
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के स्टेट मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड में हाल ही में किए गए बदलावों को लेकर भाजपा की केंद्र सरकार की आलोचना की (बीबीएमबी) के खिलाफ़ कार्रवाई की मांग करते हुए, उन्होंने कहा कि यह कदम पंजाब की नदियों के पानी पर कब्ज़ा करने और राज्य के अपने संसाधनों पर कानूनी अधिकारों को कमज़ोर करने की एक बड़ी कोशिश है।
बुधवार को चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, बलतेज पन्नू ने कहा कि पंजाब का अन्याय का सामना करने का एक लंबा इतिहास रहा है, लेकिन राज्य ने हमेशा मज़बूती से जवाब दिया है, भले ही पहले राज्य के अंदर के कुछ नेताओं ने इसकी स्थिति को कमज़ोर किया हो। उन्होंने कहा कि पंजाब के साथ हुए अन्याय की कहानी लंबी है, लेकिन राज्य के लोगों ने हमेशा दोगुनी ताकत से इसका मुकाबला किया है। दुर्भाग्य से, पहले पंजाब के ही कुछ नेताओं ने राज्य के हितों को कमज़ोर करने में भूमिका निभाई थी।
राज्य मीडिया इंचार्ज ने कहा कि बीबीएमबी के ज़रूरी पदों को देश भर के उम्मीदवारों के लिए खोलने का केंद्र का फ़ैसला पंजाब पुनर्गठन एक्ट, 1966 और बीबीएमबी के गठन के समय किए गए प्रबंधों की भावना विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि पंजाब पुर्नगठन एक्ट, 1966 के तहत और बाद में 1976 में जब बीबीएमबी का गठन हुआ था, तो ये ज़रूरी पद पंजाब के लिए थे। अब, केंद्र अपने अफ़सरों को तैनात करके कंट्रोल अपने हाथ में करना चाहता है।
इस घटनाक्रम को पंजाब के पानी के स्त्रोतो को लूटने के बड़े एजेंडा से जोड़ते हुए, बलतेज पन्नू ने इशारा किया कि हरियाणा पिछले साल ही अपने निर्धारित हिस्से का पानी खत्म कर चुका था और बाद में उसने और सप्लाई की मांग की थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने साफ़ कर दिया था कि अगर हरियाणा अपने हिस्से का ठीक से इस्तेमाल नहीं कर पाया है, तो यह उनकी गलती है, पंजाब की नहीं। इस साल भी, पंजाब ने बार-बार हरियाणा को पानी का कम इस्तेमाल करने की सलाह दी है।
बलतेज पन्नू ने आगे कहा कि मौजूदा अफ़सरों को हटा कर उनकी जगह केंद्र से जुड़े व्यक्तियों को लगाने की कोशिश की जा रही है ताकि पंजाब के पानी से जुड़े फ़ैसलों को प्रभावित किया जा सके। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि पंजाब पहले से ही जमीनी पानी के बहुत ज़्यादा इस्तेमाल और उसके नतीजों का खामियाज़ा भुगत रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब पहले से ही बहुत परेशान है, धान की खेती की वजह से हमारा ग्राउंड वॉटर खत्म हो गया है, और पेस्टिसाइड्स की वजह से लोग कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं।



