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भगवंत मान सरकार श्री गुरु रविदास जी द्वारा दिखाए गए समानता के सिद्धांतों पर कार्य कर रही है; युवा गुरु साहिब के ‘बेगमपुरा’ के संकल्प वाला भारत बनाने के लिए आगे आएं : हरपाल सिंह चीमा

चंडीगढ़,अमृतसर/12 मई :  श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को बड़े स्तर पर मनाने के लिए पंजाब सरकार द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत आज गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी में श्री गुरु रविदास जी की वाणी और शिक्षाओं को समर्पित एक विशेष सेमिनार आयोजित किया गया।

सेमिनार को संबोधित करते हुए पंजाब के वित्त, योजना, कर एवं आबकारी तथा परिवहन मंत्री सरदार हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “युवाओं को श्री गुरु रविदास जी द्वारा दिखाए गए ‘बेगमपुरा’ के संकल्प वाला भारत बनाने के लिए आगे आना चाहिए। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार श्री गुरु रविदास जी द्वारा दिखाए गए समानता के सिद्धांतों के अनुसार कार्य कर रही है।”

हरपाल सिंह चीमा ने बताया, “पंजाब सरकार द्वारा खुरालगढ़ में श्री गुरु रविदास स्मारक का विस्तार किया जा रहा है तथा फरीदपुर गांव में श्री गुरु रविदास बाणी अध्ययन केंद्र की स्थापना की जा रही है, जिसका कार्य बहुत जल्द शुरू होगा।”

श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाओं के बारे में बोलते हुए वित्त मंत्री ने कहा, “भले ही भारत सहित दुनिया के सभी देशों के संविधान समानता और न्याय की बात करते हैं, लेकिन श्री गुरु रविदास जी ने लगभग 650 वर्ष पहले ही आध्यात्मिक रूप से यह संदेश मानवता तक पहुंचाया और दुनिया को ‘बेगमपुरा’ का संकल्प दिया। आज भी समाज से भेदभाव समाप्त करने और समानता स्थापित करने के लिए श्री गुरु रविदास जी के सिद्धांतों पर चलने की आवश्यकता है।”

शताब्दी समारोहों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “यह हमारे लिए गर्व की बात है कि हम अपने महान गुरुओं की शताब्दियां मना रहे हैं। श्री गुरु रविदास जी के 649वें प्रकाश पर्व के अवसर पर खुरालगढ़ से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 650वें प्रकाश पर्व को बड़े स्तर पर मनाने और गुरु साहिब का संदेश पूरी दुनिया तक पहुंचाने के लिए वर्षभर विशेष कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की थी।”

हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “ऐसे सेमिनारों का उद्देश्य विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में आध्यात्मिक वातावरण तैयार करना और विद्यार्थियों को गुरु रविदास जी के सामाजिक सुधार के संदेश से जोड़ना है।”

श्री गुरु रविदास जी की वाणी और शिक्षाओं पर चर्चा में भाग लेते हुए संत गुरदीप गिरी जी ने कहा, “श्री गुरु रविदास जी के 40 शब्द और एक श्लोक श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी में दर्ज हैं। गुरु रविदास जी ने अपनी वाणी में प्रेम और भक्ति को विशेष महत्व दिया तथा सामाजिक असमानता और जात-पात के भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई।”

युवा पीढ़ी को संबोधित करते हुए संत गुरदीप गिरी जी ने कहा, “युवाओं को जात-पात और सामाजिक विभाजन से ऊपर उठकर श्री गुरु रविदास जी द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलना चाहिए।”

कैबिनेट मंत्री श्री लाल चंद कटारूचक्क ने कहा, “हम सभी को श्री गुरु रविदास जी द्वारा 650 वर्ष पहले दिए गए समानता और सभी को बराबर अवसर देने के सिद्धांतों को अपने व्यावहारिक जीवन में अपनाना चाहिए। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और पंजाब सरकार द्वारा गुरु साहिब का संदेश विश्व स्तर पर फैलाने के लिए किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “ऐसे सेमिनार और विचार-विमर्श युवा विद्यार्थियों के मन में आर्थिक असमानता, भेदभाव और सामाजिक अन्याय से जुड़े सवालों के जवाब देने में सहायक होंगे। जिस असमानता और भेदभाव के खिलाफ श्री गुरु रविदास जी ने 650 वर्ष पहले आवाज उठाई थी, उसकी जड़ें आज भी समाज में मौजूद हैं और युवाओं को सामाजिक समानता के लिए गुरु साहिब की शिक्षाओं पर चलना चाहिए।”

गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के पंजाबी अध्ययन विभाग के प्रमुख प्रो. मनजिंदर सिंह ने अपने मुख्य भाषण में कहा, “गुरु रविदास जी ने समाज के सबसे पिछड़े वर्गों को भी सम्मान और आत्मविश्वास प्रदान किया।”

प्रो. मनजिंदर सिंह ने कहा, “गुरु रविदास जी की विचारधारा विश्व राजनीतिक चिंतन के लिए बड़ी देन साबित हो सकती है। राजनीतिक विद्वानों को ‘बेगमपुरा’ के संकल्प का अध्ययन कर उसे विश्व राजनीति शास्त्र का हिस्सा बनाना चाहिए। उपनिषदों और भारतीय दर्शन में जो आध्यात्मिक ज्ञान था, उसे गुरु रविदास जी ने आम लोगों की भाषा में समझाया।”

इससे पहले गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. करमजीत सिंह ने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और अन्य मेहमानों का स्वागत किया। सेमिनार को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाओं को अपनाकर समाज से पाखंडवाद को समाप्त कर समानता पर आधारित समाज बनाया जा सकता है।”

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