पंजाबराज्य

एशियन चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर हॉकी जगत में जबरदस्त उत्साह

चंडीगढ़/जालंधर, 30 अक्टूबर

पंजाब की धरती पर पहली बार आयोजित हो रहे अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट एशियन चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर हॉकी जगत में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम में खेले जा रहे मुकाबलों को लेकर न केवल हॉकी प्रेमियों में खासा उत्साह है, बल्कि भारतीय हॉकी टीम में शामिल पंजाबी खिलाड़ियों के परिजन और देश के पूर्व हॉकी खिलाड़ी भी अपने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में स्टेडियम पहुंच रहे हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने टूर्नामेंट के उद्घाटन अवसर पर कहा था कि इस प्रतियोगिता के आयोजन से भारतीय हॉकी खिलाड़ियों की लंबे समय से चली आ रही इच्छा पूरी होगी। जहाँ खिलाड़ी चाहते थे कि उन्हें अपने ही घर और अपनी धरती पर अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेलने का अवसर मिले। अब पंजाब ने वर्ष 2030 में होने वाले हॉकी विश्व कप की मेजबानी के लिए भी अपनी दावेदारी पेश की है। हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ ने पंजाब में विकसित किए गए हॉकी के बुनियादी ढांचे को विश्वस्तरीय बताया है।

भारतीय हॉकी टीम में पंजाब के आठ खिलाड़ी शामिल हैं। इनमें कप्तान हरमनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह, मनदीप सिंह, दिलप्रीत सिंह, सुखजीत सिंह, जुगराज सिंह, जरमनप्रीत सिंह और कृष्ण बहादुर पाठक शामिल हैं।
इन खिलाड़ियों के परिजन भी नियमित रूप से मैच देखने पहुंच रहे हैं। भारतीय टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह के पिता सरबजीत सिंह, माता राजविंदर कौर, पत्नी अमनदीप कौर, उनके सास-ससुर तथा बेटियां रूहानत और मेहर भी खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के लिए स्टेडियम में मौजूद रहे। हार्दिक सिंह के पिता वरिंदर सिंह भी मैच देखने पहुंचे। उन्होंने पहले मुकाबले के दौरान मुख्यमंत्री की सुरक्षा में एसपी सिक्योरिटी के रूप में अपनी ड्यूटी भी निभाई। हार्दिक की माता ओनिया राय तथा उनके परिवार के सदस्य भी इस अवसर पर मौजूद रहे।

इसके अलावा ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता गुरमेल सिंह, एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता राजबीर कौर, मनदीप सिंह के पिता रविंदर सिंह और माता दविंदरजीत कौर, सुखजीत सिंह के पिता अजीत सिंह और माता कुलदीप कौर, जरमनप्रीत सिंह के पिता बलबीर सिंह और माता कुलविंदर कौर तथा दिलप्रीत सिंह के पिता बलविंदर सिंह और माता सुखवंत कौर भी अपने लाडलों का हौसला बढ़ाने के लिए दर्शक गैलरी में मौजूद रहते हैं।

हार्दिक सिंह का छोटा भाई, जो हाल ही में भारतीय टीम की ओर से जूनियर एशिया कप जीतकर लौटा है, भी अपने बड़े भाई को खेलते हुए देखने के लिए स्टेडियम पहुंचा। इस दौरान एक भावुक और यादगार दृश्य तब देखने को मिला, जब कप्तान हरमनप्रीत सिंह की चार महीने की बेटी मेहर पहली बार हॉकी मैदान में पहुंची। मैच के बाद हरमनप्रीत ने उसे गोद में उठाकर खूब दुलार किया। यह दृश्य खिलाड़ियों के पारिवारिक जुड़ाव और खेल के प्रति उनके समर्पण का सुंदर उदाहरण बना।

हॉकी पंजाब के प्रधान नितिन कोहली ने कहा कि मुख्यमंत्री स.भगवंत सिंह मान के प्रयासों से पंजाब के इतिहास में पहली बार इस स्तर के अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट का आयोजन संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि यह प्रतियोगिता हॉकी प्रेमियों के लिए मुख्यमंत्री की ओर से एक बड़ा उपहार है। अब उन्हें हॉकी के गढ़ पंजाब में एशिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों को अपनी आंखों के सामने खेलते देखने का अवसर मिल रहा है।

हॉकी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर पूर्व हॉकी खिलाड़ियों में भी खासा उत्साह है। तीन बार के ओलंपियन और भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान बलजीत सिंह ढिल्लों ने इस आयोजन को पंजाब की हॉकी के लिए शुभ संकेत बताते हुए कहा कि इससे युवा खिलाड़ियों को नई प्रेरणा मिलेगी। उद्घाटन समारोह में हॉकी सहित विभिन्न खेलों के ओलंपियन और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बड़ी संख्या में पहुंचे थे। इसके बाद भी प्रतिदिन होने वाले मुकाबलों के दौरान पूर्व ओलंपियन खिलाड़ियों की उपस्थिति बनी हुई है।

पंजाब पुलिस में वरिष्ठ पदों पर तैनात ओलंपियन हरप्रीत सिंह मंडेर और ओलंपियन गुरबाज सिंह ने दर्शक गैलरी में बैठकर मैचों का आनंद लिया। मॉस्को ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता सुरिंदर सिंह सोढ़ी ने तीसरे दिन के मुकाबलों के दौरान खिलाड़ियों से मुलाकात की। वहीं, ओलंपियन गुरजंट सिंह और गुरविंदर सिंह चंदी ने मैन ऑफ द मैच सम्मान समारोह की अध्यक्षता की।

पूरे टूर्नामेंट के दौरान 70 से अधिक वालंटियर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इनमें सुरजीत हॉकी अकादमी के खिलाड़ी और कम उम्र के युवा हॉकी खिलाड़ी शामिल हैं। ये युवा न केवल बॉल बॉय की भूमिका निभा रहे हैं, बल्कि टीमों के परिचय के दौरान राष्ट्रीय ध्वज लेकर भी मैदान में पहुंचते हैं। उल्लेखनीय है कि भारतीय हॉकी टीम के मौजूदा खिलाड़ी हरमनप्रीत सिंह, मनदीप सिंह, हार्दिक सिंह, जरमनप्रीत सिंह और कृष्ण पाठक भी कभी इसी स्टेडियम में सुरजीत हॉकी अकादमी के विभिन्न आयु वर्गों में प्रशिक्षण लेकर खेला करते थे। आज इन्हीं खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलते देखकर अकादमी के युवा खिलाड़ी प्रेरणा प्राप्त कर रहे हैं।

जालंधर में 27 अक्टूबर को एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का उद्घाटन हुआ था। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में मेजबान भारत के अलावा दक्षिण कोरिया, जापान, मलेशिया, चीन और बांग्लादेश की टीमें भाग ले रही हैं। 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक सभी लीग मुकाबले जालंधर के ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम में खेले जाएंगे, जबकि 4 और 5 नवंबर को सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले आयोजित होंगे।

Khwaza Express

Khwaza Express Media Group has been known for its unbiased, fearless and responsible Hindi journalism since 2008. The proud journey since 16 years has been full of challenges, success, milestones, and love of readers. Above all, we are honored to be the voice of society from several years. Because of our firm belief in integrity and honesty, along with people oriented journalism, it has been possible to serve news & views almost every day since 2008.

संबंधित समाचार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button