24 नवंबर से शुरू होगा कतकी मेला, 45 दिन चलेगा, 400 साल पुरानी परंपरा फिर सजाएगी गोमती तट

गोमती नदी के किनारे झूलेलाल वाटिका में लगने वाले ऐतिहासिक कतकी मेले की रौनक इस बार और खास होने वाली है। करीब 400 साल पुरानी परंपरा से जुड़े इस मेले का ठेका इस बार 4.61 करोड़ रुपये में उठा है। पिछले साल के मुकाबले ठेके की रकम में 1.84 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। 24 नवंबर से शुरू होकर 7 जनवरी 2027 तक चलने वाले मेले में अवध की तहजीब, पारंपरिक बाजार और खान-पान के रंग देखने को मिलेंगे।
2.77 करोड़ से बढ़कर 4.61 करोड़ पहुंची बोली
कतकी मेले के लिए नगर निगम की ओर से निविदा प्रक्रिया नगर आयुक्त गौरव कुमार और अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त की निगरानी में पूरी की गई। निविदा समिति की संस्तुति के बाद नगर आयुक्त ने खुशी ट्रेडर्स की वित्तीय बोली को मंजूरी दे दी। इस बार मेले का ठेका 4.61 करोड़ रुपये में दिया गया है, जबकि पिछले वर्ष यह रकम 2.77 करोड़ रुपये थी। इस तरह ठेके की धनराशि में करीब 66.43 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इससे नगर निगम को पिछले साल की तुलना में 1.84 करोड़ रुपये अधिक मिलेंगे। ठेका हासिल करने वाली फर्म को टेंडर की कुल धनराशि का 50 प्रतिशत सोमवार तक नगर निगम के खाते में जमा कराना होगा।
400 साल से चली आ रही मेले की परंपरा
गोमती नदी के तट पर कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर लगने वाला कतकी मेला लखनऊ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का अहम हिस्सा है। इसे बुड़क्की या गंगा स्नान मेले के नाम से भी जाना जाता है। इस आयोजन की परंपरा 400 वर्षों से अधिक पुरानी मानी जाती है। हर साल यहां बड़ी संख्या में लोग खरीदारी और मेले का आनंद लेने पहुंचते हैं।
मिट्टी के बर्तनों से हलवा-पराठे तक, दिखेगा पुराना लखनऊ
कतकी मेले में पारंपरिक सामान की दुकानों से लेकर खान-पान और मनोरंजन तक, हर उम्र के लोगों के लिए आकर्षण मौजूद रहेंगे। यहां मिट्टी के बर्तन, सिलबट्टे, सूप, डलिया, लोहे के घरेलू उपकरण, चूड़ियां, फर्नीचर, कालीन और कंबल जैसी वस्तुओं की दुकानें सजेंगी। वहीं, हलवा-पराठे की खुशबू और बच्चों के लिए लगाए जाने वाले झूले मेले की रौनक बढ़ाएंगे। 24 नवंबर से 7 जनवरी 2027 तक चलने वाले इस मेले में अवध की गंगा-जमुनी तहजीब और पारंपरिक बाजारों की झलक देखने को मिलेगी। पुराने लखनऊ की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा यह आयोजन एक बार फिर गोमती तट को बाजार, स्वाद और मनोरंजन के रंगों से भर देगा।



