जनपद न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का ऐतिहासिक आयोजन, 1.74 लाख वादों का निस्तारण

गौरव कुशवाहा
देवरिया में शनिवार को जनपद न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें कुल 1,74,325 मामलों का निस्तारण किया गया। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह ने की। कार्यक्रम की शुरुआत न्यायालय परिसर में फीता काटने, मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण से हुई। इस अवसर पर न्यायाधीशगण, अधिवक्तागण और बड़ी संख्या में वादकारी उपस्थित रहे।
लोक अदालत में विभिन्न न्यायिक अधिकारियों के प्रयास से कई महत्वपूर्ण वादों का समाधान निकाला गया। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी इफ्तेखार अहमद ने 96 मामलों का निस्तारण कर ₹7,56,47,500 की प्रतिकर राशि दिलाई, जिससे पीड़ित पक्षों को त्वरित राहत मिली। परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश ने 5 पारिवारिक वाद, जबकि अपर प्रधान न्यायाधीश ने 30 पारिवारिक मामलों का निपटारा किया, जिससे कई परिवारों को वर्षों से लंबित विवादों से मुक्ति मिली।

बैंक ऋण मामलों में भी लोक अदालत में बड़ी सफलता देखने को मिली। बड़ौदा यूपी बैंक से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण ऋण मामलों का समझौता कराया गया, जिसमें ध्रुप सिंह और सलीम चिश्ती के ऋण मामलों को तय मानकों के आधार पर कम रकम में निपटाया गया। यह न सिर्फ ऋणी पक्षों के लिए राहत का विषय था, बल्कि बैंकों के लिए भी विवादों के त्वरित समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रहा।
इस दौरान जनपद न्यायाधीश देवेन्द्र सिंह ने स्वयं एक वाद का निस्तारण कर ₹500 की प्रतिकर राशि दिलाई। इसके अतिरिक्त, विभिन्न प्रकार के अन्य वादों में कुल ₹17,48,23,707 का सेटलमेंट किया गया, जिससे बड़ी संख्या में वादकारियों को त्वरित न्याय प्राप्त हुआ।
लोक अदालत के सफल आयोजन का श्रेय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मनोज कुमार तिवारी को जाता है, जिनके अथक प्रयासों से यह आयोजन अत्यधिक प्रभावशाली रहा। इस लोक अदालत में न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं की सक्रिय भागीदारी के कारण न्याय प्रणाली में आम जनता का विश्वास और मजबूत हुआ। लोगों ने इस पहल को त्वरित न्याय प्रणाली का बेहतरीन उदाहरण बताया और इसे भविष्य में भी जारी रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।



