
मिडिल-ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच से सामने आ रही है। दरअसल, ईरान ने दावा किया है उन्होंने इजरायल में नेतन्याहू के दफ्तर को निशाना बनाकर हमला किया है। आईआरजीसी ने भी दावा किया है कि नेतन्याहू के कार्यालय पर आज सुबह हमला हुआ, फिलहाल उनकी हालत अज्ञात है। हालांकि इजरायल ने ईरान के इस दावे को झूठ बताया है। इजरायल ने नेतन्याहू के कार्यालय पर हुए हमले को पूरी तरह से नकार दिया है। वहीं ईरान द्वारा इजरायल पर नए मिसाइल हमले के बाद अलर्ट जारी किया गया है। इजरायली सेना द्वारा ईरान से आने वाली मिसाइलों की चेतावनी के मद्देनजर तेल अवीव और यरुशलम में सायरन बज रहे हैं। यह भी जानकारी मिली है कि यरुशलम के अल-कुद्स में भीषण विस्फोट हुए हैं।
इजरायल भी ईरान पर कर रहा हमला
दूसरी तरफ इजरायल की सेना का कहना है कि ईरान पर हुए हमलों की पहली लहर में दो वरिष्ठ ईरानी खुफिया अधिकारी मारे गए हैं। सोमवार को जारी सैन्य बयान में मृतकों की पहचान सैयद याह्या हामिदी और जलाल पूअर हुसैन के रूप में की गई है। बयान में कहा गया है कि हामिदी इजरायल मामलों के खुफिया उप मंत्री थे और उन्होंने “ईरान और विदेशों में यहूदियों, पश्चिमी तत्वों और शासन के विरोधियों को निशाना बनाकर आतंकवादी गतिविधियों का नेतृत्व किया”। बयान में यह भी दावा किया गया है कि हुसैन ईरान के खुफिया मंत्रालय में जासूसी विभाग के प्रमुख थे। बयान में कहा गया है, “उनके साथ, अन्य वरिष्ठ आतंकवादियों को भी मार गिराया गया।
अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से किया हमला
दरअसल, शनिवार को मिडिल-ईस्ट में स्थिति तब गंभीर हो गई जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान के कई इलाकों पर हमले किए, जिनमें सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का कार्यालय भी शामिल था। रविवार को ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की भी एक हमले में मौत हो गई। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के अनुसार, ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर काम जारी रखे हुए है और अमेरिका पर हमला करने वाली मिसाइलें विकसित करने में लगा हुआ है। एक वीडियो संदेश में, राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरानी जनता से खामेनेई शासन के खिलाफ खड़े होने और अपनी खुद की सरकार बनाने की अपील की।



