
दुबई। मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने रविवार को कहा कि उसने ईरान के करीब 140 ठिकानों पर हवाई हमले कर अपने हालिया सैन्य अभियान का यह चरण पूरा कर लिया है। अमेरिकी सेना के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य ईरान की उन क्षमताओं को कमजोर करना था, जिनका इस्तेमाल होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले असैन्य जहाजों और वाणिज्यिक नौवहन को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है।
मिसाइल और ड्रोन ठिकानों को बनाया गया निशाना
अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि हमलों के दौरान मिसाइल और ड्रोन प्रक्षेपण स्थल, गोला-बारूद के भंडार, संचार उपकरण और अन्य सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया।
सेंटकॉम के अनुसार, यह कार्रवाई क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा बनाए रखने और होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई।
ईरान ने किया जवाबी हमला
अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान ने रविवार सुबह जवाबी कदम उठाते हुए बहरीन, कतर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को निशाना बनाकर हमले किए। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इन हमलों से हुए नुकसान या हताहतों का कोई आधिकारिक विवरण नहीं दिया गया है।
मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच इस ताजा सैन्य कार्रवाई के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। घटनाक्रम पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता भी बढ़ी है।



