उत्तर भारत में भीषण गर्मी का कहर जारी, यूपी-उत्तराखंड समेत इन राज्यों को मिलेगी निजात, आईएमडी ने जताई बारिश की आशंका

दिल्ली। दिल्ली में शनिवार को न्यूनतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई और भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने दिन के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी करते हुए कुछ इलाकों में ऊष्ण लहर की स्थिति बनने की चेतावनी जारी की है। सफदरजंग केंद्र में न्यूनतम तापमान 25.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 2.5 डिग्री अधिक है। यह एक दिन पहले की तुलना में 0.7 डिग्री सेल्सियस अधिक है।
मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली के अन्य मौसम केंद्रों में भी शनिवार को न्यूनतम तापमान में मामूली वृद्धि दर्ज की गई। इससे एक दिन पहले शहर के कुछ इलाकों में इस मौसम में पहली बार ऊष्ण लहर दर्ज की गई थी। पालम में न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो शुक्रवार की तुलना में 1.2 डिग्री अधिक है। लोधी रोड में न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहा जो एक दिन पहले से 1.4 डिग्री अधिक है।
आया नगर में न्यूनतम तापमान 25.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो 1.7 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि है। आईएमडी के एक अधिकारी ने कहा, ”शहर के कुछ इलाकों में ऊष्ण लहर की स्थिति बन सकती है। दिन में 15 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लगातार सतही हवाएं चल सकती हैं।” मौसम विभाग ने शनिवार को अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान जताया है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) सुबह नौ बजे 243 यानी ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया, जबकि शुक्रवार शाम चार बजे तक पिछले 24 घंटे का औसत एक्यूआई 226 (खराब) रहा था। सीपीसीबी के मानकों के अनुसार, एक्यूआई शून्य से 50 के बीच ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ माना जाता है। दिल्ली के लिए वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली (एक्यूईडब्ल्यूएस) ने सप्ताहांत में एक्यूआई के ‘खराब’ श्रेणी में बने रहने और उसके बाद सुधार के साथ ‘मध्यम’ श्रेणी में रहने का जताया है।
रांची समेत 18 जिलों में तेज हवा के साथ होगी हल्की बारिश
झारखंड की राजधानी रांची समेत पूरा राज्य इन दिनों भीषण गर्मी झेल रहा है। हीटवेव की वजह से स्कूलों की टाइमिंग भी बदल दी गई है लेकिन शनिवार को मौसम में बदलाव के संकेत मिले हैं। रांची सहित 18 जिलों में 25 अप्रैल को मेघ गर्जन व तेज हवा के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। इन जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। बारिश होने से लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।
गर्मी से मिलेगी राहत
बोकारो, धनबाद सहित नौ जिलों में 26 अप्रैल को वज्रपात, ओलावृष्टि, आंधी व बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने इन जिलों में ओरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, 27 अप्रैल तक रांची सहित रामगढ़, हजारीबाग, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज, पाकुड़ जिला में कहीं-कहीं आंधी, वज्रपात, ओलावृष्टि के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है।
उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज
उत्तराखंड में मौसम ने करवट ले ली है और गढ़वाल के पहाड़ों में बारिश के आसार हैं। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार राज्य में आगामी एक सप्ताह तक मौसम के मिजाज में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। खासतौर पर गढ़वाल मंडल के पर्वतीय क्षेत्रों और मैदानी इलाकों में मौसम की स्थिति एक-दूसरे से भिन्न रहेगी।
गढ़वाल के पहाड़ों में बारिश के आसार
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण गढ़वाल के चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और आसपास के इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवा चलने का आसार हैं। वहीं, देहरादून और नैनीताल जैसे क्षेत्रों में भी बादल छाने और हल्की बौछारें पड़ने का अनुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 25 अप्रैल को अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 19 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। कई स्थानों पर झोंकेदार हवाएं चलने और धूल भरी आंधी आने की संभावना भी जताई गयी है। इसके विपरीत हरिद्वार और गढ़वाल के मैदानी क्षेत्रों में गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा।
सुबह से दोपहर तक तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों को परेशान करेंगी। हालांकि रात के समय तापमान में हल्की गिरावट से कुछ राहत मिल सकती है। आने वाले दिनों में इन क्षेत्रों में तापमान में 1 से 2 डिग्री तक वृद्धि होने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार 26 अप्रैल को गढ़वाल के पर्वतीय इलाकों में तेज हवाएं और बिजली कड़कने की स्थिति बन सकती है, जबकि 27 और 28 अप्रैल को बारिश होने के आसार हैं। उत्तरकाशी, चमोली और ऊंचाई वाले अन्य क्षेत्रों में बौछारें पड़ने की संभावना है। वहीं हरिद्वार सहित मैदानी क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क बना रहेगा। प्रशासन और मौसम विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि बदलते मौसम को देखते हुए सतर्क रहें और विशेषकर पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा के दौरान सावधानी बरतें।
यूपी में प्रचंड गर्मी और लू का प्रकोप
उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप लगातार जारी है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में 25 अप्रैल को मौसम शुष्क रहने की संभावना है, जबकि दिन के समय कई स्थानों पर उष्ण लहर (लू) चलने और कुछ स्थानों पर उष्ण रात्रि की स्थिति बनी रह सकती है।
27 से मिल सकती है फौरी राहत
मौसम विभाग द्वारा शनिवार को जारी हीट वेव बुलेटिन में कानपुर नगर, कानपुर देहात, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, जालौन, हमीरपुर, झांसी, बरेली, पीलीभीत, रामपुर, फर्रुखाबाद, कन्नौज, उन्नाव, बाराबंकी, रायबरेली, अयोध्या, प्रतापगढ़, फतेहपुर, बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, मिर्जापुर, सोनभद्र, आजमगढ़, मऊ, बलिया, बहराइच, सीतापुर, हरदोई, मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, बुलंदशहर, हाथरस और एटा समेत अनेक जिलों में लू चलने की संभावना जताई गई है।
राजधानी लखनऊ, कानपुर नगर, प्रयागराज, वाराणसी और बुंदेलखंड क्षेत्र के जिलों में अधिकतम तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज होने की संभावना है, जबकि आगरा, मथुरा, इटावा, फिरोजाबाद और अलीगढ़ मंडल में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़ और गौतमबुद्ध नगर में भी तेज गर्म हवाएं लोगों को परेशान कर सकती हैं।
मौसम विभाग के अनुसार आगामी तीन से चार दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि होने के बाद हल्की गिरावट संभव है। वहीं न्यूनतम तापमान में भी दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि के संकेत हैं। 27 अप्रैल से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम बदलने के आसार हैं।
कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा और बौछारें पड़ सकती हैं, जबकि 29 और 30 अप्रैल को पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई स्थानों पर मेघगर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है।
मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 11 बजे से 3 बजे के बीच अनावश्यक बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने, हल्के सूती वस्त्र पहनने तथा बच्चों, बुजुर्गों और पशुओं का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। किसानों को गन्ना, ग्रीष्मकालीन मक्का, दलहन और सब्जियों की सिंचाई नियमित रूप से जारी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।



