पंजाबराज्य

पंजाब सरकार ने नशे के विरुद्ध जागरूकता के लिए करवाई शानदार मैराथन

माहिलपुर/होशियारपुर। पंजाब सरकार की ओर से नशे के खात्मे के लिए छेड़ा गया अभियान ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ के तहत शहीद-ए-आज़म सरदार भगत सिंह की शहादत को समर्पित नेशनल मैराथन का आयोजन आज सुबह स्थानीय श्री गुरु गोबिंद सिंह खालसा कॉलेज में किया गया। इस मैराथन में समाज के हर वर्ग के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और नशों के खिलाफ जागरूकता फैलाने तथा खेलों को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।

सुबह 4 बजे से शुरू हुई इस मैराथन में 42 किलोमीटर वर्ग के धावकों को सुबह 5 बजे डिप्टी स्पीकर जय कृष्ण सिंह रौड़ी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि पंजाबियों के उत्साह और बहादुरी के सामने नशे की समस्या को खत्म करना कोई बड़ी चुनौती नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी के सांझे प्रयासों से नशे का खात्मा पूरी तरह संभव है, जिसके लिए पंजाब सरकार लगातार बड़े एक्शन ले रही है ताकि रंगले पंजाब का सपना साकार किया जा सके।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर आयोजित इस राष्ट्रीय मैराथन का उद्देश्य लोगों को नशों के खिलाफ जागरूक करना और युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करना है। लोगों द्वारा बड़े स्तर पर दिए गए सकारात्मक समर्थन से यह स्पष्ट होता है कि सरकार के नशा-विरोधी प्रयासों ने जमीनी स्तर पर अच्छा प्रभाव छोड़ा है।

डिप्टी स्पीकर जय कृष्ण सिंह रौड़ी ने 21 किलोमीटर और 10 किलोमीटर वर्ग के धावकों को झंडी दिखाकर रवाना करते हुए कहा कि युवाओं का मैराथन के प्रति उत्साह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि माहिलपुर में इतनी बड़ी पहल में शामिल होकर युवाओं ने नशों के खिलाफ संदेश को दूर-दराज तक पहुंचाने का संकल्प लिया है।

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार नशों के खात्मे के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और पिछले चार वर्षों में नशों के विरुद्ध कई बड़ी कार्रवाइयां की गई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि माहिलपुर पहले फुटबॉल के गढ़ के रूप में जाना जाता था, लेकिन पिछले समय में यहां नशों का प्रभाव बढ़ गया था। अब मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में नशों के खात्मे के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि शहीदों के सपनों का पंजाब बनाया जा सके।

उन्होंने कहा कि लोगों द्वारा “नशे को ना और खेलों को हां” का दिया गया संदेश बेहद सराहनीय है, जिससे नशों के प्रभाव को रोककर खेलों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को हासिल किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर और डिप्टी स्पीकर जय कृष्ण सिंह रौड़ी ने 5 किलोमीटर मैराथन की शुरुआत करवाई। इस अवसर पर डॉ. गुरप्रीत कौर ने कहा कि लड़कियों द्वारा बड़ी संख्या में भाग लेना बहुत प्रशंसनीय है।

डॉ. गुरप्रीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार नशों के खात्मे के लिए हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है और खेलों के क्षेत्र में विशेष पहल की जा रही हैं। उन्होंने डिप्टी स्पीकर और उनकी पूरी टीम को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि ऐसी पहलें लगातार जारी रहनी चाहिए, ताकि युवा पीढ़ी को नशों से दूर रखा जा सके।

शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह के भतीजे किरनजीत सिंह संधू, जो विशेष रूप से इस कार्यक्रम में पहुंचे थे, ने कहा कि युवाओं को स्वस्थ और नशामुक्त रखने के लिए यह बेहद सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि भगत सिंह की सोच भी सभी को समानता और स्वस्थ जीवन प्रदान करने की थी, जिसके लिए उन्होंने देश की आने वाली पीढ़ियों के लिए अपने प्राण न्योछावर किए।

उन्होंने कहा कि सामाजिक बुराइयों को खत्म कर हमें शहीदों के सपनों को साकार करने के लिए अपना योगदान देना चाहिए।

मैराथन के विजेताओं के लिए पुरस्कार राशि:

डिप्टी स्पीकर ने बताया कि 42 किलोमीटर में 142, 21 किलोमीटर में 350, 10 किलोमीटर में 513 और 5 किलोमीटर में 2867 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
शहीद-ए-आज़म सरदार भगत सिंह नेशनल मैराथन के 42 किलोमीटर वर्ग में पुरुष और महिला वर्ग के लिए पहला पुरस्कार 1 लाख रुपए, दूसरा 75 हजार रुपए, तीसरा 40 हजार रुपए, चौथा 30 हजार रुपए, पांचवां 20 हजार रुपए, छठा 15 हजार रुपए, सांतवां 10 हजार रुपए, आठवां 8 हजार रुपए, नौवां 6 हजार रुपए और दसवां 5 हजार रुपए प्रति विजेता दिए गए।
इसी तरह 21 किलोमीटर वर्ग में विभिन्न आयु वर्गों के लिए 19-30, 31-40, 41-50, 51-60 और 60 वर्ष से अधिक के पहले तीन विजेताओं को क्रमशः 30 हजार, 15 हजार और 10 हजार रुपए प्रदान किए गए।
10 किलोमीटर वर्ग में भी इसी आयु वर्ग के अनुसार क्रमशः 20 हजार, 10 हजार और 5 हजार रुपए के पुरस्कार दिए गए।

5 किलोमीटर वर्ग में पुरुष और महिला वर्ग के लिए पहला पुरस्कार 5 हजार रुपए, दूसरा 3 हजार रुपए, तीसरा 2 हजार रुपए, चौथा 1500 रुपए, पांचवां 1000 रुपए, छठा 900 रुपए, सातवां 800 रुपए, आठवां 700 रुपए, नौवां 600 रुपए और दसवां 500 रुपए प्रति विजेता दिए गए।

दिव्यांगजन वर्ग के लिए 1 किलोमीटर में पुरुष और महिला वर्ग के लिए पहला पुरस्कार 5 हजार रुपए, दूसरा 3 हजार रुपए, तीसरा 2 हजार रुपए, चौथा 1500 रुपए तथा पांचवां और छठा स्थान के लिए 1000-1000 रुपए प्रति विजेता प्रदान किए गए।

मैराथन के अवसर पर ओलंपियन एवं अर्जुन अवॉर्डी स्वर्ण सिंह, एशियन चैंपियन चरणमोहन, एशियन चैंपियन हरदीप सिंह, एशियन चैंपियन प्रभजोत सिंह, एशियन चैंपियन कोमल प्रीत शुक्ला, एशियन चैंपियन अनमोल कौर, एशियन गेम्स खिलाड़ी राजविंदर कौर, वर्ल्ड पुलिस गेम्स चैंपियन वीरपाल कौर, कॉमनवेल्थ चैंपियन रवनीत कौर, वर्ल्ड पुलिस गेम्स चैंपियन रमणदीप कौर, सैफ गेम्स की नवनीत कौर, एशियन चैंपियन बलजिंदर सिंह, वर्ल्ड पुलिस गेम्स चैंपियन परविंदर सिंह, एशियन चैंपियन हरप्रीत सिंह, रणदीप कौर, वर्ल्ड पुलिस गेम्स चैंपियन जगमीत सिंह, वर्ल्ड कप चैंपियन प्रियंका ठाकुर, वर्ल्ड पुलिस गेम्स चैंपियन गुरशरणप्रीत कौर, वर्ल्ड पुलिस गेम्स के अमनभाई, सन्नी, प्रदीप कुमार, डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन, एस.एस.पी. संदीप कुमार मलिक, जिला खेल अधिकारी गुरप्रीत सिंह, आम आदमी पार्टी के नेता परमिंदर गोल्डी, प्रिंस चौधरी, चरणजीत कौर हवेली, कुलजीत सिंह, इंदरजीत सिंह, नवप्रीत कौर, जुझार सिंह, कमलेश, कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. परमिंदर सिंह, खेल प्रमोटर कुलवंत सिंह संघा सहित बड़ी संख्या में पंचायतों और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा विभिन्न स्कूल-कॉलेजों के विद्यार्थी उपस्थित थे।

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