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NEET Re-Exam 2026: चंद मिनटों की देरी से बरबाद हुई सालों की मेहनत…, कई छात्रों की छूटी परीक्षा… टूटा डॉक्टर बनने का सपना

लखनऊ/नई दिल्लीः चंद मिनटों की देरी से बरबाद हुई सालों की मेहनत… कई छात्रों की छूटी परीक्षा और टूट गया डॉक्टर बनने का सपना। NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा रविवार को दोपहर 2 बजे सख्त निगरानी के बीच शुरू हुई और शाम 5:15 बजे समाप्त हो गई, लेकिन लेट पहुंचने वाले अभ्यर्थियों के लिए यह दिन भारी साबित हुआ। मई में पेपर लीक विवाद के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) इस बार अपनी विश्वसनीयता साबित करने के दबाव में नजर आई। इसी कारण परीक्षा प्रक्रिया को पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और नियंत्रित बनाया गया। इस बार उम्मीदवारों को प्रश्नपत्र हल करने के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया गया, जिससे उन्हें थोड़ा राहत जरूर मिली। हालांकि, एंट्री टाइम को लेकर सख्ती बरकरार रही।

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डिजिटल सुरक्षा की बात करें तो देश के 551 शहरों में बने 5,440 केंद्रों पर 1.38 लाख से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों से लाइव नजर रखी गई, जिसे सीधे मंत्रालय स्तर पर मॉनिटर किया गया। साथ ही, किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक रिमोट सिग्नल को रोकने के लिए रिकॉर्ड 51,311 जैमर भी लगाए गए।

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कहीं गेट फांदने की मजबूरी, तो कहीं दुर्घटना के बाद भी नो-एंट्री

सख्ती का आलम यह रहा कि ठीक 1:30 बजे केंद्रों के मुख्य द्वार सील कर दिए गए। इसके बाद पहुंचे कई अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया।

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बेंगलुरु में मची अफरातफरी

एंट्री का समय खत्म होने के बाद पहुंचे छात्र गेट लांघकर अंदर जाने की कोशिश करते दिखे, जिन्हें सुरक्षाकर्मियों ने नियमों का हवाला देकर रोक दिया।

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पट्टी बांधकर पहुंचा छात्र, फिर भी नहीं मिला प्रवेश

एक बेहद भावुक करने वाला मामला सामने आया जहां केंद्र की तरफ आ रहे एक छात्र का रास्ते में एक्सीडेंट हो गया। सिर पर बैंडेज और फर्स्ट-एड लेकर जब वह देरी से पहुंचा, तो अधिकारियों ने परीक्षा शुरू होने की बात कहकर उसे बैरंग लौटा दिया।

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200 मीटर के दायरे में अघोषित कर्फ्यू

सुरक्षा को देखते हुए परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू कर दी गई है, जिससे आम लोगों की आवाजाही पूरी तरह बंद रही।

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अजमेर में बुर्के पर विवाद, बाद में मिली अनुमति

राजस्थान के अजमेर में उस वक्त तनाव की स्थिति बन गई जब कुलसुम बानो नाम की छात्रा ने आरोप लगाया कि उसे पारंपरिक हिजाब और बुर्के में अंदर जाने से रोक दिया गया। छात्रा का कहना था कि उसने पिछली बार भी इन्हीं कपड़ों में परीक्षा दी थी और पहचान की कीमत पर वह परीक्षा छोड़ने को तैयार है। हालांकि, विवाद बढ़ता देख NTA ने दखल दिया और बाद में छात्रा को प्रवेश की अनुमति मिल गई। अजमेर में सुरक्षा की कमान BSF और CRPF के जवानों ने संभाल रखी थी।

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लखनऊ से लेकर केरल तक सुरक्षा और सुविधाओं का नया ढांचा

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 75 केंद्रों पर करीब 35 हजार से अधिक छात्र शामिल हुए, जिनकी निगरानी के लिए 4 एसीपी समेत भारी पुलिस बल और सादी वर्दी में खुफिया कर्मी तैनात रहे। दिल्ली और केरल की छात्राओं ने बताया कि पिछली बार की कमियों से सबक लेते हुए इस बार परीक्षा हॉलों में कूलर और ठंडे पानी के पुख्ता इंतजाम थे, जिससे तनाव के बीच थोड़ी राहत मिली। केरल की एक अभ्यर्थी के मुताबिक, मिला हुआ अतिरिक्त समय पेपर को बेहतर ढंग से हल करने में बेहद मददगार साबित होगा।

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गूगल मैप की वजह से छूटी परीक्षा

मुरादाबाद में कई NEET उम्मीदवार अपनी परीक्षा नहीं दे पाए, क्योंकि गूगल मैप ने उन्हें गलत जगह का रास्ता दिखा दिया था. निर्धारित परीक्षा केंद्र R.N. इंटर कॉलेज पर समय से न पहुंच पाने के कारण उन्हें अंदर जाने नहीं दिया गया।

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