरी पर खुलासा, 40 दिन में 70 बार की गई चोरी और गबन; CCTV फुटेज से मिले सबूत

यूपी के अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले के आरोपियों के ज्यूडिशियल रिमांड नोट में चंदे की चोरी, सीसीटीवी में कैद चंदे की चोरी, अनियमितताओं, टिन्नू की जिम्मेदारियों और खामियों के बारे में बताया गया है। पुलिस ने चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार किए गए सभी 8 आरोपियों को अदालत में पेश किया और बताया कि शुरुआती जांच में सभी के खिलाफ चोरी के सबूत मिले हैं।
जेब में भरकर कैश-ज्वेलरी ले जाते थे आरोपी
पुलिस ने कोर्ट को बताया कि सीसीटीवी फुटेज में आरोपी चढ़ावे के पैसे और जेवर चोरी करते हुए दिखाई दे रहे हैं। टिन्नू यादव समेत अनुकल्प, अविनाश, करुणेश, मनीष यादव, लवकुश, रमा शंकर मिश्र गिनती के बाद अपने साथ कैश और ज्वेलरी जेब में रखकर बाहर ले जाते थे।
बरामद किए जा चुके हैं करीब 79.84 लाख रुपये
जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि 7 आरोपियों के पास से अब तक करीब 79.84 लाख रुपये बरामद किए जा चुके हैं। ये रिकवरी 7 आरोपियों की निशानदेही पर हुई है। हालांकि, 8वें आरोपी सुभाष श्रीवास्तव के पास से रिकवरी नहीं हुई है।
टिन्नू के पास थीं कैश काउंटर्स और नोट गिनने वाले हॉल की चाबियां
टिन्नू यादव कैश काउंटर्स, दान पात्र, नोट गिनने वाले हॉल की चाबियां अपने पास रखता था। आरोपी अनुकल्प मिश्रा पर वाउचर बनाने की प्रक्रिया में गड़बड़ी करने और अपने बहनोई लवकुश मिश्रा के साथ मिलकर हेराफेरी करने का आरोप है। पुलिस ने लवकुश मिश्रा के घर से करीब 10 लाख रुपये बरामद किए हैं।
40 दिन में 70 बार चोरी या गबन हुआ
जांच में सामने आया कि कई आरोपी सिफारिश के आधार पर नोट गिनने के काम में लगाए गए थे और ड्यूटी खत्म होने के बाद उनकी तलाशी भी नहीं ली जाती थी। SIT ने 27 अप्रैल से 5 जून 2026 तक की सीसीटीवी फुटेज खंगाली, जिसमें करीब 70 बार चोरी या गबन जैसी गतिविधियां दिखाई दीं।
तीन दिन कस्टडी में भेजे गए आरोपी
SIT की शुरुआती जांच में चढ़ावा गिनने की व्यवस्था, रिकॉर्ड रखने, सीसीटीवी कवरेज और आंतरिक निगरानी व्यवस्था में कई बड़ी खामियां सामने आई हैं। रेगुलर जज न होने के चलते ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने आज सभी 8 आरोपियों को तीन दिन यानी रविवार तक जेल भेज दिया है। पुलिस को कस्टडी की जरूरत होगी तो सोमवार को रेगुलर जज की कोर्ट में पुलिस रिमांड याचिका लगा सकती है।



