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बुलडोजर की कार्रवाई और किताबें लेकर भागती दिखी लड़की, विपक्ष ने योगी सरकार पर कसा तंज

यूपी के अंबेडकर नगर के जलालपुर इलाके में सोमवार को अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान झोपड़ियों पर बुलडोजर चलाया गया। बुलडोजर कार्रवाई के दौरान एक आठ वर्षीय लड़की का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है,  जिसमें एक लड़की हाथ में किताबें लेकर भाग रही है और पीछे एक बुलडोजर चल रहा है। लड़की का ये  वीडियो सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने तोड़फोड़ कार्रवाई के लिए यूपी की योगी सरकार की तीखी आलोचना की है।

विपक्ष ने योगी सरकार पर कसा तंज

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एक ट्वीट किया, ‘उप्र के अंबेडकर नगर में एक प्रशासनिक अधिकारी अपनी शान दिखाने के लिए लोगों की झोपड़ियां गिरा रहा है और एक बच्ची अपनी किताबें बचाने के लिए भागने पर मजबूर है। ये वही भाजपाई लोग हैं, जो कहते हैं : बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ!’ इसके बाद कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई ने भी ‘एक्स’ पर वीडियो साझा करते हुए लिखा था, “बुलडोजर से जमींदोज़ होती झोपड़ी से एक बच्ची ने अपना सबसे कीमती सामान निकाला-किताबें! यह वीडियो उन हुक्मरानों के लिए लानत है जो इन बच्चों के हाथों से किताबें और सिर से उनकी छत छीन लेते हैं।’’

पुलिस ने दिया ये बयान

वहीं, अंबेडकर नगर पुलिस ने तोड़फोड़ की कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा, ‘‘जलालपुर तहसीलदार की अदालत द्वारा पारित एक निष्कासन आदेश के बाद गांव की जमीन से अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए यह कार्रवाई की गई थी। गैर-आवासीय ढांचों को हटाने से पहले कई नोटिस जारी किए गए थे। अवैध कब्जाधारियों से सरकारी जमीन वापस लेने के राजस्व न्यायालय के आदेश के पूर्ण अनुपालन में यह ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।’’

जारी हुआ था आदेश

कथित रिकॉर्ड से पता चलता है कि 15 अक्टूबर 2024 के एक आदेश में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 67 के तहत 10 अक्टूबर 2024 के एक निर्णय का संदर्भ दिया गया है जिसमें अरई गांव में एक विवादित भूखंड से राम मिलन नामक व्यक्ति को बेदखल करने का आदेश दिया गया था। अतिक्रमणकारी पर मुआवजे के तौर पर 1,980 रुपये और निष्पादन शुल्क के तौर पर 800 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। मजिस्ट्रेट के आदेश में अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर फ़ैसले को लागू करने का निर्देश दिया गया था।

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