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तमिलनाडु का सियासी सस्पेंस: राज्यपाल ने विजय से कहा- ‘आपके पास बहुमत नहीं’, राजभवन से खाली हाथ लौटे टीवीके प्रमुख

चेन्नई। तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) के प्रमुख विजय कांग्रेस के समर्थन से तमिलनाडु में सरकार बनाने का दावा पेश करने के एक दिन बाद, राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मिलने लोक भवन पहुंचे। तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में टीवीके के अप्रत्याशित रूप से सबसे बड़े दल के रूप में उभरने के बाद विजय 24 घंटे के भीतर दूसरी बार लोक भवन गए हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, उन्होंने बुधवार को कांग्रेस पार्टी का समर्थन पत्र राज्यपाल को सौंपा था और सरकार बनाने का दावा पेश किया था। हालांकि, राज्यपाल ने इस मामले में अभी कोई फैसला नहीं किया है।

तमिलनाडु राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के प्रमुख विजय को समझाया कि उनकी पार्टी के पास सरकार बनाने के लिए आवश्यक समर्थन नहीं है। लोक भवन ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। लोक भवन ने कहा कि राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने टीवीके अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय को बृहस्पतिवार को लोक भवन आमंत्रित किया। बुधवार के बाद दोनों के बीच यह दूसरी बातचीत थी।

लोक भवन ने एक विज्ञप्ति में कहा, ”बैठक के दौरान माननीय राज्यपाल ने समझाया कि उनके पास तमिलनाडु विधानसभा में सरकार गठित करने के लिए आवश्यक बहुमत अभी तक नहीं है।” विजय ने सरकार गठन को लेकर राज्यपाल से 24 घंटे के भीतर दूसरी बार बृहस्पतिवार को मुलाकात की। टीवीके ने 23 अप्रैल को हुए चुनावों में 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीट जीतीं और वह सबसे बड़े दल के रूप में उभरी। हालांकि, पांच विधायकों वाली कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन दिया है, लेकिन अभिनेता से नेता बने विजय के नेतृत्व वाली पार्टी 200 से अधिक सदस्यीय सदन में बहुमत के 118 के आंकड़े से अब भी कुछ सीट दूर है।

किन सीटों पर अटकी बात

टीवीके ने 108 सीट जीती हैं जिनमें से विजय को उन दो सीट में से एक से इस्तीफा देना होगा, जिन पर उन्होंने जीत हासिल की है। द्रमुक नीत गठबंधन के हिस्से के रूप में चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस ने पाला बदलते हुए सरकार बनाने के लिए विजय को समर्थन दे दिया। ऐसा करके कांग्रेस ने अपने पांच विधायकों का समर्थन टीवीके की प्रभावी संख्या 107 में जोड़ दिया।

हालांकि, 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी 118 के आंकड़े तक पहुंचने के लिए टीवीके के पास अब भी संख्या कम है। टीवीके नेता वी. एस. बाबू ने शपथ ग्रहण और सरकार गठन के बारे में पूछे गए सवाल पर पत्रकारों से कहा, ”यह जल्द होगा और देखते हैं कि आगे क्या होता है।” उन्होंने केंद्र की ओर से कथित दबाव के बारे में पूछे जाने पर कहा कि जिन बातों की उन्हें जानकारी नहीं है, उन पर वह टिप्पणी नहीं करेंगे। बाबू ने कहा, ”जिन चीजों के बारे में मुझे जानकारी नहीं है, मैं उन पर बात नहीं करूंगा।

शपथ ग्रहण समारोह रद्द होने से निराश होकर लौटे टीवीके समर्थक

तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) के सैकड़ों समर्थक अपने नेता विजय को मुख्यमंत्री बनते देखने की आस लिए बृहस्पतिवार को शहर के नेहरू इनडोर स्टेडियम पहुंचे, लेकिन वहां बंद द्वार और निर्धारित कार्यक्रम को लेकर जानकारी के अभाव के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। राज्य के अरुम्बक्कम और कोयंबटूर जैसे विभिन्न नजदीकी और दूरस्थ हिस्सों से आए कई समर्थकों ने परिसर बंद मिलने और कोई आधिकारिक सूचना नहीं होने पर गहरी निराशा व्यक्त की।

प्रशंसकों और पार्टी समर्थकों ने कहा कि वे कतार में जगह पाने के लिए सुबह जल्दी पहुंचे थे, लेकिन वहां पहुंचकर उनका दिल टूट गया। विजय की एक समर्थक चारुलता ने उन्हें हुई भावनात्मक पीड़ा का जिक्र करते हुए कहा, ”हम बहुत खुशी के साथ आए थे कि वह आज मुख्यमंत्री बनेंगे, लेकिन यहां कुछ भी नहीं है। द्वार बंद हैं। यह बहुत पीड़ादायक है।” उनकी बेटी और 12वीं कक्षा की छात्रा साई दीपिका ने कहा, ”मैं यहां आने को लेकर बहुत उत्साहित थी। मैंने सभी से कहा था कि वह जीतेंगे और लोगों के लिए अच्छे काम करेंगे।”

विजय की एक अन्य समर्थक गुणसुंदरी ने कहा, ”मैं सार्वजनिक रूप से कहती हूं कि मैंने विजय को वोट दिया। मुझे विश्वास है कि वह जरूरतमंदों की मदद करेंगे। इस तरह द्वार बंद देखकर मुझे बहुत दुख हुआ।” जमीनी स्तर पर भ्रम की स्थिति के बावजूद वहां जुटी भीड़ अपने राजनीतिक चयन को लेकर अडिग रही। कई समर्थकों ने उन पर विश्वास करने का एक अहम कारण यह बताया कि विजय ने पार्टी गतिविधियों के लिए स्वतंत्र रूप से धन जुटाने का फैसला किया। भावुक गुणसुंदरी ने कहा, ”उन्होंने अपने झंडे या मंच के लिए लोगों से एक रुपया भी नहीं लिया। उन्होंने सब कुछ खुद किया।”

उन्होंने कहा, ”भले ही लोग उन्हें बदनाम करने या बाधाएं पैदा करने की कोशिश करें, अंततः वही जीतेंगे।” कई लोगों ने कहा कि वे समाचार रिपोर्ट और सोशल मीडिया पर किए गए दावों के आधार पर बृहस्पतिवार सुबह जल्दी वहां पहुंचे थे। कुछ समर्थकों ने बताया कि वे सार्वजनिक परिवहन से आए और यह सोचकर घंटों इंतजार करते रहे कि कोई आधिकारिक घोषणा या कार्यक्रम जल्द होने वाला है। गुणसुंदरी ने कहा, ”मेरे बेटे ने मुझे बताया था कि कल घोषणाएं की गई थीं और आज सभी लोग आ रहे हैं।” उन्होंने कहा, ”मैंने उसे यह भी नहीं बताया कि मैं निकल रही हूं। मैं उन्हें पहली बार बस सामने से देखने के लिए यात्रा पर निकल पड़ी।

प्रदेश सचिव एम वीरपांडियन से मुलाकात की

तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) नेता निर्मल कुमार ने बृहस्पतिवार को चेन्नई में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के प्रदेश सचिव एम वीरपांडियन से मुलाकात की और सरकार गठन में भाकपा का समर्थन मांगा। हाल में संपन्न तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी टीवीके के पास अकेले दम पर सरकार बनाने के लिए पर्याप्त संख्या बल नहीं है। अभिनेता-नेता विजय के नेतृत्व वाली टीवीके के संयुक्त महासचिव कुमार ने चेन्नई स्थित भाकपा कार्यालय का दौरा किया। उन्होंने पार्टी नेताओं से सरकार गठन में टीवीके का सहयोग करने की अपील की।

कुमार ने कहा कि टीवीके सरकार गठन के लिए वाम दलों, वीसीके (विदुथलाई चिरुथिगल काची) और आईयूएमएल (इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग) से पहले ही समर्थन की अपील कर चुकी है और उन्हें पूरा विश्वास है कि पार्टी राज्य में सरकार बनाएगी। वीरपांडियन से मुलाकात के बाद कुमार ने संवाददाताओं से कहा, “पार्टियों ने हमारे अनुरोध का जवाब देने के लिए समय मांगा है।”

यह पूछे जाने पर कि क्या टीवीके ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से भी संपर्क किया है, कुमार ने कहा, “हमने उनसे संपर्क नहीं किया है और न ही हमारा ऐसा करने का इरादा है।” टीवीके ने तमिलनाडु विधानसभा की 234 सीट में से 108 पर जीत दर्ज की है। सरकार बनाने के लिए उसे 10 और सदस्यों के समर्थन की जरूरत है। कांग्रेस पहले ही टीवीके के समर्थन की घोषणा कर चुकी है।

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