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शालीमार पैराडाइज के 10 करोड़ चोरी कांड का खुलासाः पड़ोसी ही निकला मास्टरमाइंड, ऑनलाइन ट्रेडिंग और सट्टे की लत ने बनाया गुनहगार

बाराबंकी: बाराबंकी की पॉश कॉलोनी शालीमार पैराडाइज में हुई करोड़ों की चोरी के सनसनीखेज मामले का बाराबंकी पुलिस ने सफल खुलासा कर दिया है। स्वाट, सर्विलांस और थाना कोतवाली नगर की संयुक्त पुलिस टीम ने इस मामले में पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे और निशानदेही पर भारी मात्रा में चोरी किए गए जेवरात, एक लाइसेंसी पिस्टल, 9 जिंदा कारतूस, शस्त्र लाइसेंस, 14 लाख 85 हजार नकद तथा घटना में प्रयुक्त ऑडी कार बरामद की है। मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि चोरी की पूरी साजिश पीड़ित के घर के सामने रहने वाले युवक ने ही रची थी।

जानकारी के अनुसार एक मई को अजय कुमार सिंह बघेल निवासी बंगला संख्या C-5, शालीमार पैराडाइज सफेदाबाद बाराबंकी ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि 19 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 के बीच वह अपने परिवार के साथ काम के सिलसिले में घर से बाहर थे। इसी दौरान अज्ञात चोरों ने उनके बंद मकान में घुसकर लॉकर से लाइसेंसी पिस्टल, शस्त्र लाइसेंस, नगदी और कीमती जेवरात चोरी कर लिए। मामले में थाना कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज किया गया।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक बाराबंकी अर्पित विजयवर्गीय ने तत्काल स्वाट, सर्विलांस और कोतवाली नगर पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर घटना के शीघ्र खुलासे के निर्देश दिए। पुलिस टीम ने मैनुअल इंटेलिजेंस, डिजिटल डेटा और सीसीटीवी फुटेज की मदद से घटना की कड़ियां जोड़ते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों में आकर्ष सिंह उर्फ यश पुत्र आदित्य नारायण सिंह निवासी A-11 निवासी शालीमार पैराडाइज बाराबंकी मूल निवासी आलोपी बाग प्रयागराज, ऋत्विक यादव पुत्र विनोद कुमार यादव निवासी अल्लापुर प्रयागराज, अनुराग कथूरिया उर्फ अरमान पुत्र नरेन्द्र कुमार निवासी त्रिवेणीपुरम प्रयागराज, ऋषि कुमार सोनी उर्फ चन्दन पुत्र गिरीश कुमार निवासी चक बताशा मंडी प्रयागराज और पृथ्वी प्रताप सिंह उर्फ ओम पुत्र स्व. सुनील सिंह निवासी अहरौला आजमगढ़ शामिल हैं।

पूछताछ में सामने आया कि पूरी चोरी की योजना आकर्ष सिंह ने बनाई थी। आकर्ष सिंह पीड़ित अजय कुमार सिंह के घर के सामने ही रहता था। उसने पुलिस को बताया कि शेयर मार्केट में भारी नुकसान होने के कारण वह आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। इसी वजह से उसने अपने साथियों अनुराग कथूरिया और पृथ्वी प्रताप सिंह के साथ मिलकर चोरी की साजिश रची। एक रात पहले इन लोगों ने रिहर्सल करके अंदर जाने के रास्ते और सारे सामान की जानकारी भी कर ली थी। योजना के तहत 24/25 अप्रैल की रात पृथ्वी प्रताप सिंह को अपने घर की छत पर निगरानी के लिए तैनात किया गया था, जो फोन कॉल के जरिए किसी के आने-जाने की सूचना दे रहा था। इसी दौरान आकर्ष सिंह ने अजय कुमार सिंह के घर में घुसकर लॉकर से नगदी, जेवरात और पिस्टल चोरी कर ली। चोरी के बाद सामान को ऑडी कार से प्रयागराज ले जाया गया और अनुराग कथूरिया के घर पर रखा गया। बाद में अनुराग ने ऋषि उर्फ चन्दन और ऋत्विक यादव से संपर्क कराया। कुछ जेवरात बेच दिए गए थे जबकि बाकी ज्वैलरी गलवाने की तैयारी चल रही थी। बेचे गये जेवर के कुछ पैसे इन लोगों ने शेयर ट्रेडिंग में भी लगा दिये थे। जिससे मिले पैसे को आकर्ष नेे शेयर ट्रेडिंग में लगाया। पुलिस ने उस रकम को अकाउंट में फ्रीज करा दिया है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में सोने-चांदी के जेवरात, रजवाड़ा हार, अंगूठियां, इयररिंग, पायल, बिछिया, मांगटीका, कड़े, पेंडेंट, Tissot और Rado कंपनी की घड़ियां, 6 मोबाइल फोन, एक लाइसेंसी 7.62 बोर पिस्टल, 9 जिंदा कारतूस, शस्त्र लाइसेंस, 14.85 लाख नकद तथा घटना में प्रयुक्त ऑडी कार नंबर बरामद की है। घटना का सफल खुलासा करने पर पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने संयुक्त पुलिस टीम को 25 हजार नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। कार्रवाई में स्वाट टीम के प्रभारी उ.नि. अंकित त्रिपाठी, सर्विलांस सेल प्रभारी उ.नि. अजय सिंह तथा थाना कोतवाली नगर के प्रभारी निरीक्षक सुधीर कुमार सिंह सहित कई पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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