
नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी गठबंधन INDIA रविवार को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में महारैली कर रहा है। कांग्रेस ने इस शक्ति प्रदर्शन में 20 से अधिक विपक्षी दलों के शीर्ष नेताओं के साथ करीब 10 लाख समर्थकों के जुटने का दावा किया है। पिछले 25 दिनों में यह नौवां मौका है, जब विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर एकजुट होकर आवाज उठा रहे हैं।
महारैली को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी समेत कई प्रमुख विपक्षी नेता संबोधित करेंगे।
सुबह 10 से शाम 5 बजे तक कार्यक्रम की अनुमति
महारैली को देखते हुए दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक इंतजाम किए हैं। पुलिस ने कार्यक्रम के लिए सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक की अनुमति दी है। तय समय के बाद मैदान खाली करना होगा। किसी को भी रात में रुकने की इजाजत नहीं होगी।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत रामलीला मैदान और आसपास के संवेदनशील इलाकों में दिल्ली पुलिस के साथ केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं। सुबह से ही कार्यकर्ताओं और समर्थकों का मैदान में पहुंचना शुरू हो गया। बारिश और नमी के कारण कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सुबह मैदान की सफाई भी की।
इस विरोध प्रदर्शन को सामाजिक कार्यकर्ता अभिजीत दिपके ने भी समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि वोट चोरी के खिलाफ लड़ने वाले सभी लोकतांत्रिक प्रयासों के साथ एकजुटता जरूरी है।
व्यापारियों को 10 हजार करोड़ के नुकसान की आशंका
त्योहारी सीजन में आयोजित हो रही महारैली को लेकर दिल्ली के व्यापारिक संगठनों ने चिंता जताई है। रामलीला मैदान के पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले 20 से अधिक थोक बाजारों में कारोबार प्रभावित होने की आशंका है। इनमें चांदनी चौक, सदर बाजार, खारी बावली, नया बाजार, चावड़ी बाजार, दरियागंज और कश्मीरी गेट जैसे प्रमुख बाजार शामिल हैं।
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के अध्यक्ष बृजेश गोयल के मुताबिक, सुरक्षा बैरिकेडिंग और पाबंदियों के चलते बाहरी राज्यों से आने वाले तीन से चार लाख व्यापारी बाजारों तक नहीं पहुंच पाएंगे। इससे करीब 10 हजार करोड़ रुपये के व्यापारिक नुकसान की आशंका है।
व्यापारियों की नाराजगी के बीच राहुल गांधी ने वीडियो संदेश जारी कर कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे रैली और प्रदर्शन में शामिल होने के साथ दिल्ली के छोटे व्यापारियों और स्थानीय बाजारों से खरीदारी भी करें। इससे स्थानीय कारोबार को नुकसान के बजाय फायदा पहुंच सकेगा।
सुप्रीम कोर्ट में भी चल रही कानूनी लड़ाई, 17 नवंबर को सुनवाई
SIR और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विवाद को लेकर विपक्ष की लड़ाई अदालत में भी जारी है। 12 अक्टूबर को विपक्षी मार्च के बाद 12 दलों के 13 प्रमुख नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।
27 अक्टूबर को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ के सामने चुनाव आयोग ने दलील दी थी कि SIR से जुड़े फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे। शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ताओं को चुनाव आयोग के जवाब पर अपना पक्ष रखने के लिए 10 दिन का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर 2026 को निर्धारित की गई है।



