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माइक्रोसॉफ्ट अपने हजारों कर्मचारियों को क्यों दे रहा VRS? 51 साल पुरानी कंपनी ने क्यों लिया ये फैसला?

दुनिया का जानी-मानी टेक कंपनी माइ्क्रोसॉफ्ट ने एक झटके में हजारों कर्मचारियों को VRS यानी वॉलेन्टियरी रिटायरमेंट देने का फैसला किया है। 51 साल पुरानी कंपनी ने पहली बार यह फैसला किया है। अमेरिका में माइक्रोसॉफ्ट के पास 1,25,000 कर्मचारी हैं, जिनमें से 8,750 कर्मचारियों को VRS लेने के लिए कहा है। कंपनी ने हाल ही में करीब 15,000 लोगों को नौकरी से भी निकाला है। क्या AI की वजह से माइक्रोसॉफ्ट को ये फैसला लेना पड़ा है? आइए, जानते हैं…

क्या है माइक्रोसॉफ्ट का VRS फॉर्मूला?

माइक्रोसॉफ्ट ने VRS लिस्ट में शामिल होने के लिए कर्मचारियों के लिए तीन सूत्री फॉर्मूला तैयार किया है, जो उम्र, पोस्ट और सेल्स इंन्सेंटिव प्लान पर निर्भर करता है। अगर, आप इन तीनों में से किसी एक फॉर्मूला में फिट होते हैं तो आपको VRS लेना होगा। इसके लिए कंपनी ने 7 मई तक की डेडलाइन दी है यानी 7 मई तक ऐसे VRS में शामिल होने वाले कर्मचारियों की लिस्ट जारी कर दी जाएगी। इसके 30 दिन यानी 1 महीने के अंदर कर्मचारियों को निर्णय लेना होगा कि वो VRS चाहते हैं या नहीं?

क्या हैं तीन सूत्री फॉर्मूला?

माइक्रोसॉफ्ट ने सबसे पहले उम्र का क्राइटेरिया लगाया है, जिसमें एक अलग तरह का कैल्कुलेशन करना होता है। इसके लिए सबसे पहले कर्मचारी की उम्र को माइक्रोसॉफ्ट में बिताए गए साल में जोड़ना होता है। अगर, इसका कुल 70 या इससे ज्यादा होता है तो वो VRS के लिए एलीजिबल होंगे। उदाहरण के तौर पर किसी की उम्र 52 साल है और उसने 18 साल कंपनी ने बिताया है, तो वो VRS के लिए एलीजिबल होगा।

दूसरा ये कि आप कंपनी में किस पद पर काम करते हैं। यह प्रोग्राम सीनियर डायरेक्टर लेवल (लेवल 67) या इससे कम लेवल पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए है। इससे ऊपर के केवल यानी वाइस प्रेसिडेंट, CVP और एग्जीक्यूटिव VRS के लिए एलीजिबल नहीं हैं।

तीसरा ये कि अगर कोई कर्मचारी सेल्स इंसेंटिव प्लान पर कंपनी में काम कर रहे हैं तो वो VRS के लिए एलिजिबल नहीं हैं चाहे उसकी उम्र ही क्यों न एलीजिबल हो रही हो। हालांकि, माइक्रोसॉफ्ट ने इस एग्जिट प्लान को लेकर ज्यादा एक्सप्लेन नहीं किया है।

क्यों लिया फैसला?

जैसा कि पिछले कुछ सालों में देखने को मिला है AI की वजह से पूरी टेक इंडस्ट्री में उथल-पुथल मचा हुआ है। ज्यादातर कंपनियां AI में ज्यादा से ज्यादा निवेश कर रही हैं, ताकि कंपीटिशन में बने रहे। इसलिए कंपनियां कॉस्ट कटिंग पर फोकस कर रही है ताकि बचे हुए पैसे को AI में निवेश किया जा सके। इस समय माइक्रोसॉफ्ट का स्टॉक प्राइस 25 से 30% तक कम है, जिसकी वजह से कंपनी का रेवेन्यू लॉस हो रहा है। यही कारण है कि कंपनी ने ज्यादा सॉफ्ट तरीके से अपने वर्कफोर्स को कम करने के लिए यह VRS सिस्टम अपनाया है।

माइक्रोसॉफ्ट ने 2023 में करीब 10,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला था। कंपनी ने ग्लोबल वर्कफोर्स में कुल 5% की कटौती की थी। कंपनी के क्राइटेरिया में खास तौर पर उम्रदराज कर्मचारी आते हैं, जिनकी उम्र 50 साल से ऊपर की होगी। ऐसे कर्मचारियों की जगह कंपनी युवाओं को साथ लेकर चलना चाहती है।

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