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यूपी में अब ऑनलाइन ही होगी पदोन्नति, मानव संपदा पोर्टल के बाहर हुई DPC मान्य नहीं

  • सरकार ने तय की समयसीमा, 30 जून तक करना होगा पदोन्नत

लखनऊ: प्रदेश सरकार ने पदोन्नति प्रक्रिया में देरी रोकने और चयन प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की ओर से जारी शासनादेश में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि अब पदोन्नति से जुड़े सभी चयन केवल मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किए जाएंगे। इसके लिए विकसित डीपीसी (विभागीय प्रोन्नति कमेटी) मॉड्यूल के अतिरिक्त किसी अन्य माध्यम से की गई चयन प्रक्रिया मान्य नहीं होगी।

मुख्य सचिव ने सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि चयन वर्ष 2026-27 के लिए पदोन्नति से भरे जाने वाले पदों के सापेक्ष चयन प्रक्रिया 30 जून 2026 तक पूरी कर ली जाए। इसके तहत दिसंबर 2026 तक खाली होने वाले सभी पदों को शामिल करते हुए चयन कार्यवाही पूरी करनी होगी।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि चयन वर्ष 2027 के लिए जनवरी से दिसंबर 2027 तक होने वाली रिक्तियों की प्रक्रिया 15 जनवरी 2027 तक पूरी करनी होगी। शासन का कहना है कि समय पर पदोन्नति न होने से सरकारी कामकाज प्रभावित होता है और कर्मचारियों के मनोबल पर भी नकारात्मक असर पड़ता है।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समितियों पर भी फोकस

जिन पदों के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में चयन समिति गठित होती है और कार्मिक विभाग के माध्यम से चयन किया जाना होता है, उनके प्रस्ताव भी जून 2026 के पहले सप्ताह तक मानव संपदा पोर्टल पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा लोक सेवा आयोग के दायरे में आने वाले पदों के लिए अधियाचन भेजने की प्रक्रिया भी समय से पूरी करने को कहा गया है। शासन ने चेतावनी दी है कि निर्देशों का समयबद्ध पालन न होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

डिजिटल होगी पूरी प्रमोशन प्रक्रिया

सरकार का मानना है कि मानव संपदा पोर्टल के जरिए ऑनलाइन डीपीसी प्रक्रिया लागू होने से चयन प्रणाली अधिक पारदर्शी, तेज और जवाबदेह बनेगी। इससे पदोन्नति में होने वाली अनावश्यक देरी कम होगी और रिक्त पदों को समय पर भरा जा सकेगा।

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